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इलाहाबाद हाईकोर्ट : मृतक के परिजन मुआवजे के लिए जाएं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
Thu, 23 Mar 2023 09:48 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 23 Mar 2023 09:48 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में मृतक के परिजनों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए मुआवजे के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष आवेदन करने को कहा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में मृतक के परिजनों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए मुआवजे के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष आवेदन करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना 2014 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ही जिम्मेदार अथॉरिटी है। कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को मामले के निस्तारण के लिए चार महीने का समय दिया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति मिथिलेश शर्मा व तीन अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याची के अधिवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि बदमाशों ने याचियों के जिम्मेदार पारिवारिक सदस्य की हत्या कर दी। उसके एवज में आश्रितों को कोई क्षतिपूर्ति का भुगतान नहीं किया गया। ट्रायल कोर्ट ने भी कोई आदेश नहीं दिया। इसी वजह से याची ने सीआरपीसी की धारा 372 के तहत मुआवजे की मांग के लिए हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दाखिल की है।
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जवाब में सरकारी अधिवक्ता ने कहा कि योजना के तहत मुआवजे की मांग जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष किया जा सकता है। वह पीड़ित क्षतिपूर्ति दावा के लिए सक्षम अथॉरिटी है। इस पर कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष दावा के लिए आवेदन करने के आदेश दिया। कोर्ट ने मेरठ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी निर्देश दिया है कि वह याची के दावा आवेदन को चार महीने में निस्तारित कराएं।
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