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एलएनजी फ्यूल से सरपट दौड़ेगी भारतीय रेल
Allahabad
Updated Sat, 21 Sep 2013 05:36 AM IST
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इलाहाबाद। डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान रेलवे ने लिक्वीफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) में आगे की संभावनाएं तलाशना शुरू कर दिया है। रेलवे की योजना परवान चढ़ी तो भविष्य में डीजल इंजन से चलने वाली ट्रेनें एलएनजी इंजन से दौड़ेंगी। रेलवे ने योजना पर काम शुरू कर दिया है। लखनऊ स्थित आरडीएसओ एलएनजी से चलने वाले इंजन के प्रोटोटॉइप बना रहा है। परीक्षण के बाद शुरुआती दौर में एलएनजी वाले 20 इंजन बनाए जाएंगे। प्रयोग सफल रहा तो भविष्य में चरणबद्ध तरीके से रेलवे डीजल का इस्तेमाल बंद कर देगा। सभी इंजनों को एलएनजी से ही चलाया जाएगा। रेलवे का दावा है कि इससे परिचालन खर्च में 50 फीसदी तक की कमी आ सकेगी।
रेलवे फिलहाल डीजल और बिजली से इंजन चला रहा है। तेल कंपनियों ने वर्ष 2013 की शुरुआत में थोक खरीद में भी कोई छूट न देने का फैसला कर रेलवे को तगड़ा झटका दिया। इससे डीजल मद में रेलवे का अरबों रुपये खर्च बढ़ गया है। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों ने इसमें और आग लगा दी है। आयातित कोयला भी महंगा पड़ रहा है। रेलवे ने सीएनजी के प्रयोग की ठानी लेकिन इसके दाम भी बढ़ने लगे हैं। सो, अब रेलवे ने एलएनजी के विकल्प में संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं। रेलवे अफसरों के मुताबिक एलएनजी ईंधन के सभी विकल्पों में सबसे सस्ता है। विभाग में पांच हजार डीजल इंजन हैं। सभी में इसका इस्तेमाल शुरू कर दिया तो देश में कुल खपत का 2.2 फीसदी हिस्सा ही इंजन में जलेगा।
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रेलवे फिलहाल डीजल और बिजली से इंजन चला रहा है। तेल कंपनियों ने वर्ष 2013 की शुरुआत में थोक खरीद में भी कोई छूट न देने का फैसला कर रेलवे को तगड़ा झटका दिया। इससे डीजल मद में रेलवे का अरबों रुपये खर्च बढ़ गया है। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों ने इसमें और आग लगा दी है। आयातित कोयला भी महंगा पड़ रहा है। रेलवे ने सीएनजी के प्रयोग की ठानी लेकिन इसके दाम भी बढ़ने लगे हैं। सो, अब रेलवे ने एलएनजी के विकल्प में संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं। रेलवे अफसरों के मुताबिक एलएनजी ईंधन के सभी विकल्पों में सबसे सस्ता है। विभाग में पांच हजार डीजल इंजन हैं। सभी में इसका इस्तेमाल शुरू कर दिया तो देश में कुल खपत का 2.2 फीसदी हिस्सा ही इंजन में जलेगा।
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