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Prayagraj : महाकुंभ मेले के दौरान संगम में 62 लोग डूबे, चार की गई जान, कई लोग अब भी लापता
Sat, 08 Mar 2025 06:01 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 08 Mar 2025 06:01 PM IST
सार
महाकुंभ के दौरान संगम त्रिवेणी क्षेत्र में 11 जगहों पर लोगों के डूबने की घटनाएं हुईं। हादसे में 62 श्रद्धालु गहरे पानी में डूब गए, जिनमें से 53 लोगों को जल पुलिस ने सुरक्षित निकाल लिया, जबकि चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, पांच श्रद्धालुओं का अब तक सुराग नहीं मिल सका है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
महाकुंभ के दौरान संगम त्रिवेणी क्षेत्र में 11 जगहों पर लोगों के डूबने की घटनाएं हुईं। हादसे में 62 श्रद्धालु गहरे पानी में डूब गए, जिनमें से 53 लोगों को जल पुलिस ने सुरक्षित निकाल लिया, जबकि चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, पांच श्रद्धालुओं का अब तक सुराग नहीं मिल सका है।
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इनकी गई जान
1. तेलियरगंज रसूलाबाद निवासी खुशबू यादव चार फरवरी को घर से संगम स्नान के लिए निकली थी। आठ फरवरी को पांटून पुल-14 के पास उनका पानी में उतराता हुआ शव मिला।
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2. कौशाम्बी के पिपरी थाना क्षेत्र के रसूलपुर निवासी रमेश (45) आठ फरवरी को वह छोटे भाई बिन्नू समेत गांव के नौ लोगों के साथ संगम स्नान के लिए आए हुए थे। स्नान करते समय अचानक रमेश का पैर फिसल गया और गहरे पानी में समा गए।
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3. कीडगंज निवासी हर्ष चौरसिया (20) 11 फरवरी को दोस्तों के साथ संगम स्नान के लिए गया हुआ था। अचानक वह गहरे पानी में समा गया।
4. देहरादून निवासी 65 वर्षीय महावीर प्रसाद 11 फरवरी को परिवार के साथ स्नान करने आए थे। नाव पलटने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दूसरे दिन इलाज के दौरान उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
चार जगह पलटी थी नाव
1. पहली घटना 14 जनवरी को हुई। शाम करीब पांच बजे मुट्ठीगंज निवासी मिश्रीलाल केसरवानी परिवार के पांच लोगों के साथ बलुआ घाट से नाव से संगम स्नान करने पहुंचे थे। लौटते समय अचानक नाव में पानी भरने लगे। यह देख सभी छह लोग पानी में कूद गए और डूबने लगे। ड्यूटी पर तैनात जल पुलिस ने सभी को सुरक्षित निकाला।
2. दूसरी घटना 11 फरवरी को हुई। नाव में नौ लोग सवार थे। हादसे में जल पुलिस ने सात लोगों को बचा लिया, जबकि दो लोग गहरे पानी में समा गए। वहीं, हादसे के दूसरे दिन इलाज के दौरान एक और न दम तोड़ दिया।
3. 16 फरवरी संगम घाट की तरफ दो नाव आपस में टकरा गईं, जिसमें से एक पलट गई और उसमें सवार नौ लोग डूबने लगे। ड्यूटी पर तैनात जल पुलिस समय रहते सभी को सुरक्षित निकाल लिया।
4. 17 फरवरी को अरैल घाट पर श्रद्धालुओं से भरी एक नाव पलट गई, जिसमें सवार नौ लोग डूबने लगे। चीख-पुकार सुनकर ड्यूटी पर तैनात जल पुलिस कर्मी सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इनका पता नहीं चला
प्रयागराज। महाकुंभ के दौरान संगम व अरैल में डूबे पांच लोगों का सुराग नहीं मिला। इसमें देहरादून निवासी ललिता देवी व उनके फुफेरे देवर सुरेश चंद्र, बांदा निवासी दुर्गेश तिवारी व बिहार के बैरिया निवासी अभिषेक कुमार व सत्यम शामिल हैं। इनमें देहरादून निवासी दोनों लोग 11 फरवरी व अन्य तीनों 16 फरवरी को स्नान के दौरान हुए हादसे में डूब गए थे।