पूर्व सांसद अतीक अहमद गिरोह के 59 असलहे चिन्हित, जल्द होगी निरस्तीकरण की कार्रवाई
अतीक अहमद गिरोह को जारी लाइसेंस
- धूमनगंज -25 लाइसेंस
- पूरामुफ्ती - 11 लाइसेंस
- कैंट - 7 लाइसेंस
- करेली - 5 लाइसेंस
- कोखराज -2
- कर्नलगंज -1
- नवाबगंज -4
- अन्य थाने- 4
विस्तार
अतीक गिरोह के खिलाफ कार्रवाई में जुटी पुलिस जब उसके करीबियों के असलहों के बारे में पता करना शुरू किया तो अधिकारियों के होश उड़ गए। अब तक की जांच में अतीक गिरोह से जुड़े लोगों के 59 असलहों के बारे में पता चला है। इनमें से 25 असलहों के लाइसेंस सिर्फ धूमनगंज से जारी हुए हैं। पुलिस ने सूची तैयार कर ली है। अब जल्द ही अतीक गिरोह से जुड़े लोगों के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। अधिकांश लाइसेंसी हथियार अतीक के पास ही रहते थे।
अतीक अहमद गिरोह की संपत्तियों और हथियारों के बारे में पुलिस जांच कर रही है। अब तक की जांच में पुलिस ने 59 ऐसे लोगों की सूची बनाई है जो अतीक गिरोह से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। अतीक के कई करीबियों ने अपने उन रिश्तेदारों के नाम से लाइसेंसी असलहे ले लिए थे, जिनके खिलाफ कोई मुकदमा नहीं दर्ज था। हैरत की बात तो यह है इस सूची में तमाम ऐसे नाम है, जिनके खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।
उन्हें भी लाइसेंस जारी कर दिया गया है। धूमनगंज से असगर, सोनू, शकील, अहमद, अबू, तालिब, अफजाल, मटरू, अबरार, तारीक, आरिफ, असिम, अजहर, जावेद, जैद, इंतजार, आसिफ, दुर्रानी, इकरार, साजिद, फरहीन, दानिश, रुबीना, आबिद प्रधान, तालिब, वदूद, आबिद और अनवर के नाम से लाइसेंसी हथियारों के बारे में पता चला है। इनमें से कई हार्डकोर क्रिमिनल हैं। इसके साथ ही पूरामुफ्ती क्षेत्र के मतलूब, असलम, असीर, मिसबाउल्लैन, मसूदुल्लैन, यामी, नसीम, शिवली, मुस्तैसम और सभी के नाम से लाइसेंस जारी हुए हैं।
कैंट थाना क्षेत्र से गुड्डू, भुट्टो, शाहिद, बबलू, अली, असलम और असरैल के नाम से लाइसेंस हथियार हैं। नवाबगंज क्षेत्र से अलाउद्दीन, फैसल, अंसार व जफर के नाम से और कर्नलगंज में मकसूद तथा कोखराज में अब्दुल अहमद और महफूज के नाम से लाइसेंस जारी हुए हैं।
करेली के अफजाल, शाहिद, मजहुल, शमशुल और इरफान के नाम से वहीं अन्य थानों में सराय अकिल के अब्दुल कवी, पिपरी के रसूल अहमद, मोहम्मद अकमल और अमजद के नाम से लाइसेंस हैं। अतीक अहमद गिरोह में शामिल कई शातिर अपराधी जिनके खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं, उन्हें भी लाइसेंस जारी किया गया था। अब पुलिस सब की जांच कर रही है कि किसकी रिपोर्ट पर अपराधियों को लाइसेंस जारी हुए। पुलिस अब इन लाइसेंसी हथियारों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई कर रही है।