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कैलेंडर जारी न होने से तैयारी प्रभावित
Updated Fri, 29 Sep 2017 08:31 PM IST
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कैलेंडर जारी न होने से तैयारी प्रभावित
प्रतियोगियों को पीसीएस मुख्य परीक्षा की तिथि घोषित होने का इंतजार
पुरानी परीक्षाएं और परिणाम लंबित होने से नई परीक्षाओं में आ रही बाधा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से आगामी परीक्षाओं का कैलेंडर अब तक जारी नहीं किया गया है। प्रतियोगी परेशान हैं। परीक्षाओं को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है और इससे प्रतियोगियों की तैयारी भी प्रभावित हो रही है। पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2017 भी हो चुकी है लेकिन मुख्य परीक्षा की तिथि भी अब तक घोषित नहीं है। वहीं, आयोग की प्राथमिकता है कि पुराने परीक्षा परिणाम जल्द से जल्द जारी कर दिए जाएं। साथ ही लंबित परीक्षाएं भी करा दी जाएं ताकि कैलेंडर जारी होने के बाद आगामी परीक्षाओं के आयोजन में कोई बाधा न आए।
पिछले कुछ वर्षों से पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा से पहले ही मुख्य परीक्षा की तिथि घोषित कर दी जाती थी। इससे प्रतियोगियों का मुख्य परीक्षा की तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता था। इसके अलावा आयोग आगामी परीक्षाओं का कैलेंडर भी जारी कर देता था, ताकि प्रतियोगी कैलेंडर में दी गई तिथियों के हिसाब से परीक्षाओं की तैयारी कर सकें लेकिन इस बार आयोग की ओर से अब तक कैलेंडर जारी नहीं किया गया है। प्रतियोगियों का कहना है कि पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद अगर अचानक मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया तो परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल सकेगा। इसी तरह अगर अन्य परीक्षाओं की तिथियां अचानक घोेषित की गईं तो भी दिक्कत होगी।
कुछ दिनों पहले प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के सचिव से मुलाकात के दौरान यह मुद्दा भी उठाया था। समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय के अनुसार सचिव से मांग की गई थी कि कैलेंडर जल्द घोषित किया जाए और पीसीएस मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए कम से कम 90 दिन का समय दिया जाए। प्रतियोगियों से सचिव ने कहा था कि तैयारी के लिए कितने दिन का समय दिया जाए, यह परीक्षा समिति तय करती है। फिर भी वह कोशिश करेंगे कि प्रतियोगियों को इतना समय मिल जाए कि उन्हें कोई शिकायत न रहे। कैलेंडर जारी किए जाने के मसले पर आयोग चाहता है कि एक बार परीक्षा तिथि घोषित होने के बाद समय से उसका आयोजन कराया जाए। इसके लिए जरूरी है कि पुराने लंबित पड़े सभी परिणाम घोषित कर दिए जाएं और इस दिशा में आयोग ने काम शुरू कर दिया है। वहीं, वर्ष 2009-10 की भी कुछ परीक्षाएं लंबित पड़ी हैं। इन लंबित परीक्षाओं को भी पूरा कराया जाना है।
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प्रतियोगियों को पीसीएस मुख्य परीक्षा की तिथि घोषित होने का इंतजार
पुरानी परीक्षाएं और परिणाम लंबित होने से नई परीक्षाओं में आ रही बाधा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से आगामी परीक्षाओं का कैलेंडर अब तक जारी नहीं किया गया है। प्रतियोगी परेशान हैं। परीक्षाओं को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है और इससे प्रतियोगियों की तैयारी भी प्रभावित हो रही है। पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2017 भी हो चुकी है लेकिन मुख्य परीक्षा की तिथि भी अब तक घोषित नहीं है। वहीं, आयोग की प्राथमिकता है कि पुराने परीक्षा परिणाम जल्द से जल्द जारी कर दिए जाएं। साथ ही लंबित परीक्षाएं भी करा दी जाएं ताकि कैलेंडर जारी होने के बाद आगामी परीक्षाओं के आयोजन में कोई बाधा न आए।
पिछले कुछ वर्षों से पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा से पहले ही मुख्य परीक्षा की तिथि घोषित कर दी जाती थी। इससे प्रतियोगियों का मुख्य परीक्षा की तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता था। इसके अलावा आयोग आगामी परीक्षाओं का कैलेंडर भी जारी कर देता था, ताकि प्रतियोगी कैलेंडर में दी गई तिथियों के हिसाब से परीक्षाओं की तैयारी कर सकें लेकिन इस बार आयोग की ओर से अब तक कैलेंडर जारी नहीं किया गया है। प्रतियोगियों का कहना है कि पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद अगर अचानक मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया तो परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल सकेगा। इसी तरह अगर अन्य परीक्षाओं की तिथियां अचानक घोेषित की गईं तो भी दिक्कत होगी।
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कुछ दिनों पहले प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के सचिव से मुलाकात के दौरान यह मुद्दा भी उठाया था। समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय के अनुसार सचिव से मांग की गई थी कि कैलेंडर जल्द घोषित किया जाए और पीसीएस मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए कम से कम 90 दिन का समय दिया जाए। प्रतियोगियों से सचिव ने कहा था कि तैयारी के लिए कितने दिन का समय दिया जाए, यह परीक्षा समिति तय करती है। फिर भी वह कोशिश करेंगे कि प्रतियोगियों को इतना समय मिल जाए कि उन्हें कोई शिकायत न रहे। कैलेंडर जारी किए जाने के मसले पर आयोग चाहता है कि एक बार परीक्षा तिथि घोषित होने के बाद समय से उसका आयोजन कराया जाए। इसके लिए जरूरी है कि पुराने लंबित पड़े सभी परिणाम घोषित कर दिए जाएं और इस दिशा में आयोग ने काम शुरू कर दिया है। वहीं, वर्ष 2009-10 की भी कुछ परीक्षाएं लंबित पड़ी हैं। इन लंबित परीक्षाओं को भी पूरा कराया जाना है।
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