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प्रॉक्टर को धमकी, महामंत्री व उपाध्यक्ष गिरफ्तार
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इविवि प्रॉक्टर को धमकाया
महामंत्री, उपाध्यक्ष गिरफ्तार
0 पुलिस पर हमले के मामले में भी थे वांछित
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर का माहौल मंगलवार को बेहद गर्म रहा। यहां प्रॉक्टर को धमकाने के मामले में छात्रसंघ महामंत्री व उपाध्यक्ष को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। साथ ही चार अन्य छात्रों को भी हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है। दोनों दो महीने पहले पुलिस पर हुए हमले के मामले में भी वांछित थे।
ताराचंद हॉस्टल में अवैध कब्जे के मामले में इविवि प्रशासन ने छात्रसंघ महामंत्री शिवम सिंह समेत चार छात्रों के नाम एक दिन पहले काली सूची में डालने, उनके चरित्र प्रमाणपत्र निरुद्ध करने और उनका परीक्षाफल/डिग्री रोके जाने के लिए आवश्यक कार्रवाई का निर्णय लिया था। आरोप था कि चारों विवि के वैध छात्र हैं लेकिन, उन्होंने कमरों पर अवैध कब्जा जमा रखा था। मौजूदा सत्र की फीस ही जमा नहीं की। मंगलवार को इसी मामले को लेकर महामंत्री शिवम, उपाध्यक्ष अखिलेश यादव समर्थकों संग प्रॉक्टर कार्यालय पहुंचे। शिवम का आरोप था कि उसने वार्डन को फीस की रकम दे दी है, जबकि वार्डन इस बात को गलत बताते रहे। इसी बात को लेकर उसकी प्रॉक्टर से तीखी नोकझोंक हुई। सूचना पर सीओ कर्नलगंज श्रीश्चंद्र व इंस्पेक्टर अनूप सिंह फोर्स लेकर पहुंच गए। पुलिस का कहना है कि छात्रनेताओं को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे नहीं माने। पुलिस ने महामंत्री व उपाध्यक्ष समेत छह लोगों को हिरासत में ले लिया। सभी को पहले कर्नलगंज थाने ले जाया गया, लेकिन बवाल की आशंका को देखते हुए महामंत्री व उपाध्यक्ष को कैंट थाने भेज दिया गया। उधर, जानकारी मिली तो समर्थकों की भीड़ पहले कर्नलगंज व फिर कैंट थाने पहुंच गई। हालांकि, बहुत समझाने के बाद वे शांत होकर वापस गए। इंस्पेक्टर अनूप सिंह का कहना है कि महामंत्री व उपाध्यक्ष पुलिस पर हमले व एससी एक्ट के मुकदमे में वांछित चल रहे थे।
11 जनवरी को दरोगा-सिपाही पर हुआ था हमला
छात्रसंघ महामंत्री शिवम व उपाध्यक्ष अखिलेश 11 जनवरी को कर्नलगंज में पुलिस पर हमले के मामले में नामजद हुए थे। तब लाइब्रेरी हाल गेट पर विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों व पुलिसकर्मियों के बीच भिड़ंत हो गई थी। जिसके बाद विवि चौकी प्रभारी व सिपाही पर हमला किया गया था। पुलिस का आरोप था कि हमले में सिपाही धमेंद्र को गंभीर चोट आई थी। उसकी तहरीर पर 14 नामजद व 200 अज्ञात के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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प्रॉक्टर की तहरीर पर महामंत्री पर मुकदमा
उधर मंगलवार को प्रॉक्टर कार्यालय पर हुई जोरदार नोकझोंक व झड़प के बाद प्रॉक्टर रामसेवक दुबे ने कर्नलगंज थाने में तहरीर दी। इसमें आरोप लगाया कि महामंत्री शिवम सिंह, मनीष कुमार चौरसिया, अजीत सिंह व सात अन्य उनके कार्यालय आए और उन्हें 24 घंटे के भीतर जान से मारने की धमकी दी। जिसके बाद पुलिस ने उपरोक्त तीनों छात्रों को नामजद करते हुए सात अज्ञात के खिलाफ मारपीट, बलवा, धमकाने समेत अन्य आरोपों में एफआईआर दर्ज कर ली। इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच की जा रही है।
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महामंत्री, उपाध्यक्ष गिरफ्तार
0 पुलिस पर हमले के मामले में भी थे वांछित
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर का माहौल मंगलवार को बेहद गर्म रहा। यहां प्रॉक्टर को धमकाने के मामले में छात्रसंघ महामंत्री व उपाध्यक्ष को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। साथ ही चार अन्य छात्रों को भी हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है। दोनों दो महीने पहले पुलिस पर हुए हमले के मामले में भी वांछित थे।
ताराचंद हॉस्टल में अवैध कब्जे के मामले में इविवि प्रशासन ने छात्रसंघ महामंत्री शिवम सिंह समेत चार छात्रों के नाम एक दिन पहले काली सूची में डालने, उनके चरित्र प्रमाणपत्र निरुद्ध करने और उनका परीक्षाफल/डिग्री रोके जाने के लिए आवश्यक कार्रवाई का निर्णय लिया था। आरोप था कि चारों विवि के वैध छात्र हैं लेकिन, उन्होंने कमरों पर अवैध कब्जा जमा रखा था। मौजूदा सत्र की फीस ही जमा नहीं की। मंगलवार को इसी मामले को लेकर महामंत्री शिवम, उपाध्यक्ष अखिलेश यादव समर्थकों संग प्रॉक्टर कार्यालय पहुंचे। शिवम का आरोप था कि उसने वार्डन को फीस की रकम दे दी है, जबकि वार्डन इस बात को गलत बताते रहे। इसी बात को लेकर उसकी प्रॉक्टर से तीखी नोकझोंक हुई। सूचना पर सीओ कर्नलगंज श्रीश्चंद्र व इंस्पेक्टर अनूप सिंह फोर्स लेकर पहुंच गए। पुलिस का कहना है कि छात्रनेताओं को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे नहीं माने। पुलिस ने महामंत्री व उपाध्यक्ष समेत छह लोगों को हिरासत में ले लिया। सभी को पहले कर्नलगंज थाने ले जाया गया, लेकिन बवाल की आशंका को देखते हुए महामंत्री व उपाध्यक्ष को कैंट थाने भेज दिया गया। उधर, जानकारी मिली तो समर्थकों की भीड़ पहले कर्नलगंज व फिर कैंट थाने पहुंच गई। हालांकि, बहुत समझाने के बाद वे शांत होकर वापस गए। इंस्पेक्टर अनूप सिंह का कहना है कि महामंत्री व उपाध्यक्ष पुलिस पर हमले व एससी एक्ट के मुकदमे में वांछित चल रहे थे।
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11 जनवरी को दरोगा-सिपाही पर हुआ था हमला
छात्रसंघ महामंत्री शिवम व उपाध्यक्ष अखिलेश 11 जनवरी को कर्नलगंज में पुलिस पर हमले के मामले में नामजद हुए थे। तब लाइब्रेरी हाल गेट पर विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों व पुलिसकर्मियों के बीच भिड़ंत हो गई थी। जिसके बाद विवि चौकी प्रभारी व सिपाही पर हमला किया गया था। पुलिस का आरोप था कि हमले में सिपाही धमेंद्र को गंभीर चोट आई थी। उसकी तहरीर पर 14 नामजद व 200 अज्ञात के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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प्रॉक्टर की तहरीर पर महामंत्री पर मुकदमा
उधर मंगलवार को प्रॉक्टर कार्यालय पर हुई जोरदार नोकझोंक व झड़प के बाद प्रॉक्टर रामसेवक दुबे ने कर्नलगंज थाने में तहरीर दी। इसमें आरोप लगाया कि महामंत्री शिवम सिंह, मनीष कुमार चौरसिया, अजीत सिंह व सात अन्य उनके कार्यालय आए और उन्हें 24 घंटे के भीतर जान से मारने की धमकी दी। जिसके बाद पुलिस ने उपरोक्त तीनों छात्रों को नामजद करते हुए सात अज्ञात के खिलाफ मारपीट, बलवा, धमकाने समेत अन्य आरोपों में एफआईआर दर्ज कर ली। इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच की जा रही है।