मंहगाई: सर्दियों में भी सब्जियों के भाव कम नहीं हो रहे, लोग परेशान, ये चल रहे दाम
खुदरा सब्जी विक्रेता कह रहे हैं कि शादियों का सीजन होने से बड़े कारोबारी सीधे जरूरतमंद लोगों को सब्जियां बेच रहे हैं। इसका असर छोटे सब्जी विक्रेता और आम लोगों पर पड़ रहा है। इसके अलावा पैदावार कम होने से भी सब्जियां महंगी मिल रही हैं।
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सर्दी का मौसम शुरू होने के साथ ही हरी सब्जियां सस्ती होने लगती हैं, लेकिन इस बार इनके भाव कम होने की बजाय बढ़ गए हैं। गोभी, पालक, भिंडी, टमाटर, गाजर, प्याज और अन्य सब्जियों की कीमतों में गिरावट नहीं आ रही है। बीते कुछ दिनों में अधिकतर हरी सब्जियां 10 से 20 रुपये किलो तक महंगी हो गई हैं। टमाटर और प्याज 60 रुपये किलो तक बिक रहे हैं।
खुदरा सब्जी विक्रेता इसके पीछे बड़े कारोबारियों की जमाखोरी को कारण बता रहे हैं। उनका कहना है कि शादियों का सीजन होने से बड़े कारोबारी सीधे जरूरतमंद लोगों को सब्जियां बेच रहे हैं। इसका असर छोटे सब्जी विक्रेता और आम लोगों पर पड़ रहा है। इसके अलावा पैदावार कम होने से भी सब्जियां महंगी मिल रही हैं।
इस बार हरी सब्जियों की पैदावार कम हुई है। कम मात्रा में सब्जी मंडी तक पहुंच रही है। बड़े कारोबारी सब्जियों को सीधे लोगों को बेच रहे हैं। जिससे कीमतें बढ़ी हैं।-फाैरन सिंह, सब्जी विक्रेता धनीपुर मंडी
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मौसमी सब्जियों के आने के बाद भी दाम कम नहीं हो रहे हैं। हम सीधे मंडी या किसान से सब्जी खरीदते हैं। इस समय पर हर जगह सब्जी महंगी मिल रही है। ठंड में सब्जियां जल्दी खराब नहीं होती हैं। इससे कई लोग साप्ताहिक बाजार से सब्जियां इकट्ठा खरीद लेते हैं।-अनोज कुमार, सब्जी विक्रेता धनीपुर मंडी।
सब्जी एक माह पुराने और नए भाव
लहसुन - 360 400
प्याज - 50 60
अदरख- 50 60
नींबू - 100 80
गोभी- 30 50
बंदगोभी - 45 40
मटर - 70 80
तोरई- 50 70
बैंगन- 30 40
टमाटर- 50 60
पालक- 20 30
भिंडी- 60 80
गाजर- 25 35
सेम - 100 80
मैंथी - 50 60
लौकी -20 30
बथुआ- 20 30
धनिया- 40 30
खीरा- 40 50
मिर्च- 30 40
शिमला मिर्च - 40 50
( नोट - रुपये प्रति किलो )