{"_id":"58850f534f1c1b6f35eff15d","slug":"three-congress-candidate","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस के तीन उम्मीदवार घोषित ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेस के तीन उम्मीदवार घोषित
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Mon, 23 Jan 2017 01:38 AM IST
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कांग्रेस
- फोटो : अमर उजाला
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कांग्रेस-सपा गठबंधन में अलीगढ़ जिले से कांग्रेस को तीन सीटें मिली हैं। जिसमें खैर, इगलास और बरौली विस क्षेत्र की सीटें हैं। खैर और इगलास सुरक्षित सीट हैं। बरौली सामान्य कोटे की सीट है। जिलाध्यक्ष चौ. बिजेंद्र सिंह ने बताया कि इगलास से गुरविंदर सिंह, बरौली से केशवदेव बघेल और खैर से मुख्तार वाल्मीकि को प्रत्याशी बना दिया गया है। तीनों का नामांकन जल्द ही मंगलवार तक हो जाएगा। केशव सिंह विस चुनाव 2012 में जनक्रांति पार्टी से चुनाव लड़े थे और उनको 30 हजार से अधिक वोट मिले थे। वह बरौली से बहुत मजबूत दावेदार हैं। इसी तरह से इगलास से गुरविंदर सिंह की स्थिति बहुत अच्छी है तो खैर से मुख्तार भी बेहतर हैं।
सात साल से भाजपा और जेकेपी के साथ हूं। इस बार टिकट मांगा था नहीं मिला। इसलिए कांग्रेस के साथ गया और अब चुनाव की तैयारी कर रहा हूं। मंगलवार को अपना नामांकन करूंगा। भाजपा नेतृत्व ने मेरी मांग का ठुकरा दिया जबकि मैं जेकेपी जैसे नये दल से पहली बार चुनाव लड़ने पर 30 हजार से अधिक वोट लाया था। अब दोबारा से पूरी मजबूती से कांग्रेस से चुनाव लडूंगा। मुझे सपा के गठबंधन का फायदा भी मिलेगा।
-केशव सिंह बघेल, बरौली प्रत्याशी।
तीन दशक से कांग्रेस के साथ जुड़ा हूं। अलग अलग जिम्मेदारी निभाई है। मुझे यकीन है कि सपा कांग्रेस गठबंधन में खैर में कांग्रेस मजबूत चुनाव लड़ेगी। अब मैं नामांकन की तैयारी कर रहा हूं। मंगलवार को अपना नामांकन करूंगा। पार्टी से फार्म बी और सिंबल भी कुछ ही देर में मिल जाएगा। कांग्रेस का सिपाही हूं। पूरी मजबूती से चुनाव लडूंगा। गठबंधन में पार्टी को फायदा होगा।
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-मुख्तार वाल्मीकि, खैर प्रत्याशी।
1982 एचकेएन भगत के साथ ही राजनीति की शुरुआत की। विस 2007 में टिकट नहीं मिलने पर कोल से और उसके बाद 2012 में खैर विधानसभा से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। इस बार कांग्रेस से टिकट मांगा और इगलास विस क्षेत्र से चुनाव लड़ूंगा। राहुल गांधी के टप्पल में आने के दौरान कांग्रेस में वापस आया था। मंगलवार को नामांकन की तैयारी में हूं। पार्टी के सभी बड़े नेताओं के साथ मिल कर नामांकन करूंगा।
-गुरविंदर सिंह, इगलास प्रत्याशी।
बरौली में त्रिकोणीय मुकाबला कराएंगे केशव
अलीगढ़। भाजपा से टिकट मांग रहे केशव सिंह बघेल को जब कहीं से कोई राहत नहीं मिली तो उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। मौका भी सही था और गठबंधन का फायदा उन्हें मिला। उनको टिकट भी मिल गया है। बरौली विस क्षेत्र में बघेल समाज का अच्छा खासा दखल है, ऐसे में कांग्रेस मान रही है कि केशव सिंह से मजबूत उम्मीदवार कोई और नहीं। गौर हो कि केशव सिंह को विस चुनाव 2012 में 30 हजार 540 वोट मिले थे। ये वो उनको उस वक्त जनक्रांति पार्टी के टिकट से मिले थे। उस चुनाव में पूर्व सीएम कल्याण सिंह ने अपनी अलग पार्टी बनाई थी। इसी पार्टी से केशव ने चुनाव लड़ा था। अबकी बार कल्याण सिंह भाजपा में हैं। रालोद छोड़ कर आए ठा. दलवीर सिंह को भाजपा से टिकट दिया गया है। उनका नामांकन सोमवार को होना है। इससे पहले रविवार को केशव के कांग्रेस से उम्मीदवार बनने से अब बरौली विस क्षेत्र से त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बन गए हैं। गौर हो कि केशव सिंह कल्याण सिंह और राजू के खेमे के खास सिपाही है। सात साल तक दोनों नेताओं के साथ राजनीति शुरू की है।
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सात साल से भाजपा और जेकेपी के साथ हूं। इस बार टिकट मांगा था नहीं मिला। इसलिए कांग्रेस के साथ गया और अब चुनाव की तैयारी कर रहा हूं। मंगलवार को अपना नामांकन करूंगा। भाजपा नेतृत्व ने मेरी मांग का ठुकरा दिया जबकि मैं जेकेपी जैसे नये दल से पहली बार चुनाव लड़ने पर 30 हजार से अधिक वोट लाया था। अब दोबारा से पूरी मजबूती से कांग्रेस से चुनाव लडूंगा। मुझे सपा के गठबंधन का फायदा भी मिलेगा।
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-केशव सिंह बघेल, बरौली प्रत्याशी।
तीन दशक से कांग्रेस के साथ जुड़ा हूं। अलग अलग जिम्मेदारी निभाई है। मुझे यकीन है कि सपा कांग्रेस गठबंधन में खैर में कांग्रेस मजबूत चुनाव लड़ेगी। अब मैं नामांकन की तैयारी कर रहा हूं। मंगलवार को अपना नामांकन करूंगा। पार्टी से फार्म बी और सिंबल भी कुछ ही देर में मिल जाएगा। कांग्रेस का सिपाही हूं। पूरी मजबूती से चुनाव लडूंगा। गठबंधन में पार्टी को फायदा होगा।
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-मुख्तार वाल्मीकि, खैर प्रत्याशी।
1982 एचकेएन भगत के साथ ही राजनीति की शुरुआत की। विस 2007 में टिकट नहीं मिलने पर कोल से और उसके बाद 2012 में खैर विधानसभा से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। इस बार कांग्रेस से टिकट मांगा और इगलास विस क्षेत्र से चुनाव लड़ूंगा। राहुल गांधी के टप्पल में आने के दौरान कांग्रेस में वापस आया था। मंगलवार को नामांकन की तैयारी में हूं। पार्टी के सभी बड़े नेताओं के साथ मिल कर नामांकन करूंगा।
-गुरविंदर सिंह, इगलास प्रत्याशी।
बरौली में त्रिकोणीय मुकाबला कराएंगे केशव
अलीगढ़। भाजपा से टिकट मांग रहे केशव सिंह बघेल को जब कहीं से कोई राहत नहीं मिली तो उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। मौका भी सही था और गठबंधन का फायदा उन्हें मिला। उनको टिकट भी मिल गया है। बरौली विस क्षेत्र में बघेल समाज का अच्छा खासा दखल है, ऐसे में कांग्रेस मान रही है कि केशव सिंह से मजबूत उम्मीदवार कोई और नहीं। गौर हो कि केशव सिंह को विस चुनाव 2012 में 30 हजार 540 वोट मिले थे। ये वो उनको उस वक्त जनक्रांति पार्टी के टिकट से मिले थे। उस चुनाव में पूर्व सीएम कल्याण सिंह ने अपनी अलग पार्टी बनाई थी। इसी पार्टी से केशव ने चुनाव लड़ा था। अबकी बार कल्याण सिंह भाजपा में हैं। रालोद छोड़ कर आए ठा. दलवीर सिंह को भाजपा से टिकट दिया गया है। उनका नामांकन सोमवार को होना है। इससे पहले रविवार को केशव के कांग्रेस से उम्मीदवार बनने से अब बरौली विस क्षेत्र से त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बन गए हैं। गौर हो कि केशव सिंह कल्याण सिंह और राजू के खेमे के खास सिपाही है। सात साल तक दोनों नेताओं के साथ राजनीति शुरू की है।