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Aligarh News: मंडल का पहला एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन जल्द होगा शुरू

Mon, 26 Oct 2026 02:54 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 26 Oct 2026 02:54 AM IST
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The divisions first air conditioned station will open soon
एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन। 
अलीगढ़ मंडल का पहला कंटीन्यूस एंबीएंट एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन जल्द ही बनकर तैयार होगा। यह राष्ट्रीय स्तर पर संचालित समीर एप से जुड़ेगा। इससे अलीगढ़ और हाथरस के आसपास की वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सहित अन्य जानकारी अब इसी एप पर मिल सकेगी।
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क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हाथरस के चंदपा थाने के सामने टीटीजेड क्षेत्र में इसकी स्थापना शुरू कराई है। इसका संयंत्र एक मसाला फैक्टरी के ऊपर स्थापित होगा। जल्द इसको चालू कर दिया जाएगा। अभी तक मंडल में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. विश्वनाथ शर्मा ने बताया कि पांच साल तक इस सेंटर को संचालित करने के लिए दो करोड़ रुपये का करार किया गया है। यह पीपीपी मॉडल के तहत काम करेगा। दिसंबर तक इसके चालू होने की उम्मीद है।
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क्या है एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन
कंटीन्यूस एंबीएंट एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन (सीएएक्यूएमएस) एक ऐसा स्वचालित वैज्ञानिक केंद्र होता है, जो हवा की गुणवत्ता और उसमें मौजूद प्रदूषण के स्तर की लगातार 24 घंटे निगरानी करता है। हर घंटे हवा के नमूने लेता है और रीयल-टाइम डाटा उपलब्ध कराता है। इसका उपयोग वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) की गणना करने और जनता को प्रदूषण के प्रति सचेत करने के लिए किया जाता है।
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ऐसे काम करता है स्टेशन
स्टेशन के ऊपर लगे इनलेट (सक्शन पाइप) के जरिये बाहर की हवा को अंदर खींचा जाता है। अंदर उपकरण के साथ लगे सेंसर और एनालाइजर्स अलग-अलग प्रदूषकों की मात्रा को मापते हैं। यह गणना एक केंद्रीय सर्वर (प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्य सर्वर) को डिजिटल रूप से भेज दिया जाता है। इस स्टेशन पर मुख्य रूप से पीएम-2.5 और पीएम-10 की गणना होती है। जिससे हवा में मौजूद बेहद महीन धूल और धुएं के कणों की स्थिति पता चलती है।


इसमें सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और ओजोन स्तर की जांच की जा सकती है। इसके साथ ही हवा की गति, हवा की दिशा और नमी की जांच की जा सकती है। प्रदूषण का स्तर खतरनाक होने पर ग्रैप जैसे कड़े नियम लागू करने में मदद मिलती है।
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