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लोगों को रूढ़ियों और अंधविश्वास से बाहर निकाला सर सैयद ने : जस्टिस ठाकुर

Mon, 18 Oct 2021 01:03 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 18 Oct 2021 01:03 AM IST
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Sir Syed day Celebration
चादरपोशी करते एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर व अन्य। विज्ञप्ति - फोटो : CITY OFFICE
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टीएस ठाकुर ने कहा कि इतिहास में बहुत कम लोगों ने रूढ़िवादिता और अंधविश्वास से लोगों को बाहर निकालने में जीत हासिल की है। इनमें सर सैयद अहमद खान का नाम भी शामिल है। वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैयद अहमद खां की 204वीं जयंती पर आयोजित सर सैयद दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि ऑनलाइन कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सर सैयद का एक सिविल सोसाइटी का विचार, स्वदेशी आधुनिकता का उनका मॉडल आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना पहले था। यह दिन आत्म विश्लेषण, आत्मनिरीक्षण और भारत के मूल्यों के प्रति विश्वास को समर्पित है।
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जस्टिस ठाकुर ने कहा कि ऐसे समय में जब सभी देश परमाणु हथियार रखने की होड़ में लगे हैं, ऐसे में सर सैयद का शांतिपूर्ण सह अस्तित्व का संदेश आज पहले से कहीं अधिक अर्थपूर्ण और प्रासंगिक है। एएमयू इस दुनिया को जीने के लिए एक बेहतर स्थान बनाने के लिए विविधता और समावेश की सकारात्मक भूमिका निभा रहा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्वीकार करते हुए एएमयू को मिनी इंडिया की संज्ञा दी थी। सर सैयद हिंदू-मुस्लिम एकता के महान चैंपियन थे। सर सैयद के धर्म निरपेक्षता और समावेशिता के विचार एएमयू के काम करने और संचालन के तरीके में प्रतिबिंबित होते हैं। यह जानकर प्रसन्नता हो रही है कि जिस संस्था की उन्होंने स्थापना की थी, वह उनकी उम्मीदों पर खरी उतरी है।
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इस मौके पर प्रो. नाजिया हसन, प्रो. मोहम्मद जफर महफूज नोमानी, छात्रा सिदरा नूर (बीए अंग्रेजी), यासिर अली खान (पीएचडी) ने सर सैयद अहमद खान की शिक्षा, दर्शन, कार्य व मिशन पर विचार व्यक्त किए। संचालन डॉ. फायजा अब्बासी व डॉ. शारिक अकील ने किया। स्टूडेंट वेलफेयर के डीन प्रो. मुजाहिद बेग ने धन्यवाद ज्ञापित किया। ऑनलाइन कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के कोषाध्यक्ष पद्मश्री हकीम सैयद जिल्लुर रहमान, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मुजीब उल्लाह जुबैरी, वित्त अधिकारी प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान, प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली, कार्यवाहक रजिस्ट्रार एसएम सुरूर अतहर आदि शामिल हुए।
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लेखन व ज्ञान की शक्ति को गले लगाना चाहिए : प्रिंस इजुद्दीन
सर सैयद दिवस समारोह के मानद अतिथि सैफी अस्पताल ट्रस्ट व सैफी बुरहानी अपलिफ्टमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रिंस डॉ. कायद जोहर इजुद्दीन ने एएमयू के विद्यार्थियों को नवीन विचारों और नवाचार के साथ अपना भाग्य खुद लिखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज में महत्वपूर्ण जगह बनाने के लिए दूरदर्शी और उद्यमी बनें।
सर सैयद के कार्यों ने बदल दिया इतिहास : कुलपति
एएमयू के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि सर सैयद, एक बहुआयामी व्यक्तित्व के स्वामी थे, जिनके कार्यों ने 19वीं सदी के उत्तरार्ध के दौरान इतिहास को बदल दिया। इस युग को कई प्रकार की उथल-पुथल से जाना जाता है। इसी बीच असाधारण प्रतिभा, व्यापक ज्ञान, स्पष्ट दृष्टि और दूरदर्शिता वाले सर सैयद अहमद खान ने देशवासियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि एएमयू में कई नए कोर्स शुरू हो गए हैं। जल्द ही एमबीबीएस सीटों की संख्या 150 से बढ़ाकर 200 कर दी जाएगी।
डॉ. फ्रांसिस व प्रो. नारंग को मिला सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार
मुख्य अतिथि पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टीएस ठाकुर ने लंदन विश्वविद्यालय में प्रसिद्ध ब्रिटिश इतिहासकार व दक्षिण एशिया के इतिहास के प्रो. फ्रांसिस क्रिस्टोफर रोलैंड राबिन्सन और प्रख्यात भारतीय सिद्धांतकार पद्म भूषण व साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. गोपी चंद नारंग को क्रमश: अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय श्रेणियों में सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। प्रो. फ्रांसिस को प्रशस्ति पत्र व दो लाख रुपये और प्रो. गोपी चंद नारंग को प्रशस्ति पत्र के साथ एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
मेरे काम को सराहा : प्रो. फ्रांसिस
अंतरराष्ट्रीय श्रेणी में सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त करते हुए प्रो. फ्रांसिस राबिन्सन ने कहा कि सर सैयद अंतरराष्ट्रीय उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त करना एक सम्मान की बात है। यह उनके लिए बहुत मायने रखता है कि उनके काम को पढ़ा, समझा और महत्व दिया है।
सर सैयद का जीवन एक खुली किताब था: प्रो. नारंग
राष्ट्रीय श्रेणी में सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित प्रो. गोपी चंद नारंग ने कहा कि सर सैयद ने शिक्षा के माध्यम से सुधार लाने के लिए अपना जीवन समर्पित करने का फैसला किया।सर सैयद चाहते थे कि भारतीय आधुनिक विज्ञान में रुचि लें। सर सैयद का जीवन एक खुली किताब था और उन्होंने सभी धर्मों के लोगों के लिए एमएओ कॉलेज के दरवाजे खुले रखे।
इन्हें मिला पुरस्कार
सर सैयद दिवस पर गणित विभाग के प्रो. कमरुल हसन अंसारी को गणित के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए विज्ञान श्रेणी में उत्कृष्ट शोधकर्ता पुरस्कार-2021 से सम्मानित किया गया। डॉ. मोहम्मद जैन खान (सहायक प्रोफेसर, रसायन विज्ञान विभाग), डॉ. मोहम्मद तारिक (सहायक प्रोफेसर, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग) को विज्ञान श्रेणी में यंग रिसर्चर्स पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। डॉ. मोहम्मद अरशद बारी (सहायक प्रोफेसर, शारीरिक शिक्षा विभाग) को मानविकी और सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में यंग रिसर्चर्स पुरस्कार दिया गया।
निबंध लेखन प्रतियोगिता में रजा रहे अव्वल
एएमयू जनसंपर्क कार्यालय की ओर से ‘सर सैयद इंटरफेथ डायलॉग के नायक’ विषय पर आयोजित अखिल भारतीय निबंध लेखन प्रतियोगिता में एएमयू बीएएलएलबी के छात्र रजा हैदर जैदी अव्वल रहे, उन्हें 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया। दूसरा पुरस्कार राजिब शेख (बीएए दारुल हुदा इस्लामिक यूनिवर्सिटी, पश्चिम बंगाल) को मिला। तीसरे स्थान पर अब्राहम हादी (एएमयू) रहे। इनके अलावा स्टेट टॉपर्स में मोहम्मद यासिर जमाल किदवई (बीएससी, एएमयू) उप्र, अनिर्बान नंदा (पीएचडी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई महाराष्ट्र), श्रींजय रूप सरबधिकारी (बीएससी, मौलाना अबुल कलाम आजाद यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, सिमहट, नादिया, पश्चिम बंगाल), मरियम मकसूद (पीएचडी, श्री वेंकटेश्वर फार्मेसी कॉलेज, हाईटेक सिटी रोड, हैदराबाद, तेलंगाना), वंशिका बहनाल (शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी जम्मू एंड कश्मीर) व शादाब आलम (बीयूएमएस, आयुर्वेदिक एंड यूनानी तिब्बिया कॉलेजए करोल बाग, नई दिल्ली), आमना (बीए, पीएसएमओ कॉलेज, तिरुरंगडी, मालप्पुरम, केरल), मोहम्मद आशीर (बीएए जामिया मदीना, थुन्नूर मरकज गार्डन, केरल), चेन्नासमुद्रम चेन्ना केसावुलु और मायदुकुरु पूजा (अन्नमाचार्य कॉलेज ऑफ फार्मेसी, राजम्पेटए कडपा केडी फॉर्मा) ने आंध्र प्रदेश से पुरस्कार साझा किया।
दो पुस्तकों का विमोचन
सर सैयद दिवस पर प्रो. आसिम सिद्दीकी, डॉ. राहत अबरार व डॉ. फायजा अब्बासी की संपादित ‘ए हिस्ट्री ऑफ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (1920-2020) ए सेंटेनरी पब्लिकेशन व हुमा खलील की ‘द एल्योर ऑफ अलीगढ़: ए पोएटिक जर्नी इन द यूनिवर्सिटी सिटी’ पुस्तक का विमोचन किया गया।
सर सैयद की मजार पर चादरपोशी
फज्र (सुबह) की नमाज के बाद यूनिवर्सिटी की मस्जिद में कुरान पाठ किया गया। इसके बाद कुलपति प्रो. तारिक मंसूर मंसूर ने यूनिवर्सिटी के अन्य शिक्षकों और पदाधिकारियों के साथ सर सैयद अहमद की मजार पर चादरपोशी की गई।इसके बाद में कुलपति ने सर सैयद हाउस में मौलाना आजाद पुस्तकालय और सर सैयद अकादमी की ओर से आयोजित सर सैयद अहमद खान से संबंधित पुस्तकों और तस्वीरों की ऑनलाइन प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
आज एएमयू वर्ल्ड एल्युमिनाई मीट
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की ओर से सोमवार सात बजे आयोजित ऑनलाइन वर्ल्ड एल्युमिनाई मीट-2021 के मुख्य अतिथि फोर्टिस एस्कार्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष व प्रख्यात हृदय सर्जन डॉ. अशोक होंगे।

एएमयू पूर्व छात्र मामलों की समिति के अध्यक्ष प्रो. एमएम सूफियान बेग ने बताया कि ऑनलाइन कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. तारिक मंसूर करेंगे। इस वर्ष सम्मेलन का विषय ‘महामारी उपरांत समय में अवसर और चुनौतियां’ हैं। उन्होंने कहा कि विशिष्ट अतिथि प्रो. तलत अहमद कुलपति कश्मीर विश्वविद्यालय श्रीनगर, डॉ. शहीर खान संस्थापक एएमयू नेटवर्क सैन फ्रांसिस्को अमेरिका, इंजी. फैसल सलीम स्मार्ट ड्राइव प्रोग्राम मैनेजर फीनिक्स अमेरिका, मिस हुमा खलील होंगी।

 कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्य अतिथि पूर्व मुख्य न्यायधीश जस्टिस तीरथ सिंह।

कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्य अतिथि पूर्व मुख्य न्यायधीश जस्टिस तीरथ सिंह।- फोटो : CITY OFFICE

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