वाह रे अलीगढ़ नगर निगम: स्कूटी-बाइक से ही उठवा डाली थी सिल्ट, ऑडिट रिपोर्ट से हुआ यह खुलासा
विधानसभा में पेश की गई स्थानीय निधि लेखा परीक्षा की रिपोर्ट के अनुसार अलीगढ़ नगर निगम प्रशासन ने सिल्ट उठान के लिए जो ट्रैक्टर लगाए थे जब उनके नंबरों की जांच की गई तो वह सभी नंबर स्कूटी और बाइक के निकले।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अलीगढ़ नगर निगम के अफसरों ने कमाल ही कर डाला है। नाला सफाई के दौरान निकलने वाली सिल्ट को स्कूटी और बाइक से उठवा दिया। वह एक दो नहीं पूरी 6 स्कूटी लगाकर। यह हम नहीं कह रहे बल्कि 29 जुलाई को विधानसभा में पेश की गई स्थानीय निधि लेखा परीक्षा की रिपोर्ट बता रही है। इस रिपोर्ट के मुताबिक नगर निगम प्रशासन ने सिल्ट उठान के लिए जो ट्रैक्टर लगाए थे जब उनके नंबरों की जांच की गई तो वह सभी नंबर स्कूटी और बाइक के निकले।
दरअसल वित्तीय वर्ष 20-21 की जो ऑडिट रिपोर्ट पेश की गई उसमें अलीगढ़ नगर निगम में ही 50 करोड़ की अनियमितता सामने आई है। इसमें सबसे बड़ा खेल नाला सफाई के बाद सिल्ट उठान के नाम पर हुआ है। सिल्ट उठान में 14 ट्रैक्टर-ट्राली लगाने की बात की गई है। नगर निगम ने सिल्ट उठान में लगाए गए ट्रैक्टरों की रिपोर्ट उनके नंबरों के साथ पेश की थी। ऑडिट टीम ने जब सत्यापन किया तो पता चला कि 14 ट्रैक्टरों ने सिल्ट उठान के लिए 5782 चक्कर लगाए। मगर जब ट्रैक्टरों के नंबरों की जांच हुई तो 6 ट्रैक्टरों के जो नंबर बताए गए थे वह स्कूटी के निकले। जिनमें एक नंबर यूपी 81-5906 है, दूसरा यूपी 13 ए-5797, यूपी 81 ई-3892, यूपी 81 बी-3468, यूपी 81 डीवाई-2544 व एक नंबर बाइक का है। नगर निगम ने इन वाहनों को 1.94 लाख रुपये का भुगतान भी किया है। अगर निगम प्रशासन के पास इन ऑडिट आपत्ति का जवाब नहीं है।
यहां तो ई रिक्शा भी डीजल से दौड़ा दी गईं
इन दो वर्ष में कूड़ा उठान व एटूजेड आदि के वाहनों को कुल 19 करोड़ रुपये के डीजल का भुगतान किया गया। जिसमें 1.50 लाख रुपये का डीजल भुगतान ई रिक्शा यानि बैटरी चलित रिक्शों में दिखा दिया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ई रिक्शा को डीजल से कैसे दौड़ा दिया गया।
ऑडिट रिपोर्ट में जो भी आपत्तियां थीं, उनका पूर्व में जवाब दिया गया। अब विधानसभा स्तर पर जो आपत्तियां पहुंची हैं, मांगे जाने पर उनका भी जवाब दिया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों को निर्देशित कर दिया गया है।-अमित आसेरी, नगर आयुक्त