Aligarh: दुकानदार की हत्या का 18 घंटे में खुलासा, तीन आरोपी दबोचे, दो फरार; विधायक आवासों के पास ऐसे हुई घटना
अलीगढ़ में सुरेंद्र नगर इंद्रप्रस्थ कॉलोनी निवासी अशोक गुप्ता कन्फेक्शनरी की दुकान करते थे। 25 नवंबर देर शाम दो बाइक सवार युवकों ने उनकी दुकान में ही गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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अलीगढ़ में क्वार्सी क्षेत्र के विधायकों के आवास वाली सुरेंद्र नगर कॉलोनी में 25 नवंबर देर शाम दुकानदार की हत्या में पुलिस को सफलता हाथ लगी है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने खुलासा किया है कि इस वारदात को टशनी छात्रों के गुट ने नशे में टोकने पर अंजाम दिया। हालांकि अभी बुलट सवार मुख्य आरोपी सहित दो साथी फरार हैं। जिनमें मुख्य आरोपी हाथरस का है। पुलिस की टीम देर रात तक दोनों की तलाश में जुटी थीं। इस सफलता पर एसएसपी ने पुलिस टीम को बीस हजार के इनाम की घोषणा की है।
सुरेंद्र नगर इंद्रप्रस्थ कालोनी निवासी 62 वर्षीय अशोक गुप्ता कन्फेक्शनरी की दुकान करते थे। 25 नवंबर देर शाम दो बाइक सवार युवकों ने उनकी दुकान में ही गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस सनसनीखेज वारदात पर एसएसपी ने छह टीमों का गठन किया और सर्विलांस, सीसीटीवी जांच, मुखबिरी आदि के दम पर आरोपियों की तलाश में जुट गई।
पुलिस ने चंद घंटों में ही सीसीटीवी की मदद से बुलट सवार मुख्य आरोपी को चिह्नित कर लिया था। इसके बाद उसके अन्य साथियों की भी पहचान हो गई। फिर लगातार चले धरपकड़ अभियान में 18 घंटे के प्रयास में दो आरोपी गिरफ्तार किए गए। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मूल निवासी हबीबपुर छर्रा हाल निवासी विकास लोक कालोनी धनीपुर गांधीपार्क निवासी 18 वर्षीय लखन पाठक व इसी इलाके के 18 वर्षीय ऐश्वर्य उर्फ शौर्य चौहान और सुरेंद्र नगर के ही सूरज सैनी के रूप में हुई। इनमें से लखन दसवीं का छात्र है और पिछले वर्ष फेल होने के बाद दोबारा दसवीं की पढ़ाई कर रहा है।
इसी तरह शौर्य नगला मान सिंह के एक कॉलेज से बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र है। उन्होंने अपने साथियों की पहचान मुगलगढ़ी सिकंदराराऊ हाथरस के 19 वर्षीय आयुष ठाकुर व मुकुंद नगर गांधीपार्क पीपल वाली गली के सिद्धार्थ के रूप में बताई है। पुलिस टीमें इन दोनों को तलाशने में भी लगी हैं। एक टीम ने हाथरस में डेरा डाल रखा है।
घटनाक्रम का हुआ खुलासा
पकड़े गए तीनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मुख्य आरोपी आयुष अपनी बाइक से व सिद्धार्थ अपनी अलग बाइक से सुरेंद्रनगर से होकर जा रहे थे । तभी अशोक गुप्ता की दुकान के सामने पहुंचने पर वहां पर खड़े मृतक के भतीजे ने आयुष को तेज हॉर्न व तेज बाइक चलाने पर टोक दिया था। इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हुई। उस समय तो दोनों वहां से चले गए। बाद में वे अपने दोस्त लखन व ऐश्वर्य उर्फ शौर्य को भी बुलाकर वहां पहुंचे। पहले भतीजे भवतोष को तलाशा गया। जो नहीं मिला। इसके बाद मुख्य आरोपी आयुष ने जवाब न मिलने पर तमंचे से फायरिंग कर दी, जिससे अशोक की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी भाग गए।
भागते समय सूरज से कहा बुलट ठिकाने लगाओ
इस घटना के बाद चारों आरोपी मौके से भाग गए। मगर उनकी बुलट मौके पर ही रह गई। इस पर आयुष ने फोन करके इलाके में ही रहने वाले अपने दोस्त सूरज को सक्रिय किया। वह घटना के वक्त आसपास ही घूम रहा था। उसे बुलट ठिकाने लगाने का काम दिया गया। इस पर सूरज ने मौके पर पहुंचकर बुलट को ठिकाने लगाया। जब तक वह मौके पर पहुंचा, तब तक पुलिस नहीं आई थी और परिजन व आसपास के लोग अशोक गुप्ता को अस्पताल ले जाने में व्यस्त थे। पुलिस ने सूरज को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त रही बुलेट को बरामद किया है।