{"_id":"622116723f5e4b546e1c4393","slug":"sandeep-murder-case-aligarh-news-ali286361925","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ : प्रवीन बाजौता का कारागार में विरोधी गुट से आमना-सामना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ : प्रवीन बाजौता का कारागार में विरोधी गुट से आमना-सामना
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अलीगंज के लाजिस्टिक कारोबारी व सीमेंट सप्लायर संदीप गुप्ता हत्याकांड के मुख्य आरोपी शूटर प्रवीन बाजौता की जिला कारागार में बृहस्पतिवार सुबह अपने विरोधी गुट से आमना-सामना होने पर तनातनी हो गई। इस दौरान कारागार प्रशासन की सख्ती से दोनों शांत हो गए। वरना नौबत आस्तीन चढ़ने तक आ गई थी। यह वाकया उस समय हुआ, जब प्रवीन व जितेंद्र कंजा को पुलिस रिमांड के लिए निकाला जा रहा था। इधर, रिमांड पर प्रारंभिक पूछताछ के बाद देर रात तक पिस्टल व नकदी बरामदगी के लिए पुलिस टीमों को लेकर दोनों घूम रहे थे। देर रात पुलिस टीम टप्पल में किसी ठिकाने पर थी।
27 दिसंबर की देर शाम हुए इस हत्याकांड में सुपारी शूटर के रूप में प्रवीन बाजौता व हाथरस के जितेंद्र उर्फ कंजा का नाम सामने आया। दोनों की भरतपुर में गिरफ्तारी के बाद इन्हें रिमांड पर लेना तय हुआ। इसी क्रम में बुधवार शाम प्रवीन को अलीगढ़ जेल दाखिल किया गया था, जबकि जितेंद्र कुछ दिन पहले ही यहां आ गया था। सुबह इन दोनों को रिमांड पर लेकर जाने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान जेल में ही निरुद्ध प्रवीन के गांव के विपक्षी खेमे के अपराधियों से उसका आमना सामना हो गया। वे लोग जिम कर रहे थे। इस दौरान दोनों में तनातनी हो गई। वह तो कारागार प्रशासन के अधिकारी नजर बनाए हुए थे। निगरानी व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। इसलिए बात जहां की तहां शांत हो गई। कारागार प्रशासन के सख्त रवैये के चलते दोनों खेमे शांत हो गए।
इसके बाद पुलिस टीमें दोनों को लेकर सिविल लाइंस थाने पहुंचीं। जहां तीसरे साथी के नाम, हत्या में प्रयुक्त कार, हथियार बरामदगी व नगदी बरामदगी पर बातचीत शुरू हुई। देर शाम तक चली पूछताछ में उन्होंने तीसरे साथी के विषय में कुछ तथ्य उजागर किए हैं। वहीं कार को लेकर यही बताया है कि मथुरा से लूटी गई कार उन्हें किसी से मिली थी। हालांकि पुलिस इस तथ्य को अभी सही नहीं मान रही है। वहीं, देर रात वह अपने फरारी काटने व माल बरामद कराने संबंधी कुछ ठिकानों पर टीम को लेकर टप्पल क्षेत्र में गए हुए थे। देर रात टीमें लौटी नहीं थीं। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के अनुसार अभी रिमांड अवधि की शुरुआत है। पूछताछ जारी है। कोई महत्वपूर्ण तथ्य साफ नहीं हुआ है। कई दौर की पूछताछ के बाद ही कुछ बताया जा सकेगा।
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हत्या में प्रयुक्त कार व तीसरे साथी को लेकर बरगला रहा पुलिस को
पुलिस की अब तक की जांच व पूछताछ के अनुसार यह महसूस हो रहा है कि वह हत्या में शामिल तीसरे साथी को लेकर पुलिस को बरगला रहा है। अपने किसी करीबी को बचाने का प्रयास कर रहा है। वहीं कार को लेकर पुलिस मान रही है कि कार इसी ने लूटी है। इस मामले में भी वह झूठ बोल रहा है।
- भरतपुर जेल से दाखिल हुए प्रवीन बाजौता के गांव का विपक्षी गुट पहले से जेल में है। सुबह सुबह दोनों में आमना सामना होने पर तनातनी जैसे हालात बने थे। मगर पहले से कारागार प्रशासन इन दोनों के प्रति सख्त और गंभीर था। इसलिए बात टल गई। इस मामले में कारागार प्रशासन पहले से सख्त था। आगे और विशेष ध्यान रखना तय किया गया है।-पीके सिंह, जेलर
समझौते के बाद भी बन रहे तनातनी के हालात
ये बात जगजाहिर है कि बाजौता के दो गुट मुकेश चौधरी व होशियार सिंह के परिवारों में चली रंजिश में पहले मुकेश चौधरी यानी प्रवीन के चाचा की हत्या की गई। जिसका आरोप होशियार व उसके पक्ष पर लगा। फिर होशियार सिंह की हत्या दीवानी में पुलिस अभिरक्षा में हुई। जिसका आरोप प्रवीन व उसके परिवार के अन्य लोगों पर लगा। हालांकि दोनों पक्षों में इन दोनों हत्याकांडों में समझौता हो गया। इसके बाद भी अब फिर क्यों तनातनी के हालात बन रहे हैं। इस तथ्य को पुलिस गंभीरता से ले रही है। सीओ तृतीय के अनुसार प्रवीन ने पूछताछ में स्वीकारा है कि आमना सामना होने पर गरमा-गरमी हुई थी।
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27 दिसंबर की देर शाम हुए इस हत्याकांड में सुपारी शूटर के रूप में प्रवीन बाजौता व हाथरस के जितेंद्र उर्फ कंजा का नाम सामने आया। दोनों की भरतपुर में गिरफ्तारी के बाद इन्हें रिमांड पर लेना तय हुआ। इसी क्रम में बुधवार शाम प्रवीन को अलीगढ़ जेल दाखिल किया गया था, जबकि जितेंद्र कुछ दिन पहले ही यहां आ गया था। सुबह इन दोनों को रिमांड पर लेकर जाने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान जेल में ही निरुद्ध प्रवीन के गांव के विपक्षी खेमे के अपराधियों से उसका आमना सामना हो गया। वे लोग जिम कर रहे थे। इस दौरान दोनों में तनातनी हो गई। वह तो कारागार प्रशासन के अधिकारी नजर बनाए हुए थे। निगरानी व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। इसलिए बात जहां की तहां शांत हो गई। कारागार प्रशासन के सख्त रवैये के चलते दोनों खेमे शांत हो गए।
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इसके बाद पुलिस टीमें दोनों को लेकर सिविल लाइंस थाने पहुंचीं। जहां तीसरे साथी के नाम, हत्या में प्रयुक्त कार, हथियार बरामदगी व नगदी बरामदगी पर बातचीत शुरू हुई। देर शाम तक चली पूछताछ में उन्होंने तीसरे साथी के विषय में कुछ तथ्य उजागर किए हैं। वहीं कार को लेकर यही बताया है कि मथुरा से लूटी गई कार उन्हें किसी से मिली थी। हालांकि पुलिस इस तथ्य को अभी सही नहीं मान रही है। वहीं, देर रात वह अपने फरारी काटने व माल बरामद कराने संबंधी कुछ ठिकानों पर टीम को लेकर टप्पल क्षेत्र में गए हुए थे। देर रात टीमें लौटी नहीं थीं। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के अनुसार अभी रिमांड अवधि की शुरुआत है। पूछताछ जारी है। कोई महत्वपूर्ण तथ्य साफ नहीं हुआ है। कई दौर की पूछताछ के बाद ही कुछ बताया जा सकेगा।
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हत्या में प्रयुक्त कार व तीसरे साथी को लेकर बरगला रहा पुलिस को
पुलिस की अब तक की जांच व पूछताछ के अनुसार यह महसूस हो रहा है कि वह हत्या में शामिल तीसरे साथी को लेकर पुलिस को बरगला रहा है। अपने किसी करीबी को बचाने का प्रयास कर रहा है। वहीं कार को लेकर पुलिस मान रही है कि कार इसी ने लूटी है। इस मामले में भी वह झूठ बोल रहा है।
- भरतपुर जेल से दाखिल हुए प्रवीन बाजौता के गांव का विपक्षी गुट पहले से जेल में है। सुबह सुबह दोनों में आमना सामना होने पर तनातनी जैसे हालात बने थे। मगर पहले से कारागार प्रशासन इन दोनों के प्रति सख्त और गंभीर था। इसलिए बात टल गई। इस मामले में कारागार प्रशासन पहले से सख्त था। आगे और विशेष ध्यान रखना तय किया गया है।-पीके सिंह, जेलर
समझौते के बाद भी बन रहे तनातनी के हालात
ये बात जगजाहिर है कि बाजौता के दो गुट मुकेश चौधरी व होशियार सिंह के परिवारों में चली रंजिश में पहले मुकेश चौधरी यानी प्रवीन के चाचा की हत्या की गई। जिसका आरोप होशियार व उसके पक्ष पर लगा। फिर होशियार सिंह की हत्या दीवानी में पुलिस अभिरक्षा में हुई। जिसका आरोप प्रवीन व उसके परिवार के अन्य लोगों पर लगा। हालांकि दोनों पक्षों में इन दोनों हत्याकांडों में समझौता हो गया। इसके बाद भी अब फिर क्यों तनातनी के हालात बन रहे हैं। इस तथ्य को पुलिस गंभीरता से ले रही है। सीओ तृतीय के अनुसार प्रवीन ने पूछताछ में स्वीकारा है कि आमना सामना होने पर गरमा-गरमी हुई थी।