{"_id":"668678f4ed3f0cf745053844","slug":"sakar-hari-advocate-ap-singh-came-to-aligarh-2024-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस हादसा: अलीगढ़ आए साकार हरि के अधिवक्ता एपी सिंह, बोले- बाबा भागे नहीं है, जब पुलिस बुलाएगी, तब आएंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस हादसा: अलीगढ़ आए साकार हरि के अधिवक्ता एपी सिंह, बोले- बाबा भागे नहीं है, जब पुलिस बुलाएगी, तब आएंगे
Thu, 04 Jul 2024 03:57 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 04 Jul 2024 03:57 PM IST
सार
2 जुलाई को हुए हाथरस हादसे के बाद साकार हरि ने एपी सिंह को अपना अधिवक्ता नियुक्त किया था। 4 जुलाई को अधिवक्ता एपी सिंह अलीगढ़ के दीनदयाल अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने घायलों से जानकारी ली। एपी सिंह ने मीडिया से भी बात की।
विज्ञापन
अलीगढ़ में मीडिया से मुखातिब होते अधिवक्ता एपी सिंह
- फोटो : वीडियो ग्रैब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
साकार हरि बाबा के अधिवक्ता एपी सिंह अलीगढ़ के दीनदयाल अस्पताल पहुंचे। वहां पर उन्होंने कहा कि बाबा भागे नहीं हैं। उत्तर प्रदेश में हैं। पुलिस जब बुलाएगी, तब उनके सामने प्रस्तुत होंगे।
विज्ञापन
2 जुलाई को हुए हाथरस हादसे के बाद साकार हरि ने एपी सिंह को अपना अधिवक्ता नियुक्त किया था। 4 जुलाई को अधिवक्ता एपी सिंह अलीगढ़ के दीनदयाल अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने घायलों से जानकारी ली। एपी सिंह ने मीडिया से भी बात की। उन्होंने कहा कि जो हादसे के बारे में बताना चाहते हैं, वो हमें या एसआईटी को दें, उनकी पहचान को खोला नहीं जाएगा। मामले में दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए और निर्दोष को सजा नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन
बाबा के सामने न आने पर उन्होंने कहा कि वह कभी भागेंगे नहीं, वेष नहीं बदलेंगे, बॉर्डर पर नहीं मिलेंगे। इसी उत्तर प्रदेश में हैं, हमें एसआईटी की जांच पर भरोसा है। चरन धूलि पर उन्होंने कहा कि चरन छूने की पद्वति बाबा के यहां नहीं है, दान नहीं लेते, रसीद नहीं है, सोने-चांदी नहीं चढ़ाया जाता, वह अपने बीआरएस के पैसों, पेंशन से गुजारा चलाते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने दावा किया कि नारायण साकार हरि का देश में कहीं, कोई आश्रम नहीं है। हादसे में मृतकों के लिए शोक सभा का आयोजन किया जाएगा। सेवादारों ने अनुयायियों को धक्के नहीं मारे, वो कोई असमाजिक तत्व हैं, जिन्होंने ऐसा किया, इसकी जांच होनी चाहिए। साकार हरि अपने वाहन से अलग रास्ते से मंच के पास आते हैं और प्रवचन देकर चले जाते हैं।
भीड़ अधिक होने पर वह बोले कि चुनाव आचार संहिता की अवधि हुई। हिंदू को हिंसक कहा गया। हिंदू को एचआईवी, डेंगू, मलेरिया कहा। इस पर सनातनी अपने धर्मगुरू के पास जाएगी, इसलिए अधिक भीड़ हुई। हमें यूपी सरकार, योगी जी, गृहमंत्री और मीडिया पर पूरा भरोसा है। जब, जहां, जैसी जरूरत होगी, वो सामने आएंगे।