{"_id":"586ab1864f1c1ba709158d8b","slug":"rojagarasrijk-education-needed-to-overcome-unemployment","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेरोजगारी दूर करने के लिए रोजगारसृजक शिक्षा जरूरी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेरोजगारी दूर करने के लिए रोजगारसृजक शिक्षा जरूरी
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Tue, 03 Jan 2017 02:11 AM IST
विज्ञापन
बेरोजगारी दूर करने के लिए रोजगारसृजक शिक्षा जरूरी
- फोटो : Dig Vishal
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेरोजगारी इस देश की सबसे बड़ी समस्या है। इसको दूर करने के लिए अब रोजगारसृजक शिक्षा की आवश्यकता है। शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन की जरूरत है। ये बातें राजस्थान के राज्यपाल और यूपी के पूर्व सीएम कल्याण सिंह ने सोमवार को डीएस डिग्री कॉलेज परिसर में श्रीमती बैकुंठी देवी पुस्तकालय के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने अपने राज्यपाल कोष से इस पुस्तकालय के लिए पांच लाख रुपये की धनराशि देने की घोषणा भी की। उन्होंने नकल को शिक्षा के लिए कलंक बताया।
उन्होंने कहा कि गरीबी बेरोजगारी का नतीजा है। लोगों के पास रोजगार नहीं हैं। इसलिए उनके हाथ खाली हैं। आज शिक्षा रोजगारसृजक होनी चाहिए। कहा कि वह रोजगारपरक नहीं, रोजगारसृजक शिक्षा की बात कर रहे हैं। यानि पढ़ाई और कमाई साथ-साथ हो। लर्निंग के साथ अर्निंग भी हो। बीए, एमए और इंजीनियरिंग के डिग्रीधारकों को नौकरी के लिए नाले में उतरना पड़ रहा है। यह देखकर बहुत दुख होता है। बताया कि उनके कार्यकाल से पहले राजस्थान में करीब 32 लाख डिग्रियां नहीं बांटी गई थीं। उन्होंने पिछले साल तक की डिग्री बांटी और अब कोई डिग्री पेंडिंग नहीं है।
इससे पहले उन्होंने फीता काटकर पुस्तकालय का उद्घाटन किया। समारोह में मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के बाद दुर्गा सांस्कृ तिक केंद्र के बच्चों ने मां सरस्वती वंदना व अन्य रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। पूर्व सीएम को फूलमालाओं के साथ-साथ फलों की टोकरी भी भेंट की गई। यह फल निराश्रित बच्चों को भेजने की घोषणा की गई। कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अंजना अग्रवाल ने कॉलेज की उपलब्धियों के बारे में बताया। राज्यपाल ने कॉलेज की विवरण पुस्तिका का भी विमोचन किया।
विज्ञापन
शिक्षाविद् डॉ. रक्षपाल सिंह ने शिक्षा पर लिखी गई अपनी पुस्तक पूर्व सीएम को भेंट की। डॉ. अशोक अंजुम ने कॉलेज की शान में कविता प्रस्तुत की। संरक्षक कुंवर बहादुर सिंह ने कहा कि इस कॉलेज में अगले सत्र से बायोमेट्रिक प्रणाली से उपस्थिति लगेगी। कल्याण सिंह ने इस मौके पर स्वर्ण पद (विश्वविद्यालय के सर्वाधिक अंक अर्जित करने पर) विजेता गोपाल शर्मा एवं निकेता जैन को सम्मानित किया। ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के अंतर्गत महाविद्यालय के चित्रकला विभाग के छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। संचालन डॉ. नीलम श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम में प्रबंध समिति के सचिव राजीव अग्रवाल, डॉ. मुकेश भारद्वाज, डॉ. प्रबोध श्रीवास्तव, डॉ. ओपी बंसल, डॉ. बीना अग्रवाल, डॉ. राजेश अग्रवाल, डॉ. सुनीता गुप्ता, डॉ. हरीश शर्मा, डॉ. वीपी सिंह आदि मौजूद रहे।
हिंदुत्व तो विचारधारा है : कल्याण सिंह
अलीगढ़। राजस्थान के राज्यपाल व यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने कहा है कि यदि धर्म और जाति के वोट मांगे जाते हैं तो चुनाव आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिए। यहां डीएस कॉलेज में आयोजित समारोह के दौरान वे पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। जब उसने यह पूछा गया कि अब सुप्रीम कोर्ट ने धर्म, जाति के नाम पर वोट मांगने पर रोक लगा दी है तो पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था तो पहले से ही है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि यदि ऐसा कोई करता है तो इस पर चुनाव आयोग को संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करनी चाहिए। जब उनसे यह पूछा गया कि भाजपा भी हिंदुत्व के नाम वोट मांगती है तो कहा कि हिंदुत्व तो एक विचारधारा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि गरीबी बेरोजगारी का नतीजा है। लोगों के पास रोजगार नहीं हैं। इसलिए उनके हाथ खाली हैं। आज शिक्षा रोजगारसृजक होनी चाहिए। कहा कि वह रोजगारपरक नहीं, रोजगारसृजक शिक्षा की बात कर रहे हैं। यानि पढ़ाई और कमाई साथ-साथ हो। लर्निंग के साथ अर्निंग भी हो। बीए, एमए और इंजीनियरिंग के डिग्रीधारकों को नौकरी के लिए नाले में उतरना पड़ रहा है। यह देखकर बहुत दुख होता है। बताया कि उनके कार्यकाल से पहले राजस्थान में करीब 32 लाख डिग्रियां नहीं बांटी गई थीं। उन्होंने पिछले साल तक की डिग्री बांटी और अब कोई डिग्री पेंडिंग नहीं है।
विज्ञापन
इससे पहले उन्होंने फीता काटकर पुस्तकालय का उद्घाटन किया। समारोह में मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के बाद दुर्गा सांस्कृ तिक केंद्र के बच्चों ने मां सरस्वती वंदना व अन्य रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। पूर्व सीएम को फूलमालाओं के साथ-साथ फलों की टोकरी भी भेंट की गई। यह फल निराश्रित बच्चों को भेजने की घोषणा की गई। कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अंजना अग्रवाल ने कॉलेज की उपलब्धियों के बारे में बताया। राज्यपाल ने कॉलेज की विवरण पुस्तिका का भी विमोचन किया।
विज्ञापन
शिक्षाविद् डॉ. रक्षपाल सिंह ने शिक्षा पर लिखी गई अपनी पुस्तक पूर्व सीएम को भेंट की। डॉ. अशोक अंजुम ने कॉलेज की शान में कविता प्रस्तुत की। संरक्षक कुंवर बहादुर सिंह ने कहा कि इस कॉलेज में अगले सत्र से बायोमेट्रिक प्रणाली से उपस्थिति लगेगी। कल्याण सिंह ने इस मौके पर स्वर्ण पद (विश्वविद्यालय के सर्वाधिक अंक अर्जित करने पर) विजेता गोपाल शर्मा एवं निकेता जैन को सम्मानित किया। ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के अंतर्गत महाविद्यालय के चित्रकला विभाग के छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। संचालन डॉ. नीलम श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम में प्रबंध समिति के सचिव राजीव अग्रवाल, डॉ. मुकेश भारद्वाज, डॉ. प्रबोध श्रीवास्तव, डॉ. ओपी बंसल, डॉ. बीना अग्रवाल, डॉ. राजेश अग्रवाल, डॉ. सुनीता गुप्ता, डॉ. हरीश शर्मा, डॉ. वीपी सिंह आदि मौजूद रहे।
हिंदुत्व तो विचारधारा है : कल्याण सिंह
अलीगढ़। राजस्थान के राज्यपाल व यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने कहा है कि यदि धर्म और जाति के वोट मांगे जाते हैं तो चुनाव आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिए। यहां डीएस कॉलेज में आयोजित समारोह के दौरान वे पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। जब उसने यह पूछा गया कि अब सुप्रीम कोर्ट ने धर्म, जाति के नाम पर वोट मांगने पर रोक लगा दी है तो पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था तो पहले से ही है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि यदि ऐसा कोई करता है तो इस पर चुनाव आयोग को संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करनी चाहिए। जब उनसे यह पूछा गया कि भाजपा भी हिंदुत्व के नाम वोट मांगती है तो कहा कि हिंदुत्व तो एक विचारधारा है।