Aligarh News: डाकघर अधीक्षक आत्महत्या की वजह तलाशने बुलंदशहर पहुंची पुलिस, ये हैं आरोपी
आत्महत्या के संबंध में टीपी सिंह के छोटे भाई अधिवक्ता रामवीर सिंह की ओर से तहरीर दी गई है। जिसमें आत्महत्या के लिए प्रेरित करने संबंधी आरोप में उन्हीं लोगों को आरोपी बनाया है, जिनके नाम टीपी सिंह ने आत्महत्या से पहले लिखे सुसाइड नोट में उल्लेखित किए हैं।
विस्तार
अलीगढ़ महानगर की सुरक्षा विहार कालोनी में बुलंदशहर प्रधान डाकघर के अधीक्षक त्रिभुवन प्रसाद सिंह की आत्महत्या के जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए परिवार वालों ने तहरीर दे दी है। बन्नादेवी पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की एक टीम तहरीर से जुड़े साक्ष्यों पर जानकारी जुटाने बुलंदशहर गई है। वहां से लौटकर आने के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस दौरान आरोपियों की भूमिका, सीसीटीवी आदि तथ्य देखे जाएंगे। बता दें कि बुधवार सुबह ही टीपी सिंह ने अपने घर में निजी रायफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या की थी।
इस आत्महत्या के संबंध में बगल के ही मकान में रहने वाले टीपी सिंह के छोटे भाई अधिवक्ता रामवीर सिंह की ओर से बन्नादेवी पुलिस को तहरीर दी गई है। जिसमें आत्महत्या के लिए प्रेरित करने संबंधी आरोप में उन्हीं लोगों को आरोपी बनाया है, जिनके नाम टीपी सिंह ने आत्महत्या से पहले लिखे सुसाइड नोट में उल्लेखित किए हैं। तहरीर में साफ कहा है कि इनके द्वारा किए गए उत्पीडऩ, दी गईं धमकियों और झूठी शिकायतों से आजिज आने पर ही उनके भाई ने आत्महत्या की है।
तहरीर के अनुसार उनके भाई ने परिवार में पहले भी इस बात का जिक्र किया था। आरोपियों द्वारा यह धमकी दी गई थी कि अगर उनके किए गए अनैतिक कार्यों के खिलाफ उन्होंने कार्यवाही नहीं रोकी तो वे ऐसे हालात पैदा कर देंगे कि वे आत्महत्या को मजबूर होंगे। इसी वजह से उनके भाई ने आत्महत्या की है। इंस्पेक्टर बन्नादेवी पंकज मिश्रा ने तहरीर मिलने की पुष्टि की है। बताया कि अधिकारियों के निर्देश पर टीम तथ्यों की जानकारी के लिए बुलंदशहर भेजी गई है।
बुलंदशहर के डाकघर अधीक्षक की आत्महत्या के मामले में परिवार ने तहरीर दे दी है। जिसमें सुसाइड नोट में शामिल लोगों पर आत्महत्या के दुष्प्रेरण का आरोप है। जिसमें एक टीम तथ्यों को समझने बुलंदशहर भेजी गई है। टीम के लौटने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।-मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी
इन सवालों के जवाब जानेगी टीम
22 अगस्त दोपहर थाने के इंस्पेक्टर क्राइम विजेंद्र सिंह राणा टीम के साथ दोपहर में बुलंदशहर भेजे गए हैं। यह टीम बुलंदशहर में यह जानने का प्रयास करेगी कि मंगलवार को कौन सी टीम डाकघर में जांच के लिए आई थी? किसने शिकायत की थी? क्या शिकायत की थी? टीम ने किन किन लोगों से क्या क्या पूछताछ की? सीसीटीवी देखे जाएंगे? जिसमें टीपी सिंह की आवाजाही आदि देखी जाएगी? इस दौरान उनकी गतिविधियां देखी जाएंगी? साथ में जिन लोगों को सुसाइड नोट व तहरीर में आरोपी बनाया है, उनकी भूमिका आदि जानी जाएंगी।
सुसाइड नोट-तहरीर के आधार पर ये आरोपी
सुरेश कुमार पुत्र शंभू दयाल निवासी सैदपुर बुलंदशहर, सुरेश की पत्नी, मनोज कुमार तत्कालीन उपडाकपाल एजी स्कूल बुलंदशहर वर्तमान में उपडाकपाल नारहर जिला ललितपुर मूल निवासी शिकारपुर बुलंदशहर, योगेंद्र सिंह पूर्व मेल ओवरसियर खुर्जा निवासी खुर्जा, बनवारी लाल पूर्व मेल ओवरसियर अनूपशहर निवासी ग्राम व पोस्ट सघर पहासू, उनके तीन पुत्र क्रमश: अरुण, वरुण व टेकचंद्र।
ये है प्रकरण
मूल रूप से अकरावत लोधा व हाल सुरक्षा विहार निवासी टीपी सिंह के विभाग के कुछ लोगों ने सीबीआई में शिकायत की थी। जिसमें डाकपाल पदों पर नियुक्तियों, टूर बिल आदि में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इसी मामले में जांच के लिए सीबीआई टीम मंगलवार को मुख्य डाकघर पहुंची थी। शाम में करीब चार घंटे तक टीम ने त्रिभुवन प्रसाद सिंह से पूछताछ की। रात 11 बजे उन्हें वहां से घर भेज दिया गया था। इसके बाद टीम तडक़े चार बजे तक डाकघर में रिकार्ड खंगालती रही और वापस चली गई। मगर कुछ खास मिला नहीं। रात में 11 बजे त्रिभुवन प्रसाद पहले अपने किराये के रूम पर पहुंचे हैं। वहां से सुबह पांच बजे बिना किसी को बताए अलीगढ़ चले आए। यहां आने के बाद पत्नी के स्कूल जाने के बाद बुधवार सुबह घर में उन्होंने यह कदम उठाया था। जिससे पहले एक सुसाइड नोट भी अपने विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल किया था। जिसमें नामजदों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था।