रिपोर्ट दर्ज न करने पर फंसे थाना प्रभारी
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गुमशुदा किशोर की रिपोर्ट दर्ज न करने पर देहली गेट थाना प्रभारी फंस गए हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने इसे सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना का मामला मानते हुए थाना प्रभारी को 6 जनवरी को तलब किया है।
एडीआर भवन के सभागार में बच्चों का व्यापार विषय पर एक बैठक हुई। इसमें चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट व जिला प्रोबेशन अधिकारी मौजूद थे। वहां यह मामला आया कि 14 साल का एक किशोर 8 दिसंबर 2015 से लापता है। 10 दिसंबर को उसकी गुमशुदगी दर्ज हुई।
पराविधिक स्वंयसेवक निधि शर्मा ने बताया कि उन्होेंने थाना पुलिस से कई बार इस मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने व बच्चे को ढूंढ़ने को कहा लेकिन पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। इस मौके पर यह कहा गया कि अब तक इस मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज न किया जाना सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संजय चौधरी ने सुप्रीम कोर्ट की अवमानना की स्थिति स्पष्ट करने के लिए थाना प्रभारी देहली गेट को 6 जनवरी को सभी प्रपत्रों सहित तलब किया है। इसके अलावा एसपी से भी इस प्रकरण में जानकारी मांगी गई है। ताकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना से सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया जा सके।
इस मौके पर चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट (ब्लॉक, बाल संरक्षण समितियों के गठन) और कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। खोया-पाया पोर्टल, टैक द मिशन चाइल्ड बेवसाइट आदि के बारे में बताया गया और यह अपेक्षा की गई कि सिे गांव, ब्लॉक व शहरी क्षेत्र में लागू किया जाए।
इस मौके पर चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट के प्रभारी कुलदीप चंदेल, प्राधिकरण पीए राजीव शर्मा, पुरुषोत्तम शर्मा, सांजिया सिद्दकी, निधि शर्मा, अशोक शर्मा, सईदा खातून, आभा वार्ष्णेय, सत्यप्रकाश, मनोज कुमार शर्मा, फहमिदा, संध्या, सावित्री आदि थे।