Aligarh: मां-बेटी की धमकी के बाद पुलिस ने कारोबारी परिवार पर लिखा मुकदमा, एक टीम जयपुर रवाना
युवती ने आरोप लगाया है कि वह निर्यातक सुशील चौधरी के बेटे तुषार के घर पर काम करती है। परिवार के लोगों ने चार महीने तक अच्छा व्यवहार किया। पांचवें महीने में परेशान करना शुरू कर दिया। तुषार व परिवार के अन्य सदस्य व नौकर रोज मारते थे। तुषार व उसके आठ दोस्तों ने और नौकरों (शिवपाल, पिंकू, अक्शै) ने तीन से चार दिन तक दुष्कर्म किया और वीडियो बनाई।
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अलीगढ़ शहर के प्रमुख निर्यातक सुशील चौधरी के परिवार पर मुकदमा पुलिस ने यूं ही दर्ज नहीं किया। 18 जुलाई रात मां-बेटी थाने पहुंच गईं और खैर कोतवाली जैसी धमकी दी। इस पर पुलिस को मजबूरन मुकदमा दर्ज करना पड़ा। हालांकि 20 जुलाई को विवेचक ने युवती के बयान दर्ज किए हैं और रात में ही एक टीम जयपुर रवाना की गई है, जो वहां की पुलिस की मदद से सीसीटीवी व अन्य साक्ष्य संकलित करेगी।
बरौला जाफराबाद निवासी युवती ने थाना बन्नादेवी में मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें आरोप है कि वह निर्यातक सुशील चौधरी के बेटे तुषार के घर पर काम करती है। परिवार के लोगों ने चार महीने तक अच्छा व्यवहार किया। पांचवें महीने में परेशान करना शुरू कर दिया। तुषार व परिवार के अन्य सदस्य व नौकर रोज मारते थे। आरोप है कि 15 जून को तुषार व उसके आठ दोस्तों ने और नौकरों (शिवपाल, पिंकू, अक्शै) ने तीन से चार दिन तक दुष्कर्म किया और वीडियो बनाई। सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता ने आरोप लगाया है कि परिवार के सभी लोगों व नौकरों ने मिलकर उसे जान से मारना चाहा था। जब मैंने अपने भाइयों को फोन कर बताया तो पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई।
बता दें कि सुशील चौधरी का ओरिएंटल मैटल वर्क्स के नाम से कारोबार है। वह 2007 में मेयर का चुनाव भी कांग्रेस के टिकट पर लड़ चुके हैं। वह 18 जुलाई रात ही जयपुर से अपनी बेटी की शादी कर लौटा था। उसी रात यह मुकदमा दर्ज हुआ है।
ये हैं मुकदमे में आरोपी
दुष्कर्म में आरोपी पुत्र तुषार, उसके आठ अज्ञात दोस्त, तीन नौकर शिवपाल, पिंकू, अक्शे। वहीं, मारपीट व उत्पीड़न में आरोपी निर्यातक सुशील चौधरी, तुषार की पत्नी आयुषी, सुशील चौधरी की पत्नी सीमा।
ऐसे लिखी गई इस मुकदमे की पटकथा
पुलिस सूत्र बताते हैं कि 18 जुलाई रात मां बेटी बन्नादेवी थाने पहुंचे और मुकदमे के लिए तहरीर दी। पुलिस ने जांच के नाम पर टालने का प्रयास किया तो वे खैर सरीखी धमकी देने लगीं। इस पर अधिकारियों को संज्ञान लेकर मुकदमा दर्ज करना मजबूरी बन गया। पुलिस दहशत में आ गई कि कहीं कोई नया बखेड़ा न खड़ा हो जाए।
दर्ज हुए बयान, टीम जयपुर रवाना
इस मामले में शनिवार को विवेचक ने बयान दर्ज किए हैं। हालांकि, अभी बयान पूरी तरह नहीं हो पाए हैं। युवती आधी अधूरी बातें बता रही है। संभव हुआ तो रविवार को फिर से बयान होंगे। उसके द्वारा बताई गई घटना के अनुसार देर रात एक टीम जयपुर रवाना की जा रही थी, जो जयपुर पुलिस की मदद से शादी समारोह स्थल के सीसीटीवी व अन्य साक्ष्य संकलित करेगी।
दिन भर थाने पर कारोबारियों का जमावड़ा
इस घटना के बाद से कारोबारी लॉबी सकते में है। शनिवार को दिन भर थाने पर कारोबारी लॉबी का जमावड़ा रहा। कुछ लोग गाड़ियों में जमे रहे, जबकि कुछ लोग थाने में अपने अपने तरह से पैरोकारी करते रहे।
पीड़िता के 161 के बयान दर्ज हुए हैं, जिसमें वह आरोप दोहरा रही है। अब उसके न्यायालय में बयान दर्ज कराए जाएंगे। एक टीम जयपुर भेजी जा रही है। वहां की पुलिस की मदद से सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्य संकलित किए जाएंगे। साथ में मोबाइल लोकेशन व कॉल डिटेल आदि पर भी काम किया जाएगा। उसी आधार पर आगे कार्रवाई तय होगी।-मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी
अलीगढ़ पुलिस कतई नहीं चाहती कि कारोबारी लोग भाजपा के साथ खड़े रहें और संगठन को मजबूत करें। इसी का परिणाम है कि मामू भांजा के बाद अब यह मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि डीजीपी का सख्त आदेश है कि बिना जांच के कारोबारी पर यूं ही मुकदमा दर्ज न किया जाए।- मानव महाजन, वरिष्ठ भाजपा नेता