40 साल का कक्षा एक का छात्र: उससे पुलिस को है शांति भंग का खतरा, किया पाबंद, एसीएम कोर्ट ने किया तलब
मामला संज्ञान में आ गया है। दरोगा स्तर से यह लापरवाही नाम, पता व उम्र आदि नोट करने में बरती गई है। उसी के चलते बच्चे की पाबंदी रिपोर्ट चली गई। अब दरोगा के खिलाफ लापरवाही संबंधी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को दी जा रही है। साथ में पाबंदी नोटिस को निरस्त कराने संबंधी में रिपोर्ट एसीएम न्यायालय भेजी जा रही है।
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अलीगढ़ में क्वार्सी पुलिस की रिपोर्ट पर एसीएम न्यायालय ने कक्षा एक के छात्र को शांति भंग के अंदेशे में पाबंद किया है। बालक को 30 अक्तूबर को न्यायालय में हाजिर होने के संबंध में तलबी नोटिस जारी किया है। नोटिस घर पहुंचने पर परिवार के लोग दंग रह गए। अब इस संबंध में अधिवक्ता के जरिये मदद ली जा रही है।
घटनाक्रम करीब एक माह पुराना है। राजीव नगर गली नंबर एक सीमेंट वाली गली के डॉ. हितेश चौहान निजी नर्सिंग होम में कार्यरत हैं। उनके पड़ोसी ने उनके खिलाफ आईजीआरएस के जरिये शिकायत की। इसमें कहा कि हितेश ने अपने घर का दरवाजा उनके घर की ओर खोल लिया है। जिससे उन्हें समस्या है। इसकी जांच में हल्का चौकी प्रभारी दरोगा उनके घर पहुंचे। जांच के साथ हितेश से उनके मकान के कागजात मांगे। हितेश ने कागजात देने से यह कहते हुए इन्कार कर दिया कि शिकायत दरवाजे के संबंध में है। इसमें कागजात की जरूरत नहीं। न हमने कोई दरवाजा खोला है। शिकायत भी बेवजह की गई है।
दरोगा दोनों परिवारों के सभी सदस्यों के नाम नोट कर लाए। चौकी पहुंचकर उन्होंने आईजीआरएस पर अपनी रिपोर्ट दी। साथ में यह सोचकर दोनों पक्षों के संबंध में शांति भंग के अंदेशे में पाबंद कराने की रिपोर्ट बना दी कि आगे फिर ये झगड़ेंगे।
बस वही रिपोर्ट बनाने में गलती कर गए। हितेश के बजाय 2019 में जन्मे उनके छह वर्ष के बेटे व पड़ोसी के खिलाफ पाबंदी रिपोर्ट बना दी। हितेश का बेटा नामी कान्वेंट स्कूल में पहली कक्षा का छात्र है। अब दरोगा की रिपोर्ट पर 10 अक्तूबर को एसीएम द्वितीय की अदालत से हितेश के बेटे व पड़ोसी को पाबंद कर दिया है। हितेश को बेटे के विषय में मिले नोटिस में एक वर्ष के लिए एक लाख रुपये से पाबंद करने का उल्लेख है। इसके बाद से परिवार परेशान है।
मामला संज्ञान में आ गया है। दरोगा स्तर से यह लापरवाही नाम, पता व उम्र आदि नोट करने में बरती गई है। उसी के चलते बच्चे की पाबंदी रिपोर्ट चली गई। अब दरोगा के खिलाफ लापरवाही संबंधी रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को दी जा रही है। साथ में पाबंदी नोटिस को निरस्त कराने संबंधी में रिपोर्ट एसीएम न्यायालय भेजी जा रही है। - सर्वम सिंह, सीओ प्रथम
पुलिस रिपोर्ट में बालक की उम्र 40 वर्ष
एसीएम द्वितीय दिग्विजय सिंह का कहना है कि उनके न्यायालय से शिकायतकर्ता पक्ष 50 वर्षीय सुल्तान सिंह व दूसरे पक्ष से हितेश के 40 वर्षीय रिपोर्ट को पाबंदी नोटिस जारी किया गया है। इस, संबंध में थाने के दरोगा ने उनके न्यायालय में जो चालानी रिपोर्ट दी थी, उसमें हितेश के बेटे की उम्र 40 वर्ष की दर्शाई है, इसलिए यह नोटिस जारी किए गए। अब मामला सामने आया है। पहली कक्षा के बालक के खिलाफ जारी पाबंदी नोटिस आदेश को निरस्त किया जाएगा।