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एएमयू वीसी बोले- मुझे आरएसएस का व्यक्ति बताकर लोगों को भड़का रहे हैं असामाजिक तत्व
Sun, 12 Jan 2020 04:14 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sun, 12 Jan 2020 04:14 PM IST
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कुलपति प्रो. तारिक मंसूर
- फोटो : अमर उजाला
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने हिंसा की घटनाओं के बाद कहा है कि उन्हें छात्रों से नहीं बल्कि बाहरी व असामाजिक तत्वों से खतरा है। छात्र उनके लिए बच्चे जैसे
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हैं और वे उनके अभिभावक हैं। कैंपस में शांतिपूर्ण प्रदर्शन आदि से भी कोई आपत्ति नहीं है। उनके द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि यह असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर और शहर में जगह-जगह मुझे आरएसएस का व्यक्ति और सीएए का समर्थक बताकर लोगों को भड़काने का काम कर रहे हैं।
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इसके वजह से कैंपस का माहौल तो खराब हो ही रहा है, साथ ही असुरक्षा का माहौल भी बन रहा है। यही बाहरी लोग छात्रों को भी गुमराह करने का काम करते हैं, जिससे अशांति पैदा होती है। इस संबंध में प्रोफेसर तारिक मंसूर ने शासन समेत सूबे व जिले के आला अफसरों को पत्र लिखकर अपने और परिवार के लोगों की जान पर खतरा बताया था।
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बीते 15 दिसंबर को हुए बवाल के बाद एएमयू में अवकाश की घोषणा कर दी गई थी। इसके बाद भी कैंपस में छात्र छात्राओं का सीएए और जेएनयू प्रकरण को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। वहीं 13 जनवरी से तीन चरणों में एएमयू को खोले जाने का फैसला लिया गया है। शुक्रवार को एएमयू वीसी ने प्रदेश के मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, डीएम, एसएसपी को लिखे पत्र में लिखा कि 13 जनवरी को एएमयू खुलने के बाद असामाजिक तत्व कानून व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
कुलपति ने पत्र में लिखा था कि उनके द्वारा छात्र नेताओं को पूर्व में ही समझाया जा चुका है कि सीएए को लेकर विश्वविद्यालय स्तर से कुछ नहीं किया जा सकता। बीते दिनों एएमयू वीसी व रजिस्ट्रार के आपत्तिजनक पोस्टर भी कैंपस व आसपास के क्षेत्रों में लगाए गए थे। मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है।