अलीगढ़ के अर्थव्यवस्था की रीढ़: मीट निर्यात में एक साल में 300 करोड़ का उछाल, 7400 करोड़ पहुंचा व्यापार
अलीगढ़ की भौगोलिक स्थिति इस उद्योग के लिए वरदान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा और राजस्थान से पशुओं का परिवहन सुगम है। एलाना ग्रुप, फेयर एक्सपोर्ट, अल-हम्द और अल-दुआ जैसी सात बड़ी इकाइयां हैं।
विस्तार
पिछले एक साल में अलीगढ़ के मीट निर्यात उद्योग ने 300 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की है। वर्ष 2024 में मीट निर्यात का कुल कारोबार लगभग 7100 करोड़ रुपये था। वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 7400 करोड़ रुपये पहुंच गया।
पिछले छह वर्षों की तुलना करें तो यह प्रगति और भी स्पष्ट हो जाती है। छह साल पहले जहां यह व्यापार 5000 करोड़ रुपये का था, आज यह 7400 करोड़ के शिखर को छू रहा है। अलीगढ़ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। मीट निर्यात क्षेत्र से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों परिवार जुड़े हुए हैं। पशुपालन से लेकर प्रोसेसिंग और पैकेजिंग तक, यह उद्योग बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित कर रहा है। यहां से निर्यात होने वाले मीट की गुणवत्ता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी मांग लगातार बनी हुई है।
मीट निर्यात की बात करें तो अलीगढ़ प्रदेश में टॉप-5 में बना रहता है। इस क्षेत्र में अलीगढ़ का प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा है।- वीरेंद्र कुमार, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र
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खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया में है मांग
अलीगढ़ से प्रसंस्कृत मांस मुख्य रूप से खाड़ी देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया में भेजा जाता है। इनमें ईरान, इराक, दुबई, सऊदी अरब और मिस्र जैसे देश शामिल हैं। वहीं, मलयेशिया, इंडोनेशिया और वियतनाम के रास्ते यहां का मीट चीन के बाजारों तक पहुंच रहा है। विशेष रूप से 25 किलो वाले हड्डी रहित मांस के पैकेट की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में सबसे अधिक है। इसके अलावा, अन्य बाय-प्रोडक्ट्स का उपयोग भी किया जाता है।
अलीगढ़ ही क्यों बना केंद्र
अलीगढ़ की भौगोलिक स्थिति इस उद्योग के लिए वरदान साबित हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा और राजस्थान से पशुओं का परिवहन यहां सुगम है। एलाना ग्रुप, फेयर एक्सपोर्ट, अल-हम्द और अल-दुआ जैसी सात बड़ी इकाइयां हैं।
पिछले पांच वर्षों के आंकड़े
वर्ष - निर्यात मूल्य (करोड़ रुपये में)
2020-21 - 5000
2021-22 - 5609
2022-23 - 6687
2023-24 - 7100
2024-25 - 7400