विश्व नदी दिवस: जीवनदायिनी नदियों को है खुद संजीवनी की तलाश, जल प्रदूषण-अतिक्रमण से प्रदूषित हो रहीं नदियां
जितनी नदियां अलीगढ़ जिले में हैं शायद ही उतनी किसी भी जिले में हों। अलीगढ़ जिले में सरकारी रिकॉर्ड में 10 नदियों का अस्तित्व है। कुछ का दायरा सिमट गया है, कुछ अतिक्रमण की भेंट चढ़ गई हैं। कुछ विलुप्त हो चुकी हैं। ऐसे में इन नदियों को संजीवनी की तलाश है।
विस्तार
अलीगढ़ जिले की नदियां
1-गंगा नदी, 2- यमुना नदी, 3-करबन नदी, 4- सेंगर नदी,5- छोइया नदी, 6- नीम नदी, 7- रुतबा नदी, 8- सिरसा नदी, 9- काली नदी, 10- रद नदी
विश्व नदी दिवस का इतिहास
विश्व नदी दिवस दिवस की शुरुआत वर्ष 2005 में नदियों की रक्षा के संकल्प को लेकर की गई थी। भारत समेत दुनियाभर के कई देशों में विश्व नदी दिवस मनाया जाता है। अमेरिका, पोलैंड, दक्षिण अफ्रिका, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, बांग्लादेश, कनाडा और ब्रिटेन आदि देशों में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस दिन लोग संकल्प लेते हैं कि वे नदियों को प्रदूषित नहीं करेंगे और उन्हें बचाएंगे।
पर्यावरण बचाने को भगीरथी प्रयास जरूरी
नदियों पर अतिक्रमण से पर्यावरण पर भी इसका खासा असर पड़ा है। फिलहाल, गंगा, यमुना, काली, नीम नदी वजूद में हैं, जबकि बाकी नदियां विलुप्त हो चुकी हैं। जिला प्रशासन ने इन नदियों को पुराने अस्तित्व में लाने के लिए कवायद शुरू की है, लेकिन योजना अभी तक परवान नहीं चढ़ सकी है। अगर यह कार्ययोजना सफल रही तो जिले के पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए यह एक भगीरथ प्रयास होगा।
नदियों के विलुप्त होने से बना डॉर्क जोन
नदी अब नदी नहीं रह गई। अब वह गंदा तालाब हो गई है। अलीगढ़ के नालों एवं फैक्टरियों से निकला गंदा पानी नदियों में जा रहा है। कई नदियां विलुप्त हो चुकी हैं। प्रशासन को नदियों को बचाने के लिए हस्तक्षेप करना होगा। -सुबोधनंदन शर्मा, पर्यावरणविद्।
जिले की विलुप्त हो चुकी छह नदियों को पुराने दौर में लौटाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। मनरेगा के तहत उनका जीर्णोद्धार कराया जाएगा। जिससे यह नदियां पर्यावरण को बेहतर बनाने में सहयोगी बनेंगी। - इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी।