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अलीगढ़ से किया मथुरा पर इशारा, पश्चिमी यूपी के लिए कान्हा का सहारा

Wed, 05 Jan 2022 12:46 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jan 2022 12:46 AM IST
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Kanha's support for western UP
नवाब सिंह चौहान ग्रामोदय इंटर कॉलेज में जनसभा को संबोधित करते मुख्यमंत्री। - फोटो : CITY OFFICE
अभिषेक शर्मा
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अयोध्या में राम मंदिर की नींव रखने और काशी में मंदिर निर्माण के बाद अब भाजपा पश्चिमी यूपी में पैठ के लिए मथुरा को साध रही है। कुछ ऐसे संकेत मंगलवार को गोरक्ष पीठ के महंत व प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इशारों से मिले। संत, शिक्षक और शासक की तिहरी भूमिका में दिखाई दिए योगी आदित्यनाथ ने सपा शासनकाल को कंस पैदा करने वाला शासन करार दिया। राम मंदिर आंदोलन के नायक कहे जाने वाले स्व. कल्याण सिंह के गृह जनपद से यह यह सियासी तीर छोड़कर उन्होंने इशारों-इशारों में अयोध्या और काशी के बाद 2022 के चुनाव में कान्हा के सहारे आगे बढ़ने का सियासी संकेत दिया ताकि पश्चिमी यूपी में उपजी नाराजगी दूर की जा सके। इस दौरान अपने साढ़े चार साल के काम गिनाए और सपा सरकार की खामियों का उल्लेख किया। फिर सहयोग मांगा। कहा कि हमने साढ़े चार साल बिना थके, बिना डिगे और बिना रुके सेवा की है। अब अगले तीन माह आपका सहयोग जरूरी है। फिर उन्होंने सवाल उछाल कर अपने 27 मिनट के संबोधन को विराम दिया कि क्या सहयोग मिलेगा या नहीं और जनता ने हां में जवाब भी दिया।
संत की भूमिका में दिया ये संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत में संत की भूमिका में मथुरा, कान्हा व कंस का जिक्र करते हुए कहा कि सपा शासन काल में आस्था के केंद्र मथुरा, वृंदावन, गोकुल व दाऊजी का विकास नहीं हुआ। बल्कि वहां कंस के उपासकों ने कंस पैदा कर जवाहरबाग जैसा कांड और सबसे पहले कोसीकलां जैसे दंगे की शुरुआत कराई। मगर अब यूपी दंगा प्रदेश नहीं रहा। अपने भाषण के अंत में उन्होंने कहा कि ये लड़ाई रचनात्मकता और विध्वंसात्मकता की है। राष्ट्र निर्माण व राष्ट्र तोड़क तत्वों के बीच की है। पहले एक कालखंड में अयोध्या का मंदिर तोड़ा जाता था। काशी मंदिर को अपवित्र और मथुरा मंदिर को अपवित्र किया जाता था। उस कालखंड में हुनर दिखाने वाले श्रमिकों के हाथ काट दिए जाते थे। जब संस्कृति के प्रति, मातृ भूमि के प्रति कोई लगाव नहीं होता तो यही होता है। मगर अब प्रधानमंत्री मोदी ने काशी निर्माण करने वाले श्रमिकों को पुष्पवर्षा कर सम्मान ही नहीं दिया, बल्कि उनके साथ सहभोज किया। ऐसा इस कालखंड में ही संभव है।
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शासक की भूमिका में कसे ये तंज
उन्होंने कहा कि मैं पिछले साढ़े चार साल में कह सकता हूं कि यूपी में हमारी सरकार, इस मंच पर मौजूद व प्रदेश के अन्य तमाम जनप्रतिनिधियों, पुलिस प्रशासन ने मिलकर जो काम किया है। उसी का परिणाम है कि आज यूपी दंगामुक्त बन गया है। उन्होंने आज प्रदेश को समर्पित विद्युत परियोजनाओं को लेकर जनता को बधाई देते हुए कहा कि साढ़े चार साल में नए प्रोजेक्ट लगाकर पावर कॉरपोरेशन ने 2000 मेगावाट विद्युत उत्पादन बढ़ाया है। हरदुआगंज की यह इकाई इस उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पिछली सरकारें महंगे दामों में पावर परचेज एग्रीमेंट करती थीं, जिसका बोझा जनता पर डालती थीं और बिजली नहीं मिलती थी। बिजली के बड़े-बड़े बिल आते थे। मगर हमारी सरकार ने कार्यवाही प्रारंभ की और एक लाख 21 हजार गांव में बिजली पहुंचाई, एक करोड़ 28 लाख से ज्यादा परिवारों को फ्री बिजली संयोजन दिए। ये सब इसलिए कि आपके जीवन में परिवर्तन लाया जा सके। पिछली सरकारों में अराजकता का तांता होता था। पैसा जो आपके माध्यम से सरकार को प्राप्त होता है। यही पैसा हम लोग विकास में कार्य में खर्च करते हैं। पहले ये कहां जाता था, आज जो सरकार जेसीबी लगाकर निकालकर बाहर कर रही है। सपा की सरकारों में पैसा वहीं चला जाता था। पिछली सरकारें उसी पैसे का प्रयोग दंगे कराने और कब्जे कराने में करती थीं। आज पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास दौड़ रहा है। हाईवे, एयरपोर्ट बन रहे हैं।
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अलीगढ़ एयरपोर्ट जल्द बनकर तैयार होगा। प्रदेश में प्रशासन वही है। बस सरकार बदलने से कैसे परिवर्तन होता है, विकास किस गति के साथ दौड़ता है। ये डबल इंजन सरकार का यही डबल नाम होता है। कोरोना काल में 22 महीने गायब रहने वाले बुआ, बबुआ, भाई-बहन पर तंज कसते हुए कहा कि साल भर स्कूल नहीं गए। अब एक महीने की क्लास अटेंड कर वह कहेगा कि टॉपर बनेगा तो क्या टॉप कर पाएगा? तब 20 महीने ये गायब रहे। क्लास तो हमने अटेंड की है। कोरोना काल में सेवा ही संगठन है के संकल्प के साथ हर कार्यकर्ता आपके बीच रहा है। मुफ्त राशन, मुफ्त दवा, मुफ्त उपचार व मुफ्त सबको वैक्सीन दी है। अगर दूसरी सरकार होती तो जैसे अफगान का राष्ट्रपति भाग गया, वैसे वैक्सीन का पैसा निगलकर ये भाग गए होते। तंज कसते हुए कहा कि जब कोरोना में घर से नहीं निकले तो अब तीसरी लहर में भी घर में रहो, सेहत का ध्यान रखो, काहे परेशान हो रहे हो। जनता को अपना फैसला करने दो, जनता फैसला खुद ले लेगी।
शिक्षक की भूमिका में याद दिलाए वायदे
उन्होंने छात्रों से कहा कि पिछली सरकारों में बिजली नहीं आती थी। कहीं से बच्चे मोबाइल, टैबलेट पा लेते थे तो उसे चार्ज करने का इंतजाम नहीं होता था। हम दोनों काम एक मंच से कर रहे हैं। बिजली उत्पादन भी और उसे प्रयोग करने वाले मोबाइल, टैबलेट भी। इतना ही नहीं, इसे प्रयोग करने के लिए इंटरनेट एक्सेस का बोझ भी किसी बेटी के बाप पर नहीं होगा। उसे भी हम देंगे। अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा ने जो कहा करके दिखाया है न, आप सहमत हैं न, पांच साल पहले हमने कहा था कि टैबलेट व स्मार्ट फोन देंगे, दे रहे हें। अभी फाइनल, द्वितीय व प्रथम वर्ष के छात्रों को मिलेगा। आगे मेडिकल, नर्सिंग, पॉलिटेकिभनक , इंजीनियरिंग, विवि, महाविद्यालय, आईटीआई के इन सभी के बच्चों को टैबलेट व स्मार्ट फोन मिलेगा। जो इनका पाठयक्रम होगा, इंटरनेशनल स्तर का होगा। अच्छे कंटेंट के साथ फ्री डिजिटल एक्सेस के साथ। अंत में उन्होंने देश से आतंकवाद खत्म करने, कश्मीर से धारा 370 समाप्त करने, अयोध्या में संवैधानिक दायरे में रहकर मंदिर निर्माण कराने के वायदे भी याद दिलाए।
नए भारत के संकल्प संग दिलाया संकल्प
अपने भाषण के अंत में कहा कि ये है नया भारत। क्योंकि मोदी जी के लिए 135 करोड़ आबादी ही परिवार है। सपा, बसपा, कांग्रेस को अपना परिवार ही देश है। उनकी सोच अपने परिवार के बाहर नहीं। मोदी जी की दृष्टि देश के 135 करोड़ लोगों के हित के लिए है। वही व्यापक दृष्टि हमें यूपी के 25 करोड़ लोगों की सुरक्षा, सेवा व सुविधा के लिए प्रेरित करती है। आज यही कहने आए हैं। जो विकास की योजनाएं संपन्न हो रही हैं। ये विकास फलदाई, मंगलदाई हो, योजनाओं का लाभ आपको निरंतर मिलता रहे। इसके लिए भाजपा ने इमानदारी से किया। हमने जो कहा सो करके दिखाया। अब बारी आपकी है। बिना रुके, बिना थके, बिना डिगे हमने सेवा की है। अब तीन महीने आप भाजपा का सहयोग करने केा तैयार हैं, क्या तैयार हैं।

ऊर्जा मंत्री ने भी कहा, यहां की आवाज मथुरा पहुंचे
कासिमपुर के मंच पर मथुरा के विधायक व प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने राधे राधे से अपने संबोधन की शुरुआत कर यही संदेश देने का प्रयास किया कि यहां की आवाज मथुरा तक पहुंचनी चाहिए।
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