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AMU: कम हाजिरी पर दिलाई परीक्षा, रोके अंकपत्र, भड़के छात्र, गुस्से में बंद किया बाबे सैयद, किया हंगामा
Thu, 10 Jul 2025 02:17 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 10 Jul 2025 02:17 PM IST
सार
छात्रों ने बताया कि स्नातक के नतीजे घोषित हो गए हैं। मगर अंकपत्र नहीं दिए जा रहे हैं। इंतजामिया की तरफ से कहा जा रहा है कि क्लास में उनकी उपस्थिति 40 फीसदी से कम थी। छात्रों ने कहा कि अगर उपस्थिति कम थी, तो उन्हें परीक्षा में बैठने क्यों दिया गया?
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एएमयू के गेट पर प्रदर्शन करते छात्र-छात्राएं
- फोटो : संवाद
विस्तार
40 फीसदी से कम उपस्थिति पर स्नातक उत्तीर्ण का अंकपत्र न मिलने से गुस्साए छात्रों ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) का बाबे सैयद (गेट) बंद कर दिया। इंतजामिया के इस फैसले पर छात्र भड़क गए। उन्होंने कहा कि जब परीक्षा हो गई, तब अंकपत्र का न दिया जाना गैरकानूनी है। वहीं, अंकपत्र रुकने से नौ छात्रों के विदेश में पढ़ने पर संशय के बादल गहरा गए हैं। करीब 300 छात्रों के अंकपत्र रोके गए हैं।
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10 जुलाई दोपहर 12:30 बजे बाबे-सैयद पर अंकपत्र रोके जाने के फैसले के खिलाफ छात्र एकत्र हो गए। उन्होंने बैरिकेडिंग लगा दी और प्रदर्शन करने लगे। छात्रों ने बताया कि स्नातक के नतीजे घोषित हो गए हैं। मगर अंकपत्र नहीं दिए जा रहे हैं। इंतजामिया की तरफ से कहा जा रहा है कि क्लास में उनकी उपस्थिति 40 फीसदी से कम थी। छात्रों ने कहा कि अगर उपस्थिति कम थी, तो उन्हें परीक्षा में बैठने क्यों दिया गया? यह रवैया विद्यार्थियों के साथ उचित नहीं है। जिन विद्यार्थियों के अंकपत्र रुके हैं, उनमें नौ छात्र ऐसे भी हैं, जिनके दाखिले अरब, बहरीन सहित अन्य देशों के यूनिवर्सिटी में हो गए हैं।
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पीड़ित छात्रों ने कुलपति को ज्ञापन भी दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि पिछले सेमेस्टर में कम उपस्थिति के कारण हमारे अंकपत्र रोक लिए गए हैं। हम समझते हैं कि संस्थान की शैक्षणिक अखंडता बनाए रखने के लिए नियम आवश्यक हैं और हम उनकी प्रासंगिकता को चुनौती नहीं देना चाहते। जिन छात्रों ने दूसरे संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए आवेदन किया था या रोजगार की तलाश में थे। उनके लिए अंकपत्र मिलने में देरी सिर्फ एक प्रशासनिक मामला नहीं है, बल्कि उनके भविष्य का सवाल है।
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कम उपस्थिति के कारण छात्रों के अंकपत्र रोके गए हैं। उनसे प्रार्थना-पत्र लिया गया है, उसका परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद जो न्यायोचित होगा, उसकी कार्रवाई की जाएगी।-प्रो. मोहम्मद वसीम अली, प्रॉक्टर, एएमयू