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Aligarh News: भुगतान न होने पर पांच साल पहले नगर पंचायत दफ्तर में बिछाईं ईंटें उखाड़ ले गया ठेकेदार
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पांच साल पहले किए गए इंटरलॉकिंग कार्य का 4.85 लाख रुपये का भुगतान नहीं हुआ तो ठेकेदार पुराने नगर पंचायत कार्यालय परिसर में बिछाईं गईं ईंटें उखाड़कर ले गया। बुधवार सुबह इस मामले की जानकारी होने पर नगर पंचायत अध्यक्ष मौके पर पहुंचे और ईंटे वापस मंगवाई। साथ ही ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, साल 2019 में चंडौस ग्राम पंचायत थी और उस समय तत्कालीन प्रधान ने मिनी सचिवालय में इंटरलॉकिंग का कार्य कराया था। वर्ष 2020 में चंडौस को नगर पंचायत का दर्जा मिल गया। मिनी सचिवालय में नगर पंचायत का कार्यालय बनाया गया। एक साल पहले नगर पंचायत का नया भवन बन गया है और कार्यालय उसमें स्थानांतरित कर दिया गया। हालांकि पुराने भवन को भी नगर पंचायत द्वारा ही इस्तेमाल किया जा रहा है।
बुधवार सुबह करीब छह बजे गांव रामपुर शाहपुर निवासी ठेकेदार नफीस खां मजदूरों को लेकर नगर पंचायत के पुराने कार्यालय पर पहुंचा और ईंटें उखाड़कर एक ट्रैक्टर-ट्राली में लादकर घर भिजवा दीं। सुबह नौ बजे नगर पंचायत के चेयरमैन को इसकी जानकारी हुई तो वह भी वहां पहुंच गए और ठेकेदार को रोका, ईंटें वापस मंगवाईं। उन्होंने नगर पंचायत के लिपिक को ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कहा है।
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2023 तक एसडीएम रहे प्रशासक
2019 में ग्राम पंचायत के दौरान करीब पांच लाख रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग का कार्य कराया गया था। नगर पंचायत बनने के बाद 2023 तक एसडीएम गभाना प्रशासक रहे। उसके बाद नए बोर्ड का चुनाव हुआ। इस पांच साल के दौरान ठेकेदार को भुगतान नहीं हुआ।
नगर पंचायत के पुराने कार्यालय में लगी ईंटों को पूर्व प्रधान विभा चौहान के पति धर्मवीर सिंह और ठेकेदार ने जबरन खड़े होकर उखड़वाया है। इससे सरकारी संपत्ति की क्षति हुई है। ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इस मामले को लेकर बृहस्पतिवार को डीएम से मिलूंगा। डॉक्टर डीएस भारती, नगर पंचायत अध्यक्ष, चंडौस।
-300 वर्ग गज में इंटरलॉकिंग का कार्य कराया था, इसमें मेरे 4.85 लाख रुपये खर्च हुए थे, जिनका आज तक भुगतान नहीं हो पाया है। तत्कालीन प्रधान विभा चौहान के पति धर्मवीर सिंह की जिम्मेदारी पर लेबर भेजकर ईंटे उखड़वाईं थीं। नफीस खां, ठेकेदार
- इस मामले में मेरा नाम गलत लिया जा रहा है। यह सच है कि ठेकेदार का भुगतान रुका हुआ है, ईंटें उन्होंने नहीं उखड़वाईं, इसमें उनका कोई हाथ नहीं है। - धर्मवीर सिंह
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दरअसल, साल 2019 में चंडौस ग्राम पंचायत थी और उस समय तत्कालीन प्रधान ने मिनी सचिवालय में इंटरलॉकिंग का कार्य कराया था। वर्ष 2020 में चंडौस को नगर पंचायत का दर्जा मिल गया। मिनी सचिवालय में नगर पंचायत का कार्यालय बनाया गया। एक साल पहले नगर पंचायत का नया भवन बन गया है और कार्यालय उसमें स्थानांतरित कर दिया गया। हालांकि पुराने भवन को भी नगर पंचायत द्वारा ही इस्तेमाल किया जा रहा है।
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बुधवार सुबह करीब छह बजे गांव रामपुर शाहपुर निवासी ठेकेदार नफीस खां मजदूरों को लेकर नगर पंचायत के पुराने कार्यालय पर पहुंचा और ईंटें उखाड़कर एक ट्रैक्टर-ट्राली में लादकर घर भिजवा दीं। सुबह नौ बजे नगर पंचायत के चेयरमैन को इसकी जानकारी हुई तो वह भी वहां पहुंच गए और ठेकेदार को रोका, ईंटें वापस मंगवाईं। उन्होंने नगर पंचायत के लिपिक को ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कहा है।
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2023 तक एसडीएम रहे प्रशासक
2019 में ग्राम पंचायत के दौरान करीब पांच लाख रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग का कार्य कराया गया था। नगर पंचायत बनने के बाद 2023 तक एसडीएम गभाना प्रशासक रहे। उसके बाद नए बोर्ड का चुनाव हुआ। इस पांच साल के दौरान ठेकेदार को भुगतान नहीं हुआ।
नगर पंचायत के पुराने कार्यालय में लगी ईंटों को पूर्व प्रधान विभा चौहान के पति धर्मवीर सिंह और ठेकेदार ने जबरन खड़े होकर उखड़वाया है। इससे सरकारी संपत्ति की क्षति हुई है। ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इस मामले को लेकर बृहस्पतिवार को डीएम से मिलूंगा। डॉक्टर डीएस भारती, नगर पंचायत अध्यक्ष, चंडौस।
-300 वर्ग गज में इंटरलॉकिंग का कार्य कराया था, इसमें मेरे 4.85 लाख रुपये खर्च हुए थे, जिनका आज तक भुगतान नहीं हो पाया है। तत्कालीन प्रधान विभा चौहान के पति धर्मवीर सिंह की जिम्मेदारी पर लेबर भेजकर ईंटे उखड़वाईं थीं। नफीस खां, ठेकेदार
- इस मामले में मेरा नाम गलत लिया जा रहा है। यह सच है कि ठेकेदार का भुगतान रुका हुआ है, ईंटें उन्होंने नहीं उखड़वाईं, इसमें उनका कोई हाथ नहीं है। - धर्मवीर सिंह