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Aligarh News: मक्का खरीद बंद होने से भड़के किसान, क्रय केंद्र पर हंगामा
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अतरौली में खरीद केंद्र पर किसानों को समझातीं डिप्टी आरएमओ मोनिका माहेश्वरी। संवाद
- फोटो : samvad
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सरकारी केंद्र पर महज चार दिन की खरीद में ही लक्ष्य पूरा होने की कहकर अचानक मक्का खरीद बंद होने से नाराज किसानों ने सोमवार को क्रय केंद्र पर हंगामा किया। आरोप है कि साठगांठ कर कुछ लोगों की मक्का रोजाना तौली जा रही है।
गांव कमालपुर निवासी किसान पवित्र चौधरी, मनतेश देवी, रायपुर दलपतपुर के चेतन पचौरी, हरपाल सिंह, सोहनवीर सिंह आदि ने बताया कि सरकार ने मक्का का एमएसपी 2400 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन खरीद बंद होने से इस रेट का कोई फायदा किसानों को नहीं मिल रहा। मजबूरी में किसानों को मंडी में 1900 रुपये के हिसाब से मक्का बेचना पड़ रहा है, जिससे उन्हें हर क्विंटल पर 500 रुपये का नुकसान है। किसानों का कहना है कि केंद्र खुलने के सिर्फ चार दिन बाद ही खरीद बंद कर दी गई और लक्ष्य पूरा हो गया कहकर उन्हें लौटाया जा रहा है। जबकि अंदर कुछ खास किसानों की मक्का की तुलाई अभी भी चल रही है। हंगामे की सूचना पर डिप्टी आरएमओ मोनिका माहेश्वरी क्रय केंद्र पहुंचीं। उन्होंने नाराज किसानों को समझा-बुझाकर शांत किया। किसान एमएसपी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन जेब पर पड़ रहे नुकसान को लेकर उनमें गुस्सा साफ दिख रहा है।
डिप्टी आरएमओ ने कहा कि मक्का खरीद का लक्ष्य कम है। जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्र सरकार को लक्ष्य बढ़वाने के लिए पत्र भेजा जा रहा है। जैसे ही लक्ष्य बढ़ेगा, किसानों से मक्का की खरीद फिर से शुरू कर दी जाएगी।
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गांव कमालपुर निवासी किसान पवित्र चौधरी, मनतेश देवी, रायपुर दलपतपुर के चेतन पचौरी, हरपाल सिंह, सोहनवीर सिंह आदि ने बताया कि सरकार ने मक्का का एमएसपी 2400 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन खरीद बंद होने से इस रेट का कोई फायदा किसानों को नहीं मिल रहा। मजबूरी में किसानों को मंडी में 1900 रुपये के हिसाब से मक्का बेचना पड़ रहा है, जिससे उन्हें हर क्विंटल पर 500 रुपये का नुकसान है। किसानों का कहना है कि केंद्र खुलने के सिर्फ चार दिन बाद ही खरीद बंद कर दी गई और लक्ष्य पूरा हो गया कहकर उन्हें लौटाया जा रहा है। जबकि अंदर कुछ खास किसानों की मक्का की तुलाई अभी भी चल रही है। हंगामे की सूचना पर डिप्टी आरएमओ मोनिका माहेश्वरी क्रय केंद्र पहुंचीं। उन्होंने नाराज किसानों को समझा-बुझाकर शांत किया। किसान एमएसपी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन जेब पर पड़ रहे नुकसान को लेकर उनमें गुस्सा साफ दिख रहा है।
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डिप्टी आरएमओ ने कहा कि मक्का खरीद का लक्ष्य कम है। जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्र सरकार को लक्ष्य बढ़वाने के लिए पत्र भेजा जा रहा है। जैसे ही लक्ष्य बढ़ेगा, किसानों से मक्का की खरीद फिर से शुरू कर दी जाएगी।
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