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Aligarh News: किसानों का 50 फीसदी बाजरा बचा, खरीद हो गई बंद
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किसानों का 50 फीसदी बाजरा घरों में रखा है। खाद्य एवं रसद विभाग ने बाजरा, मक्का एवं धान की खरीद का निर्धारित लक्ष्य पूरा होेने के बाद मंडी समिति में कांटों पर खरीद पूरी तरह बंद कर दी है। बाजार में बेचने पर नौ सौ रुपये से प्रति क्विंटल का घाटा आ रहा है, किसान अभी भी ट्रैक्टर ट्रॉलियां लेकर कांटों पर इंतजार कर रहे हैं। खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा इस वर्ष 20 हजार क्विटंल बाजरा, 100 क्विटंल मक्का एवं 1500 क्विटंल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जो 10 दिसंबर को पूरा हो चुका है। मंडी निरीक्षक गिरीश चंद्र ने बताया कि लक्ष्य पूरा होने के चलते विभागीय कांटों पर माल लेना बंद कर दिया गया है।
दूसरी ओर खैर क्षेत्र में अभी भी करीब 50 प्रतिशत बाजरे की फसल किसानों के घरों में रखी हुई है, जिसे लेकर किसान बेहद चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा बाजरे का समर्थन मूल्य लगभग 2875 रुपये प्रति क्विटंल निर्धारित किया गया था, जबकि वर्तमान में मंडी में आढ़तियों द्वारा बाजरे की खरीद मात्र 1950 रुपये प्रति कुंतल में की जा रही है। इससे प्रति क्विटंल 925 रुपये का सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है।
खैर में 50 ट्रैक्टर ट्रॉलियों में बाजरा लेकर तौल का इंतजार
स्थिति यह है कि बीते 10 दिसंबर से करीब 50 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर किसान मंडी परिसर में खाद्य एवं रसद विभाग के कांटों पर तौल का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन खरीद बंद होने से उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है। एसडीएम शिशिर कुमार ने बताया कि किसानों की समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों से वार्ता की जा रही है, जल्द ही खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा बाजरे की खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर किसानों को सूचित किया जाएगा, जिसके बाद पुनः विभाग द्वारा बाजरे की खरीद शुरू कराई जाएगी।
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हरदुआगंज में 200 किसानों को इंतजार
हरदुआगंज की क्रय केंद्र प्रभारी प्रियंका ने बताया कि केंद्र को 2000 हजार मीट्रिक टन बाजरा खरीद का लक्ष्य मिला था जो पूरा हो चुका है, 14 दिसंबर से केंद्र बंद है, आगे की खरीद के लिए मंजूरी लेने हेतु प्रयास किया जा रहा है। लगभग 200 किसान अभी अनाज बेचने के लिए तैयार हैं, जिनको 31 दिसंबर तक अनाज देने के लिए पंजीकृत किया जा चुका था, ऐसे किसानों पर अनुमानित तीन से चार हजार क्विटंल अनाज अभी विक्रय के लिए शेष होगा। वहीं किसानों ने बाजरा को अपने घरों में रखा हुआ है। किसानों का करीब चार सौ क्विंटल बाजरा मंडी में ही रखा हुआ है। कमोबेश यही हालात छर्रा, गभाना, इगलास में स्थित खरीद केंद्रों के हैं।
पिछले 10 दिन से मैं अपने 10 साल के बेटे के साथ बाजरे की तौल के इंतजार में कांटे के बाहर खड़ा हूं। पत्नी बीमार है, पैसों की जरूरत है। 30 क्विटंल बाजार है, अगर मैं मंडी में अपने बाजरे को बेचता हूं तो मुझे 25 हजार का नुकसान होगा। बिजेंद्र सिंह, रेसरी
मैं 14 क्विटंल बाजरा लेकर कांटे पर आठ दिन से अधिक इंतजार किया लेकिन खरीद नहीं होने के कारण, इस बाजरे को मैंने मंडी में एक व्यापारी को बेच दिया है, जिसमें मुझे लगभग 12 हजार रुपये का नुकसान हुआ है, कितने दिन इंतजार करें। पवन कुमार, बसेरा
30 कुंतल बाजरा लेकर पिछले 10 दिन से खाद्य एवं रसद विभाग पर तौल का इंतजार कर रहा हूं ,अब तो मेरी तबीयत भी खराब होने लगी है लेकिन पैसों की जरूरत के कारण केंद्र पर दिन-रात इंतजार करना पड़ रहा है, पता नहीं कब सुनवाई होगी।भूदेव प्रसाद कीरतपुर निमाना
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दूसरी ओर खैर क्षेत्र में अभी भी करीब 50 प्रतिशत बाजरे की फसल किसानों के घरों में रखी हुई है, जिसे लेकर किसान बेहद चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा बाजरे का समर्थन मूल्य लगभग 2875 रुपये प्रति क्विटंल निर्धारित किया गया था, जबकि वर्तमान में मंडी में आढ़तियों द्वारा बाजरे की खरीद मात्र 1950 रुपये प्रति कुंतल में की जा रही है। इससे प्रति क्विटंल 925 रुपये का सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है।
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खैर में 50 ट्रैक्टर ट्रॉलियों में बाजरा लेकर तौल का इंतजार
स्थिति यह है कि बीते 10 दिसंबर से करीब 50 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर किसान मंडी परिसर में खाद्य एवं रसद विभाग के कांटों पर तौल का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन खरीद बंद होने से उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है। एसडीएम शिशिर कुमार ने बताया कि किसानों की समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों से वार्ता की जा रही है, जल्द ही खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा बाजरे की खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर किसानों को सूचित किया जाएगा, जिसके बाद पुनः विभाग द्वारा बाजरे की खरीद शुरू कराई जाएगी।
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हरदुआगंज में 200 किसानों को इंतजार
हरदुआगंज की क्रय केंद्र प्रभारी प्रियंका ने बताया कि केंद्र को 2000 हजार मीट्रिक टन बाजरा खरीद का लक्ष्य मिला था जो पूरा हो चुका है, 14 दिसंबर से केंद्र बंद है, आगे की खरीद के लिए मंजूरी लेने हेतु प्रयास किया जा रहा है। लगभग 200 किसान अभी अनाज बेचने के लिए तैयार हैं, जिनको 31 दिसंबर तक अनाज देने के लिए पंजीकृत किया जा चुका था, ऐसे किसानों पर अनुमानित तीन से चार हजार क्विटंल अनाज अभी विक्रय के लिए शेष होगा। वहीं किसानों ने बाजरा को अपने घरों में रखा हुआ है। किसानों का करीब चार सौ क्विंटल बाजरा मंडी में ही रखा हुआ है। कमोबेश यही हालात छर्रा, गभाना, इगलास में स्थित खरीद केंद्रों के हैं।
पिछले 10 दिन से मैं अपने 10 साल के बेटे के साथ बाजरे की तौल के इंतजार में कांटे के बाहर खड़ा हूं। पत्नी बीमार है, पैसों की जरूरत है। 30 क्विटंल बाजार है, अगर मैं मंडी में अपने बाजरे को बेचता हूं तो मुझे 25 हजार का नुकसान होगा। बिजेंद्र सिंह, रेसरी
मैं 14 क्विटंल बाजरा लेकर कांटे पर आठ दिन से अधिक इंतजार किया लेकिन खरीद नहीं होने के कारण, इस बाजरे को मैंने मंडी में एक व्यापारी को बेच दिया है, जिसमें मुझे लगभग 12 हजार रुपये का नुकसान हुआ है, कितने दिन इंतजार करें। पवन कुमार, बसेरा
30 कुंतल बाजरा लेकर पिछले 10 दिन से खाद्य एवं रसद विभाग पर तौल का इंतजार कर रहा हूं ,अब तो मेरी तबीयत भी खराब होने लगी है लेकिन पैसों की जरूरत के कारण केंद्र पर दिन-रात इंतजार करना पड़ रहा है, पता नहीं कब सुनवाई होगी।भूदेव प्रसाद कीरतपुर निमाना