{"_id":"65b2c643a4f35983a90f0216","slug":"daughter-reaches-mothers-lap-after-two-years-aligarh-news-c-301-1-sali1012-100464-2024-01-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: बेच दी दी थी बच्ची, दो वर्ष बाद अदालत के आदेश पर मां की गोद में पहुंची बेटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: बेच दी दी थी बच्ची, दो वर्ष बाद अदालत के आदेश पर मां की गोद में पहुंची बेटी
Fri, 26 Jan 2024 02:06 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jan 2024 02:06 AM IST
सार
महिला से बच्ची हुई। उसके चाचा और झोलाछाप चिकित्सक पर उसकी नवजात बच्ची को दो लाख रुपये में बेच दिया। महिला को अपनी बच्ची नहीं मिली, तो उसने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर 16 जनवरी को थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने बच्ची को बरामद कर मां के लिए सुपुर्द किया।
विज्ञापन
अदालत के आदेश पर मुकदमा
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
दहोड़ा निवासी पूनम देवी को दो वर्ष बाद अपनी बेटी को गोद में खिलाने का मौका मिला है। पूनम पत्नी करन कुमार की शिकायत पर पुलिस ने 24 जनवरी शाम उसकी बेटी को जिला एटा से आरोपी दंपती से बरामद कर मां की सुपुर्दगी में सौंप दिया।
विज्ञापन
पूनम ने अपने चाचा और झोलाछाप चिकित्सक पर उसकी नवजात बच्ची को दो लाख रुपये में बेच देने का आरोप लगाते हुए न्यायालय के आदेश पर 16 जनवरी को थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पूनम ने कहा था कि उसने अपनी मर्जी से दहोड़ा निवासी दिव्यांग करन कुमार के साथ शादी की थी, उसके गर्भवती होने पर मायके वाले उसे गांव जवार थाना इगलास बुला ले गए।
विज्ञापन
वहां उसके चाचा लालाराम ने अप्रशिक्षित चिकित्सक पवन सिंह व एक अस्पताल संचालक थाना जलेसर जिला एटा ने मिलीभगत कर उसका प्रसव करा दिया। एक नवंबर 2021 को प्रसव कराते हुए उसकी बच्ची को गायब कर दिया गया। बाद में महिला को ज्ञात हुआ कि उसकी पुत्री को दो लाख रुपये में नगला बरी थाना निधौली कलां जिला एटा निवासी एक दपंती को बेचा गया है।
विज्ञापन
महिला तब से ही अपनी पुत्री को वापस पाने के जतन कर रही थी। इस मामले में जुलाई 2023 में नगला बिरखू में पंचायत भी हुई थी। महिला के अनुसार आरोपियों ने तब उसकी बच्ची अपने पास होने की बात स्वीकारते हुए बच्ची को वापिस न करने की धमकी दी थी। कहीं सुनवाई न होने पर महिला ने न्यायालय की शरण ली। इसके बाद उसे अपनी बेटी मिली।