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बकाया भुगतान को लेकर गन्ना किसानों का फूटा आक्रोश
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Thu, 21 Sep 2017 02:18 AM IST
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बकाया भुगतान को लेकर गन्ना किसानों का फूटा आक्रोश
- फोटो : Dig Vishal
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मैसर्स आनंद एग्रोकैम पर 41 करोड़ एवं साथा चीनी मिल पर बकाया 6.5 करोड़ के भुगतान की मांग को लेकर किसान संगठन लामबंद हो गए। बुधवार को अविरल धारा, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा एवं भारतीय किसान यूनियन भानु गुट संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पीड़ित किसान और उनके परिवारों के साथ धनीपुर मंडी से कलेक्ट्रेट तक शांति मार्च निकाला।
इसके बाद कलेक्ट्रेट मुख्य द्वार घेरकर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। किसान करीब एक घंटे तक गेट पर जमे रहे। मौके पर पहुंची एसीएम द्वितीय को डीएम से वार्ता की बात कहकर लौटा दिया। इसके बाद एडीएम सिटी से मुलाकात कर समस्याओं की जानकारी दी।
इस दौरान किसानों की जिला गन्ना अधिकारी से भुगतान को लेकर जमकर नोकझोंक हुई। किसानों ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए 25 सितंबर तक का अल्टीमेटम देते हुए एलान किया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो हम 26 सितंबर से आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।
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किसान नेता एसके सिंह राना ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद गन्ना अफसर की मिलीभगत से मैसर्स आनंद एग्रोकैम गोपी लधऊआ के तीन निदेशकों की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है। कंपनी से हर माह मात्र 50 लाख की एडवाइस मिल रही है जो अलीगढ़, हाथरस, एटा एवं कासगंज के गन्ना किसानों के बकाया 41 करोड़ के भुगतान को देखते हुए ऊंट के मुंह में जीरा के समान है।
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अब तक मिल की नीलामी नहीं हो सकी है। क्षत्रिय महासभा के प्रदेश सचिव कमल प्रताप सिंह एवं जिलाध्यक्ष शैलेंद्र पाल सिंह एवं अविरल धारा संगठन के संस्थापक अतुल सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे आपूर्ति सुनिश्चित की जाय। किसानों को दस लाख रुपया दुर्घटना बीमा दिलाया जाए। एडीएम सिटी ने 25 सितंबर को होने वाली मिल की नीलामी के लिए आसपास के जनपदों की चीनी मिलों को भी बुलाने के निर्देश दिए।
एक दो दिनों में डीएम से बैठक कराकर मिल निदेशकों की गिरफ्तारी एवं उससे किसानों के बकाया भुगतान कराने का आश्वासन दिया। इस मौके पर सुनील सिंह, विपिन सिंह, मानवेंद्र सिंह, दुष्यंत सिंह, धर्मेंद्र सिंह, जैकी ठाकुर, अंकित सिंह, मृणाल सिंह, मयूरी, सोनिका, छाया, रणवीर सिंह, आशीष शर्मा, हर्षिता, सौम्या, कुलदीप, मनोज ठाकुर आदि उपस्थित थे।
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इसके बाद कलेक्ट्रेट मुख्य द्वार घेरकर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। किसान करीब एक घंटे तक गेट पर जमे रहे। मौके पर पहुंची एसीएम द्वितीय को डीएम से वार्ता की बात कहकर लौटा दिया। इसके बाद एडीएम सिटी से मुलाकात कर समस्याओं की जानकारी दी।
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इस दौरान किसानों की जिला गन्ना अधिकारी से भुगतान को लेकर जमकर नोकझोंक हुई। किसानों ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए 25 सितंबर तक का अल्टीमेटम देते हुए एलान किया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो हम 26 सितंबर से आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।
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किसान नेता एसके सिंह राना ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद गन्ना अफसर की मिलीभगत से मैसर्स आनंद एग्रोकैम गोपी लधऊआ के तीन निदेशकों की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है। कंपनी से हर माह मात्र 50 लाख की एडवाइस मिल रही है जो अलीगढ़, हाथरस, एटा एवं कासगंज के गन्ना किसानों के बकाया 41 करोड़ के भुगतान को देखते हुए ऊंट के मुंह में जीरा के समान है।
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अब तक मिल की नीलामी नहीं हो सकी है। क्षत्रिय महासभा के प्रदेश सचिव कमल प्रताप सिंह एवं जिलाध्यक्ष शैलेंद्र पाल सिंह एवं अविरल धारा संगठन के संस्थापक अतुल सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे आपूर्ति सुनिश्चित की जाय। किसानों को दस लाख रुपया दुर्घटना बीमा दिलाया जाए। एडीएम सिटी ने 25 सितंबर को होने वाली मिल की नीलामी के लिए आसपास के जनपदों की चीनी मिलों को भी बुलाने के निर्देश दिए।
एक दो दिनों में डीएम से बैठक कराकर मिल निदेशकों की गिरफ्तारी एवं उससे किसानों के बकाया भुगतान कराने का आश्वासन दिया। इस मौके पर सुनील सिंह, विपिन सिंह, मानवेंद्र सिंह, दुष्यंत सिंह, धर्मेंद्र सिंह, जैकी ठाकुर, अंकित सिंह, मृणाल सिंह, मयूरी, सोनिका, छाया, रणवीर सिंह, आशीष शर्मा, हर्षिता, सौम्या, कुलदीप, मनोज ठाकुर आदि उपस्थित थे।