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जवां में रिटायर्ड रोडवेज कर्मी की दिनदहाड़े नृशंस हत्या
अमर उजाला ब्यूरो/जवां(अलीगढ़)।
Updated Mon, 09 Nov 2015 01:28 AM IST
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पुरानी रंजिश में रविवार को ग्राम इमलौठ कलूपुरा में रिटायर्ड रोडवेज कर्मचारी की नृशंस हत्या कर दी गई। बदमाशों ने पहले बुजुर्ग को गोली मारी फिर उन्हें चाकुओं से गोद डाला। मामले में चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।्र
रामवीर पुत्र लाल सिंह उम्र लगभग 60 वर्ष निवासी इमलौठ कलूपुरा 30 अक्तूबर 2015 को रोडवेज के वर्कशॉप अतरौली में फोरमैन के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इनके तीन लड़के सतीश व राजेश मजदूरी करते है और सबसे छोटा लड़का नेत्रपाल कानपुर में रह कर पढ़ाई कर रहा है। रविवार को लगभग 12 बजे रामवीर अपने घर से गुटखा लेने दुकान जा रहे थे। आरोप है कि जैसे ही वह परवेज के घर के सामने पहुंचे कि पहले से घात लगाये बैठे रनवीर पुत्र गनेशी व करन उर्फ कर्मा, दयाल सिंह, महा सिंह पुत्रगण रनवीर सिंह तमंचा, चाकू लेकर आ गए और रामवीर की पीठ में गोली मार दी। गोली लगते ही रामवीर गिर गए।
इसके बाद इन सभी ने रामवीर को चाकुओं से गोद डाला। गोली की आवाज सुन ग्रामीण आ गए। अपने को घिरा देख हमलावर वहां से भाग गए। परिवार वाले रामवीर को लेकर नर्सिंग होम छेरत ले गये, जहां डॉक्टरों ने रामवीर को मृत घोषित कर दिया। बताया जाता है कि जमीन के विवाद में रनवीर का रामवीर के लड़कों से वर्ष 2006 में झगड़ा हुआ था। इस झगड़े में रनवीर के एक बेटे की हत्या हो गई थी।
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रनवीर में इस मामले में रामवीर पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, वे सभी आरोपी जमानत पर छूटे हुए थे। एसओ रवेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्रथम दृष्टया मामला आपसी रंजिश का लग रह हैं। मामले की जांच की जा रही है।
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रामवीर पुत्र लाल सिंह उम्र लगभग 60 वर्ष निवासी इमलौठ कलूपुरा 30 अक्तूबर 2015 को रोडवेज के वर्कशॉप अतरौली में फोरमैन के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इनके तीन लड़के सतीश व राजेश मजदूरी करते है और सबसे छोटा लड़का नेत्रपाल कानपुर में रह कर पढ़ाई कर रहा है। रविवार को लगभग 12 बजे रामवीर अपने घर से गुटखा लेने दुकान जा रहे थे। आरोप है कि जैसे ही वह परवेज के घर के सामने पहुंचे कि पहले से घात लगाये बैठे रनवीर पुत्र गनेशी व करन उर्फ कर्मा, दयाल सिंह, महा सिंह पुत्रगण रनवीर सिंह तमंचा, चाकू लेकर आ गए और रामवीर की पीठ में गोली मार दी। गोली लगते ही रामवीर गिर गए।
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इसके बाद इन सभी ने रामवीर को चाकुओं से गोद डाला। गोली की आवाज सुन ग्रामीण आ गए। अपने को घिरा देख हमलावर वहां से भाग गए। परिवार वाले रामवीर को लेकर नर्सिंग होम छेरत ले गये, जहां डॉक्टरों ने रामवीर को मृत घोषित कर दिया। बताया जाता है कि जमीन के विवाद में रनवीर का रामवीर के लड़कों से वर्ष 2006 में झगड़ा हुआ था। इस झगड़े में रनवीर के एक बेटे की हत्या हो गई थी।
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रनवीर में इस मामले में रामवीर पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, वे सभी आरोपी जमानत पर छूटे हुए थे। एसओ रवेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्रथम दृष्टया मामला आपसी रंजिश का लग रह हैं। मामले की जांच की जा रही है।