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लेखपाल का कमाल: झूठी रिपोर्ट दे लिखाया मुकदमा, कोर्ट ने वेतन रोकने का दिया आदेश, यह है मामला
Fri, 07 Nov 2025 04:31 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 07 Nov 2025 04:31 PM IST
सार
पूर्व सैन्यकर्मी विनोद कुमार की ओर से अदालत में दायर याचिका में बताया गया कि लेखपाल योगेश शर्मा ने गांव के उनके विपक्षियों से साजिश रचकर उनके व परिवार के खिलाफ गोंडा थाने में खेत की नाली तोड़ने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज करा दिया। जिसमें लेखपाल ने नाली तोड़ने संबंधी अपनी रिपोर्ट दी।
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कोर्ट
- फोटो : प्रतीकात्मक
विस्तार
कहते हैं गांव स्तर पर राजस्व विवादों में लेखपालों की कारगुजारियां कभी-कभी बड़ी चिंगारी बन जाती हैं। ऐसा ही गोंडा के नगला जुझार के पूर्व सैन्यकर्मी संग हुआ। लेखपाल ने नाली तोड़ने की झूठी रिपोर्ट देकर उस पर आपराधिक मुकदमा करा दिया। बाद में सच सामने आया तो अधिकारियों ने लेखपाल की रिपोर्ट झूठी करार देकर मुकदमा खारिज कराया। अब सैन्यकर्मी ने लेखपाल के खिलाफ अदालत में याचिका दायर कर दी। जिसे स्वीकारते हुए अदालत ने लेखपाल के पहले गैरजमानती वारंट जारी किए। न आने पर अब वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं।
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घटनाक्रम की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई। पूर्व सैन्यकर्मी विनोद कुमार की ओर से अदालत में दायर याचिका में बताया गया कि लेखपाल योगेश शर्मा ने गांव के उनके विपक्षियों से साजिश रचकर उनके व परिवार के खिलाफ गोंडा थाने में खेत की नाली तोड़ने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज करा दिया। जिसमें लेखपाल ने नाली तोड़ने संबंधी अपनी रिपोर्ट दी। जिसके आधार पर यह मुकदमा लिखा गया। जानकारी पर विनोद ने डीएम व अन्य अधिकारियों से शिकायत की। जिस पर तहसीलदार ने खुद जांच की तो लेखपाल की रिपोर्ट को झूठा पाया गया। कहा गया कि आरोपों के अनुसार नाली नहीं तोड़ी गई। जिसके आधार पर वह मुकदमा पुलिस द्वारा अंतिम रिपोर्ट लगाकर खत्म कर दिया गया।
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इसके बाद सैन्यकर्मी ने लेखपाल व अन्य विपक्षियों के खिलाफ अदालत की शरण ली। जिसमें झूठी साजिश रचने पर कार्रवाई का अनुरोध किया। अदालत में 2021 में सुनवाई शुरू हुई। कई माह चली प्रक्रिया के बाद अदालत ने यह माना कि लेखपाल योगेश इस मामले में आरोपी है। जिसके आधार पर लेखपाल के खिलाफ अदालत ने लोक सेवक द्वारा झूठी रिपोर्ट दिए जाने संबंधी धारा में अपने यहां वाद दर्ज किया। इसके बाद लेखपाल योगेश को अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया गया। मगर इस तलबी के खिलाफ योगेश ने अपील दायर की। जो सत्र न्यायालय से खारिज हो गई। इसके बाद उसके खिलाफ गैरजमानती जारी हुए। मगर इसके बाद भी वह हाजिर नहीं हुआ। अब अदालत ने लेखपाल का वेतन रोके जाने संबंधी आदेश जारी कर लेखपाल को 12 नवंबर को तलब किया है।
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