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लॉकडाउन में घर लौट रहे दंपती व चचेरे भाई की मौत

Fri, 01 May 2020 12:49 AM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Published by: राजेश सिंह Updated Fri, 01 May 2020 12:49 AM IST
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Couple and cousin returning home in lockdown die
रंजीत का फाइल फाेटाे - फोटो : neeraj
लॉकडाउन में दिल्ली से पैदल घर जाने के लिए निकले फतेहपुर जिले के तीन मजदूरों की बृहस्पतिवार तड़के यहां मडराक क्षेत्र में बाईपास पर सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इस दौरान उनके साथ पैदल जा रही एटा की एक किशोरी गंभीर रूप से जख्मी हो गई, जिसका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें एक दंपती व एक चचेरा भाई था। उनकी मौत की सूचना फतेहपुर में परिवार को दे दी गई है। देर रात तक पुलिस परिवार का इंतजार कर रही थी।
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घटनाक्रम के अनुसार फतेहपुर जनपद के घोस थाना क्षेत्र के ऐराया निवासी रंजीत सिंह (44) पुत्र जगन्नाथ, अपने चचेरे भाई दिनेश (37) पुत्र भागीरथ, व अपनी पत्नी रामवती, दिनेश की पत्नी संत कुमारी (35) संग दिल्ली के नरेला इलाके में रंगाई-पुताई का काम करते थे। लॉकडाउन के कारण वहां से निकल नहीं पा रहे थे। सोमवार को किसी तरह वहां से पैदल घर के लिए चल दिए। यह लोग रात ढाई बजे के आसपास जिले की सीमा में प्रवेश कर गए और हाईवे बाईपास पर खेरेश्वर चौराहे पर पहुंचे। यहां से इनके साथ एटा बस स्टैंड की 16 वर्षीय उमा पुत्री देवराज भी चल दी। वह भी दिल्ली से पैदल ही आई थी और दिल्ली में किसी बटन फैक्टरी में मजदूरी करती थी।
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इसी बीच मडराक क्षेत्र में हाईवे बाईपास पर गांव पड़ियावली के पास गेहूं से भरी ट्रैक्टर-ट्राली मिल गई, जिसमें सवार हो रहे थे। तभी पीछे से आते कैंटर ने टक्कर मार दी। 
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कैंटर के पहियों के नीचे आकर सभी जख्मी हो गए। इनमें से रंजीत व दिनेश की मौके पर मौत हो गई। खबर पर पहुंची पुलिस ने संत कुमारी व उमा को जिला अस्पताल भिजवाया, जहां संत कुमारी को भी मृत घोषित कर दिया गया। उमा का इलाज चल रहा है। इस दुर्घटना में रंजीत की पत्नी रामवती बाल-बाल बच गई। इंस्पेक्टर मडराक के अनुसार इनके पास मिले आधार कार्ड और रामवती से मिली जानकारी पर पहचान हो गई है। इनके परिवारों को सूचना दे दी गई है। जो महिला सुरक्षित बची है, वह इस कदर बदहवास हालत में है कि ज्यादा कुछ बता नहीं पा रही है। उसे संभाल पाना मुश्किल हो रहा है। शवों को जिला अस्पताल की मोरचरी में रखवा दिया गया है। 


बच्चे रहते है गांव में, खुद करते थे मजदूरी
जिला अस्पताल में पति, देवर व देवरानी की मौत के बाद बदहवास हालत में मौजूद रामवती ज्यादा कुछ नहीं बता पा रही। हां, उसने कुछ कुरेदने पर बताया कि घर में तीन बच्चे क्रमश: 20 वर्षीय अमित, 18 वर्षीय ममता व 15 वर्षीय डौली हैं। वह गांव में ही रहते हैं। मृत देवर-देवरानी के भी दो बेटे हैं। वह भी गांव में रहते हैं। हम लोग दिल्ली रहकर मजदूरी करते थे। बड़ी बेटी ममता की इसी पांच मई को शादी तय थी। मगर, लॉकडाउन के चलते वह टल गई। अब शादी कब होगी पता नहीं। पति की मौत के सदमे को वह झेल नहीं पा रही थी। उसकी अपने बेटे अमित से बात हो गई थी। वह गांव से रवाना हो गया है, देर रात तक आने की उम्मीद है। उसने बताया कि जब कोई साधन घर जाने को नहीं मिला तो पैदल चल दिए थे। रास्ते में जो वाहन मिलता गया, उससे लिफ्ट लेकर आगे बढ़ लेते थे। फिर पैदल चल देते थे।



उमा का भाई रहता है एटा में
इस दुर्घटना में जख्मी हुई उमा का भाई एटा में रहता है। उसने बताया कि वह भी दिल्ली में ही बटन की फैक्ट्री में नौकरी करती है। भाई एटा में रहता है। घर जाने के फेर में वह भी पैदल ही चल दी थी। किसी तरह यहां तक पहुंच गई थी। उसकी दुर्घटना की खबर पर भाई एटा से चल दिया था।
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