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World Cotton Day: किस्मत बदल रही कपास, किसानों का बढ़ रहा रूझान, पिछले साल की तुलना में बढ़ा रकबा
Tue, 07 Oct 2025 04:30 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Tue, 07 Oct 2025 04:30 PM IST
सार
गभाना क्षेत्र के पैराई गांव में किसानों ने इस बार परंपरागत खेती से नाता तोड़कर कपास की फसल उगाई है। कपास के दाम बढ़ने से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं।
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कपास की खेती करता किसान।
- फोटो : freepik
विस्तार
अलीगढ़ जिले के किसानों का अब धान, गेहूं, मक्का, बाजरा जैसी परंपरागत फसलों की जगह कपास की ओर रूझान बढ़ने लगा है। पिछले साल जिले में कपास का रकबा 6478 हेक्टेयर था, जो इस साल बढ़कर 6678 हेक्टेयर हो गया है।
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जिले के गभाना, चंडौस, बरौली क्षेत्र में किसानों ने बड़े पैमाने पर कपास की फसल उगाई जाती है। गभाना क्षेत्र के पैराई गांव में किसानों ने इस बार परंपरागत खेती से नाता तोड़कर कपास की फसल उगाई है। कपास के दाम बढ़ने से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। अब सर्दी की आहट के साथ ही मंडी में दो तरह की कपास की आवक शुरू हो गई है। देसी कपास व अमेरिकी कपास। मंडियों से कपास को जिले की स्थानीय मिलों में भेजा जाएगा। जहां कपास की मदद से रूई तैयार होगी।
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गांव पैराई के किसान करनपाल सिंह ने बताया कि इस बार करीब 20 हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की फसल उगाई है। मंडी में शुरुआती दौर में ही अच्छी कीमत मिल रही है। बलवंत नगलिया के श्योराज सिंह ने बताया कि कपास की फसल की अच्छी पैदावार हुई है और उन्हें लागत से कहीं अधिक कीमत मिलने से फायदा हुआ है।
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जिले में किसानों ने इस बार बड़ी संख्या में कपास की खेती की है। इससे फसल का रकबा भी बढ़ा है। बाजार में फसल की अच्छी कीमत भी मिल रही है। - चौधरी अरुण सिंह, उपकृषि निदेशक