नगर निगम के अधिवेशन में पार्षदों में हाथापाई, हंगामा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंच पर नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल, एसडीएम कोल एवं उप नगर आयुक्त रंजीत सिंह ने भी पार्षदों को समझाने का कई बार प्रयास किया लेकिन पार्षदों ने उनकी भी एक नहीं सुनी। यहां कार्यकारिणी चुनाव की प्रक्रिया को पारदर्शी रखने के लिए सहायक निर्वाचन अधिकारी के तौर पर कौशल कुमार को बुलाया गया था लेकिन हंगामे के बीच वह खामोशी से सब कुछ देखते रहे। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय राय भी खामोश रहे।
अधिवेशन की शुरुआत तयशुदा सुबह 11 बजे हुई। मेयर मो. फुरकान ने पूर्व में तय हुए एजेंडे के अनुसार ही कार्यकारिणी के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कराई। अभी बात आगे बढ़ती कि इससे पहले ही भाजपा पार्षद दल हाउस टैक्स कम करने, नियमानुसार छूट देने पर बहस कराने का दबाव बनाने लगा।
इसको जनहित मुद्दा बता कर एजेंडे से अलग बहस कराने की मांग शुरू कर दी। नियमानुसार तयशुदा एजेंडे पर ही काम होना चाहिए था इसलिए कार्यकारिणी चुनाव का बहिष्कार देख बसपाई भी भड़क गए और नारेबाजी हंगामा शुरू हो गया। भाजपा की ओर से पुष्पेंद्र जादौन, एडवोकेट अनिल सेंगर, नरेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य पार्षदों ने मोर्चा संभाला तो बसपा की ओर से मुशर्रफ हुसैन मजहर, सद्दाम, शाकिर, माशअल्लाह, शहाबुद्दीन ने जबरदस्त नारेबाजी की।
पहले अपनी अपनी बात के साथ मेज थपथपाना, इसके बाद तेज आवाज बहस फिर माइक की छीनाझपटी अचानक हाथापाई में बदल गई। दोनों दलों के पार्षद मेयर के पास तक पहुंच गए और एक दूसरे पर कई तरह के आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे। कोई भी मेयर के कहने से खामोश नहीं हो रहा था। एक स्थिति ऐसी भी आई कि दोनों दलों के बाहर खड़े समर्थक भी बंद दरवाजे को धकिया कर अंदर आने लगे। पुलिस ने ज्यादा तू तड़ाक देखी तो दरोगा और सिपाही बंदूकों के साथ अंदर आ गए। मेयर और अधिकारियों के पास फोर्स जमा हुआ तो पार्षदों का स्वर कुछ थमा। ये सब होते होते दोपहर 1.18 बज चुके थे। सुबह 11 बजे से शुरू हो कर सवा तीन घंटे बाद भी ये बैठक बेनतीजा ही रही। अंत में राष्ट्रगान हुआ।
हाउसटैक्स छूट नहीं तो आंदोलन : भाजपा
हाउसटैक्स जमा करने की तिथियों के अनुसार मिलने वाली अलग-अलग छूट को लागू रखने की मांग पर भजपा पार्षद अडिग है। अधिवेशन खत्म होने के बाद पार्षद दल की बैठक हुई जिसमें आगे की रणनीति को लेकर विचार हुआ। भाजपा पार्षद पुष्पेंद्र जादौन ने कहा कि कार्यकारिणी के चुनाव काफी वक्त लगता है इसलिए पहले हाउस टैक्स की समस्या का समाधान करने की मांग उठाई थी क्योंकि ये जनहित का मुद्दा है। इस पर मेयर का रवैया ठीक नहीं है। वह खुद ही अधिवेशन खत्म होने की घोषणा कर चले गए। हाउस टैक्स पर वर्तमान में 10 फीसदी छूट 30 जून तक लागू है। इसके बाद ये खत्म हो जाएगी।
सफाईकर्मियों ने दी हड़ताल की चेतावनी
बोर्ड अधिवेशन में सभी पार्षदों द्वारा एक मत होकर ठेका सफाई कर्मियों का वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव देने का सफाई कर्मचारियों के संघ ने स्वागत किया है। नगर सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष प्रदीप भंडारी, महामंत्री राधे धूरी, राज कुमार खन्ना आदि नेताओं ने कहा है कि ठेका सफाई कर्मियों का वेतन बढ़ा कर 10500 रुपये नहीं किया गया तो सड़कों पर आंदोलन होगा और ठेका सफाई कर्मी काम बंद कर देंगे। बार-बार नगर निगम के अधिकारी इस मुद्दे को टाल रहे हैं। ये ठीक नहीं है।
एक साल पांच महीने से मैं पार्षदों का हंगामा झेल रहा हूं। कार्यकारिणी चुनाव का तयशुदा एजेंडा जब भाजपा पार्षदों को भेजा गया था तो उसमें कोई आपत्ति क्यों नहीं की गई। अगर तब आपत्ति नहीं की तो फिर बोर्ड अधिवेशन में कार्यकारिणी चुनाव का बहिष्कार क्योें हो रहा है..? अगर भाजपा पार्षद ये सोचते हैं कि वह दबाव बना कर सदन चलवाएंगे तो ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। नियमानुसार ही काम होगा। कार्यकारिणी चुनाव होने के बाद भी हाउस टैक्स पर बहस हो सकती थी लेकिन भाजपाइयों ने ऐसा नहीं होने दिया।
- मो. फुरकान, मेयर।