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भूख से तड़प रही गायों को नोच रहे कुत्ते, पिसावा की नई गोशाला में गोवंश का बुरा हाल
Sat, 09 Mar 2019 09:16 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिसावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिसावा
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 09 Mar 2019 09:16 PM IST
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गोशाला में गोवंश
- फोटो : फाइल फोटो
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डीएम के दबाव में पिसावा में नई गोशाला तो बन गई लेकिन गायों के लिए चारे का इंतजाम न जिला प्रशासन की ओर से किया गया न ग्राम पंचायत स्तर पर निर्धारित की गई समिति ही कर सकी। ऐसे में गोशाला में बंद गोवंश भूख से बेदम होकर जमीन पर गिर रहा है। तड़प रहे इस जिंदा गोवंश को नोचकर आवारा कुत्ते खा रहे हैं। यह दृश्य स्थानीय निवासियों को आत्मग्लानि से भर रहा है लेकिन वह भी अपनी आर्थिक कमजोरियों के चलते इन गायों के चारे का मुकम्मल इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं।
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सुलावलगढ़ में बनी पिसावा की इस नई गोशाला में चार गोवंश की भूख से जान जा चुकी है। एक गाय की हालत चिंताजनक स्थिति में है। शनिवार को गोशाला में भूख से बेदम एक गाय पड़ी तड़प रही थी, जिसका एक पैर कुत्ते पूरी तरह नोचकर खा चुके थे। शरीर के अन्य हिस्सों को भी नोच रहे थे। आवारा कुत्तों से गाय की रक्षा करने वाला भी गोशाला में कोई नहीं था। सुजावलगढ़ निवासी गुड्डू चौधरी, देवा, जीतन, सुभाष, धनपाल, रामवीर, रोहताश, संजू शर्मा, विष्णु गुप्ता, चंद्रप्रकाश गुप्ता के अनुसार पहले श्मशान घाट स्थित तिवारी गोशाला में ही गोवंश रहता था तो किसी को उनकी स्थिति दिखती नहीं थी। अब जिंदा गायों को कुत्तों को नोचते देखकर आत्मग्लानि हो रही है। जो बन पड़ता है उससे कुछ चारे का इंतजाम ग्रामीण अपने रुपयों से कर रहे हैं।
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एसडीएम ने देखी थी गोशाला, नहीं पहुंचा चारा
एसडीएम गभाना कुलदेव सिंह ने तीन मार्च को पिसावा की दोनों गोशालाओं का निरीक्षण कर चुके हैं। उन्होंने दोनों जगह गायों की स्थिति दयनीय बताई थी। अधीनस्थ कर्मचारियों से बात करने की बात कही थी। उनके निरीक्षण के बाद भी गोवंश की हालत में सुधार नहीं आया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन चारा का इंतजाम नहीं करा सकता तो गोशाला बनवाई ही क्यों थी?
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