डाक अधीक्षक आत्महत्या प्रकरण: बुलंदशहर के उपडाकपाल सहित आठ पर मुकदमा, सुसाइड नोट में हैं आरोपियों के नाम
मुकदमा टीपी सिंह के छोटे भाई अधिवक्ता रामवीर सिंह की ओर से कराया गया है। जिसमें आरोप है कि नामजद लोग उनके भाई को परेशान कर रहे थे। उनके द्वारा किए गए कृत्यों पर विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए वे लगातार दबाव बना रहे थे।
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अलीगढ़ महानगर की सुरक्षा विहार कालोनी में बुलंदशहर के प्रधान डाकघर के अधीक्षक त्रिभुवन प्रसाद सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मुकदमे में उपडाकपाल सहित वही आठ आरोपी नामजद किए गए हैं, जिनके नाम सुसाइड नोट में उल्लेखित थे। इन सभी को परेशान करने और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोपी बनाया गया है। इधर, परिवार से तहरीर लेकर साक्ष्य तलाशने गई पुलिस टीम बुलंदशहर से लौट आई है। वहां से सीसीटीवी आदि साक्ष्य लेकर आई है।
यह मुकदमा टीपी सिंह के छोटे भाई अधिवक्ता रामवीर सिंह की ओर से कराया गया है। जिसमें आरोप है कि नामजद लोग उनके भाई को परेशान कर रहे थे। उनके द्वारा किए गए कृत्यों पर विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए वे लगातार दबाव बना रहे थे। इसी क्रम में इनके द्वारा दी गईं धमकियों और झूठी शिकायतों से आजिज आने पर ही उनके भाई ने आत्महत्या की है। इंस्पेक्टर बन्नादेवी पंकज मिश्रा ने तहरीर मिलने की पुष्टि की है। बताया कि पुलिस की जो टीम बुलंदशहर भेजी गई थी। वह मौके से जानकारियां जुटाकर लाई है। साथ में सीसीटीवी फुटेज आदि भी लेकर आई है। अब इसी अनुसार विवेचना आगे बढ़ाई जाएगी। आरोपियों से भी पूछताछ की जाएगी।
बुलंदशहर के डाकघर अधीक्षक की आत्महत्या के मामले में परिवार की तहरीर पर नामजदों पर आत्महत्या के लिए उकसाने संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। बुलंदशहर भेजी गई टीम भी साक्ष्य जुटाकर लौट आई है।-मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी
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मुकदमे में ये हैं आरोपी
सुरेश कुमार पुत्र शंभू दयाल निवासी सैदपुर बुलंदशहर, सुरेश की पत्नी, मनोज कुमार तत्कालीन उपडाकपाल एजी स्कूल बुलंदशहर वर्तमान में उपडाकपाल नारहर जिला ललितपुर मूल निवासी शिकारपुर बुलंदशहर, योगेंद्र सिंह पूर्व मेल ओवरसियर खुर्जा निवासी खुर्जा, बनवारी लाल पूर्व मेल ओवरसियर अनूपशहर निवासी ग्राम व पोस्ट सघर पहासू, उनके तीन पुत्र क्रमश: अरुण, वरुण व टेकचंद्र।
ये है प्रकरण
मूल रूप से अकरावत लोधा व हाल सुरक्षा विहार निवासी टीपी सिंह के विभाग के कुछ लोगों ने सीबीआई में शिकायत की थी। जिसमें डाकपाल पदों पर नियुक्तियों, टूर बिल आदि में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इसी मामले में जांच के लिए सीबीआई टीम मंगलवार को मुख्य डाकघर पहुंची थी। शाम में करीब चार घंटे तक टीम ने त्रिभुवन प्रसाद सिंह से पूछताछ की। रात 11 बजे उन्हें वहां से घर भेज दिया गया था। इसके बाद टीम तडक़े चार बजे तक डाकघर में रिकार्ड खंगालती रही और वापस चली गई। मगर कुछ खास मिला नहीं। रात में 11 बजे त्रिभुवन प्रसाद पहले अपने किराये के रूम पर पहुंचे हैं। वहां से सुबह पांच बजे करीब बिनाए बताए अलीगढ़ चले आए हैं। यहां आने के बाद पत्नी के स्कूल जाने के बाद बुधवार सुबह घर में उन्होंने यह कदम उठाया था। जिससे पहले एक सुसाइड नोट भी अपने विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल किया था। जिसमें नामजदों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था।