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खैर उपचुनाव: 40 लाख रुपये से ज्यादा खर्च नहीं कर सकेंगे प्रत्याशी, खर्चे में इन सभी को भी दिखाना होगा
Tue, 05 Nov 2024 11:01 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Tue, 05 Nov 2024 11:01 AM IST
सार
खैर विधानसभा से प्रत्याशी उपचुनाव में अधिकतम 40 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे। नकद रूप में एक बार में अधिकतम 10 हजार रुपये तक व्यय कर सकते हैं।
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उपचुनाव में खर्चे के बारे में बताते हुए व्यय प्रेक्षक जगदीश डोडी आदि
- फोटो : सूचना विभाग
विस्तार
खैर विधानसभा उपचुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए 4 नवंबर को प्रेक्षकों ने प्रत्याशियों एवं उनके अभिकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की। इसमें बताया कि प्रत्याशी चुनाव में अधिकतम 40 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे। नकद रूप में एक बार में अधिकतम 10 हजार रुपये तक व्यय कर सकते हैं।
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सामान्य प्रेक्षक के. कर्पगम ने बताया कि चुनाव को धनबल से मुक्त रखने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से यह निर्धारण किया गया है। व्यय प्रेक्षक जगदीश डोडी ने सभी प्रत्याशियों को व्यय का सही लेखा अनुरक्षित करने और व्यय का विवरण प्रस्तुत करने, प्रचार के सभी व्ययों में सोशल मीडिया के विज्ञापनों के व्यय को भी सम्मिलित करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि 40 लाख रुपये से अधिक निर्वाचन व्यय होने पर प्रत्याशी का निर्वाचन निरस्त किया जा सकता है। व्यय का ब्यौरा 05, 08 व 11 नवंबर को दोपहर 02 बजे कलेक्ट्रेट स्थित छोटे सभागार में मिलान कराया जाएगा। बैठक में पुलिस प्रेक्षक आर. शिवाकुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व मीनू राणा, एसडीएम खैर महिमा, एसटीओ योगेश कुमार आदि मौजूद थे।
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इनको भी जोड़ना होगा खर्चे में
व्यय प्रेक्षक जगदीश डोडी ने बताया कि सभी प्रत्याशियों को निर्देशित किया गया है कि अभ्यर्थी व्यय का सही लेखा अनुरक्षित करने और व्यय का विवरण प्रस्तुत करने, दोनों के लिए प्रचार के सभी व्ययों में सोशल मीडिया के विज्ञापनों के व्यय को भी सम्मिलित किया जाए। अन्य बातों के साथ-साथ, विज्ञापनों को कैरी करने के लिए इंटरनेट कंपनियों और वेबसाइटों को किए गए भुगतान के साथ-साथ विषय-वस्तु के रचनात्मक विकास पर होने वाले प्रचार सम्बन्धी प्रचालनात्मक व्यय, ऐसे अभ्यर्थियों और राजनीतिक दलों द्वारा अपने सोशल मीडिया एकाउन्ट्स को बनाए रखने के लिए नियोजित कामगारों की टीम को दिए गए वेतनों और मजदूरियों पर प्रचालनात्मक व्यय, आदि भी सम्मिलित किए जाएं।
सोशल मीडिया वेबसाइटों सहित इंटरनेट के माध्यम से किए जाने वाले प्रचार के साथ ही अन्य माध्यम यथा बल्क एसएमएस एवं वॉयस कॉल इत्यादि द्वारा किए गये प्रचार पर होने वाले व्यय के सम्बन्ध में आयोग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना होगा।