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अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा: आंखों में सुनहरे सपने, अलीगढ़ में बच्चों ने हौसले के साथ दिया एग्जाम

Mon, 19 Oct 2026 05:35 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Mon, 19 Oct 2026 05:35 PM IST
सार

अलीगढ़ के डीएस बाल मंदिर स्कूल में बनाए गए केंद्र पर विद्यार्थी निर्धारित समय से करीब एक घंटे पहले ही पहुंचने लगे थे। किसी के चेहरे पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद झलक रही थी तो कोई परीक्षा को लेकर गंभीरता से तैयारी में जुटा नजर आया।

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Atul Maheshwari Scholarship Exam in Aligarh
डीएस बाल मंदिर स्कूल में परीक्षा देतीं छात्राएं - फोटो : संवाद

विस्तार

आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने और कुछ कर गुजरने का जज्बा लिए छात्र-छात्राएं रविवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह नजर आया।

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अलीगढ़ के डीएस बाल मंदिर स्कूल में बनाए गए केंद्र पर विद्यार्थी निर्धारित समय से करीब एक घंटे पहले ही पहुंचने लगे थे। किसी के चेहरे पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद झलक रही थी तो कोई परीक्षा को लेकर गंभीरता से तैयारी में जुटा नजर आया। परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर विद्यार्थियों ने परिसर में चस्पा सूची में अपने रोल नंबर देखे। इसके बाद अपने निर्धारित कक्ष की जानकारी लेकर कमरों की ओर बढ़े।
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सुबह 11 बजे परीक्षा शुरू हुई, जो दोपहर 12:30 बजे तक चली। इसमें अलीगढ़ शहर के अलावा जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से भी विद्यार्थी शामिल हुए। दूर-दराज से आए कई परीक्षार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी मौजूद रहे। परीक्षा केंद्र तक बच्चों को पहुंचाने के बाद अभिभावक बाहर इंतजार करते रहे।
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परीक्षार्थियों के बोल
पेपर अच्छा रहा। ज्यादातर सवाल समझ में आ गए थे। कुछ सवालों में थोड़ा समय लगा। सभी प्रश्न हल करने की कोशिश की। - अनेकी, कक्षा-10, कासिमपुर
हिंदी और सामान्य ज्ञान के सवाल आसानी से हल हो गए, लेकिन गणित के कुछ प्रश्नों में ज्यादा समय लगा। समय का सही प्रयोग करना भी एक चुनौती थी। - संध्या, कक्षा-9, भुजपुरा
मैंने परीक्षा की तैयारी पूरी मेहनत से की थी। छात्रवृत्ति मिलती है तो आगे की पढ़ाई में परिवार को आर्थिक मदद मिलेगी। अच्छे परिणाम की उम्मीद है। - प्रिया कुमारी, कक्षा-11 अतरौली
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा के बारे में अखबार से जानकारी मिली। परीक्षा में शामिल होकर अच्छा लगा। इससे आगे बढ़ने का मौका मिलता है। - पुष्पेंद्र कुमार, कक्षा-11, इगलास
मैंने पहली बार यह परीक्षा दी है। शुरुआत में थोड़ा डर लग रहा था, लेकिन प्रश्नपत्र मिलने के बाद आत्मविश्वास बढ़ा। अब परिणाम का इंतजार है। - कुसुम, कक्षा-12, दबयरा
इससे प्रतियोगी परीक्षाओं का अनुभव मिला। सवाल हल करते समय एकाग्रता और समय प्रबंधन का महत्व समझ आया। आगे भी ऐसी परीक्षाओं में भाग लेना चाहूंगी।-नंदिनी, कक्षा-12 कलाई, हरदुआगंज
मैं आगे की पढ़ाई करके अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहती हूं। छात्रवृत्ति मिलती है तो किताबों और पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।-परी वार्ष्णेय, कक्षा-10, रेलवे रोड
प्रश्नपत्र का स्तर संतुलित लगा। कुछ सवाल सीधे थे, जबकि कुछ में सोचकर उत्तर देना पड़ा। परीक्षा देकर अच्छा अनुभव मिला। अच्छे परिणाम की उम्मीद है। - आकांक्ष, कक्षा-10 भुजपुरा

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Atul Maheshwari Scholarship Exam in Aligarh
डीएस बाल मंदिर स्कूल में परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थी - फोटो : संवाद

हादसे में गंवाया हाथ-पैर, हौसले के साथ परीक्षा देने आया विशाल
हादसे ने बचपन छीन लिया, जिंदगी की राह मुश्किल कर दी, लेकिन पढ़ने और आगे बढ़ने की उम्मीद नहीं छीन सका। संभल के आरएसएस इंटर कॉलेज, बकरोली में कक्षा नौ में पढ़ने वाले विशाल अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा देने अलीगढ़ पहुंचे तो उनके साथ उनकी हिम्मत की कहानी भी आई। बचपन में एक दर्दनाक हादसे में उसे अपना एक हाथ और एक पैर गंवाना पड़ा था, लेकिन पढ़ाई के प्रति विशाल का उत्साह आज भी कायम है।


विशाल अपने बाबा नवाब सिंह के साथ संभल से अलीगढ़ परीक्षा देने आए थे। उन्होंने बताया कि वह इस परीक्षा को लेकर काफी उत्साहित थे। उनके लिए यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाने की उम्मीद भी है। विशाल ने बताया कि जब वह करीब आठ साल के थे, तब दूध की डेयरी में बैठे हुए थे। इसी दौरान हाईटेंशन बिजली लाइन का तार उन पर गिर गया था। करंट की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां करीब छह महीने तक उनका इलाज चला। डॉक्टरों को उनका एक हाथ और एक पैर काटना पड़ा।

Atul Maheshwari Scholarship Exam in Aligarh
विशाल और आदित्य - फोटो : संवाद

जन्म से बायां हाथ नहीं, सपनों को पंख देने की चाह में जुटा आदित्य
किसी कमी को अपनी कमजोरी न बनने देना ही असली हौसला है। बाबूलाल जैन इंटर कॉलेज में कक्षा नौ में पढ़ने वाले दिव्यांग आदित्य की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। जन्म से उसका बायां हाथ नहीं है, लेकिन आगे बढ़ने का जज्बा और अपने पैरों पर खड़े होने का सपना उसके हौसले को मजबूती देता है। इसी उम्मीद के साथ आदित्य ने अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा दी।

आदित्य जानते हैं कि शिक्षा ही उन्हें अपने सपनों के करीब ले जा सकती है। वह परीक्षा में सफल होकर मिलने वाली छात्रवृत्ति का इस्तेमाल अपनी पढ़ाई में करना चाहते हैं। उनके लिए यह आर्थिक मदद से बढ़कर आगे की राह आसान बनाने का एक अवसर है। आदित्य ने बताया कि उनका लक्ष्य केवल पढ़ाई पूरी करना नहीं है। वह आगे चलकर सरकारी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं। जन्म से बायां हाथ न होने के बावजूद आदित्य ने अपने भविष्य को लेकर बड़े सपने संजोए हैं।

इनका रहा सहयोग
परीक्षा में केंद्र अधीक्षक पुष्कर वार्ष्णेय, सहायक केंद्र अधीक्षक नवनीत शर्मा, शिक्षक अमित शर्मा, गौरव गुप्ता, राहुल शर्मा, विकास गुप्ता, देवेंद्र शर्मा पियूष भटनागर, सिद्धार्थ शर्मा, पुष्पेंद्र सिंह, प्रशांत सिंह, योगेंद्र कुमार, सौरभ सारस्वत, प्रदीप रावत, गौरव बृजवासी, नजीर इकबाल खान, विष्णु दत्त शर्मा, राहुल अग्रवाल, प्रफुल्ल वार्ष्णेय का सहयोग रहा।

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