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Aligarh News: एएमयू में फर्जी ई-मेल से पदोन्नति प्रभावित करने का प्रयास, साइबर सेल जांच में जुटी
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एएमयू का गेट।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में पदोन्नति प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए फर्जी ई-मेल भेजने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। दावा है कि यूनिवर्सिटी और शिक्षा मंत्रालय से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे गए इस विवादित ई-मेल में विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया, नियमों और कुछ कर्मचारियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के झूठे आरोप लगाए गए हैं। साइबर सेल मामले की जांच कर रही है।
यूनिवर्सिटी के संयुक्त कुलसचिव मोहम्मद आरिफ उद्दीन अहमद ने deepakassociates2009@ gmail.com का उपयोग करने वाले खिलाफ थाना सिविल लाइंस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। तहरीर में उन्होंने कहा कि 8 अगस्त 2026 को इस आईडी से कुलपति, प्रति-कुलपति, कुलसचिव, वित्त अधिकारी, परीक्षा नियंत्रक व अन्य कई अधिकारियों को ई-मेल भेजा गया था।
इसमें सहायक कुलसचिव के पद पर पदोन्नति के लिए प्रस्तावित डीपीसी और साक्षात्कार प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाए गए थे। विवादित ई-मेल ऐसे समय भेजा गया, जब सहायक कुलसचिव पद के लिए पदोन्नति प्रक्रिया चल रही थी। ई-मेल भेजने के बाद संबंधित आईडी डिलीट भी कर दी गई। संयुक्त कुलसचिव ने ई-मेल आईडी निर्माण, संचालन और विलोपन से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच की मांग की है।
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सोशल मीडिया तक पहुंची थी जानकारी
संयुक्त कुलसचिव मोहम्मद आरिफ उद्दीन, एसएम सुरूर, सहायक कुलसचिव मोहम्मद सिराज अहमद कादरी, सेक्शन अफसर अताउल्लाह खान, आदिला सुल्ताना, मोहम्मद जिया फारूकी, मोहम्मद जावेद ने बताया कि विवादित ई-मेल में लगाए गए झूठे आरोप बाद में सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों तक भी पहुंचे थे।
उन्होंने संबंधित पोस्ट, स्क्रीनशॉट और डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और ई-मेल की आंतरिक जानकारी उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों की भूमिका की जांच करने की मांग भी की है। सीओ सर्वम सिंह के मुताबिक केस दर्ज होने के बाद साइबर सेल को सुपुर्द किया गया है। मामले के डिजिटल फुटप्रिंट तलाशे जा रहे हैं। कई लोगों से पूछताछ जारी है।
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यूनिवर्सिटी के संयुक्त कुलसचिव मोहम्मद आरिफ उद्दीन अहमद ने deepakassociates2009
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इसमें सहायक कुलसचिव के पद पर पदोन्नति के लिए प्रस्तावित डीपीसी और साक्षात्कार प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाए गए थे। विवादित ई-मेल ऐसे समय भेजा गया, जब सहायक कुलसचिव पद के लिए पदोन्नति प्रक्रिया चल रही थी। ई-मेल भेजने के बाद संबंधित आईडी डिलीट भी कर दी गई। संयुक्त कुलसचिव ने ई-मेल आईडी निर्माण, संचालन और विलोपन से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच की मांग की है।
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सोशल मीडिया तक पहुंची थी जानकारी
संयुक्त कुलसचिव मोहम्मद आरिफ उद्दीन, एसएम सुरूर, सहायक कुलसचिव मोहम्मद सिराज अहमद कादरी, सेक्शन अफसर अताउल्लाह खान, आदिला सुल्ताना, मोहम्मद जिया फारूकी, मोहम्मद जावेद ने बताया कि विवादित ई-मेल में लगाए गए झूठे आरोप बाद में सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों तक भी पहुंचे थे।
उन्होंने संबंधित पोस्ट, स्क्रीनशॉट और डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और ई-मेल की आंतरिक जानकारी उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों की भूमिका की जांच करने की मांग भी की है। सीओ सर्वम सिंह के मुताबिक केस दर्ज होने के बाद साइबर सेल को सुपुर्द किया गया है। मामले के डिजिटल फुटप्रिंट तलाशे जा रहे हैं। कई लोगों से पूछताछ जारी है।