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धनुष-बाण न मिलने से नहीं हो सकी तीरंदाजी प्रतियोगिता
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Fri, 08 Sep 2017 02:15 AM IST
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अभिषेक राव ठावरे
- फोटो : amar ujala
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मनोज माहेश्वरी
संसाधनों के अभाव में यहां खेल प्रतिभाएं नहीं निखर पा रही। स्थिति यह है कि धनुष और बाण न मिलने की वजह से जिला स्तरीय माध्यमिक विद्यालयी तीरंदाजी प्रतियोगिता नहीं हो सकी और खिलाड़ी निराश रहे। इसी तरह अब स्वीमिंग प्रतियोगिता पर भी संकट के बादल छा गए हैं। क्रीड़ा प्रशिक्षकों को जिले में कोई स्वीमिंग पूल नहीं मिल रहा, जिसमें तैराकी प्रतियोगिता कराई जा सकें।
पिछले दिनों माध्यमिक शिक्षा महकमे ने वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम नियत किया जिसमें 22 खेलों को शामिल किया गया। जिला और मंडल स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक यह प्रतियोगिताएं शुरू हो गई हैं। जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ी मंडलीय प्रतियोगिताओं में खेलेंगे और फिर प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। प्रतियोगिताओं का मकसद खेलकूद प्रतिभाओं का बढ़ावा देना है लेकिन यहां महकमे में बजट और संसाधनों का टोटा है। इसकी वजह से जिला स्तर पर कई प्रतियोगिताएं या तो आयोजित ही नहीं हुई या फिर उनके आयोजन पर संकट छाया हुआ है। जिला स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता महज इसलिए नहीं हुई क्योंकि धनुष बाण नहीं थे।
इस साल ही नहीं बल्कि पिछले तीन साल से यह प्रतियोगिता जिले में नहीं हो रही। उसकी वजह यह है कि तीन साल पहले धनुष टूट गया और नया धनुष तब से अभी तक खरीदा नहीं जा सका है। मंडल के दो अन्य जिलों कासगंज और एटा में भी यह प्रतियोगिता नहीं हुई। वैट लिफ्टिंग में जिला स्टेडियम के संसाधनों का प्रयोग किया गया। तब यह प्रतियोगिता हो सकी। अब तैराकी प्रतियोगिता को लेकर भी असमंजस है। हालांकि इस प्रतियोगिता का स्थल नौरंगीलाल जीआईसी प्रस्तावित है लेकिन वहां स्वीमिंग पूल नहीं है।
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विभाग के मंडलीय क्रीड़ा प्रभारी करुण प्रकाश और जिला क्रीड़ा प्रभारी आईडी वर्मा स्वीमिंग पूल की तलाश में हैं, जहां यह प्रतियोगिता कराई जा सके लेकिन स्वीमिंग पूल नहीं मिल रहा। पिछले साल हरदुआगंज नहर में यह प्रतियोगिता कराई गई थी लेकिन खेल प्रशिक्षक यह मान रहे हैं कि यह प्रतियोगिता नहर में कराना ठीक नहीं है। वहां मानक के हिसाब से प्रतियोगिता नहीं हो सकती और यह भी हो सकता है कि प्रतियोगिता के दिन नहर में पर्याप्त पानी न हो। कुछ अन्य प्रतियोगिताओं की भी यही स्थिति है और कुछ के आयोजन से उन विद्यालयों का प्रबंधन पीछे हट रहा है, जिनके जिम्मे यह प्रतियोगिता दी गई हैं। खुद मंडलीय क्रीड़ा प्रभारी (माध्यमिक विद्यालयी) करुण प्रकाश का कहना है कि बजट की कमी और संसाधनों के अभाव से कुछ क्रीड़ा प्रतियोगिता नहीं हो पाती। वैसे इस बार क्रीड़ा शुल्क बढ़ाया गया है। इसलिए बजट भी बढ़ जाएगा। ऐसे में खेल सामग्री खरीदी जा सकेगी।
प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने गए खिलाड़ी
वैसे मंडल स्तर पर कई प्रतियोगिताएं पूरी हो गई हैं। वैट लिफ्टिंग में मंडल के आठ खिलाड़ी प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने इलाहाबाद गए हैं। इधर, प्रदेश स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता बुलंदशहर में होगी। इसमें मंडल की टीम शुक्रवार को वहां जाएगी। जिला क्रीड़ा प्रभारी आईडी वर्मा ने उम्मीद जताई है कि जिले के कई खिलाड़ी प्रदेश स्तर की प्रतियोगिताओं में अपना परचम लहराएंगे।
यहां होगी प्रदेश स्तरीय रायफल शूटिंग प्रतियोगिता
जिले में प्रदेश स्तरीय रायफल शूटिंग प्रतियोगिता भी होगी। यह प्रतियोगिता नवंबर में होगी। इसके लिए यहां जिला स्टेडियम का चयन किया गया है। इसमें प्रदेश भर के खिलाड़ी आएंगे। तीन वर्गों में छात्र व छात्राओं की यह प्रतियोगिता होगी।
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संसाधनों के अभाव में यहां खेल प्रतिभाएं नहीं निखर पा रही। स्थिति यह है कि धनुष और बाण न मिलने की वजह से जिला स्तरीय माध्यमिक विद्यालयी तीरंदाजी प्रतियोगिता नहीं हो सकी और खिलाड़ी निराश रहे। इसी तरह अब स्वीमिंग प्रतियोगिता पर भी संकट के बादल छा गए हैं। क्रीड़ा प्रशिक्षकों को जिले में कोई स्वीमिंग पूल नहीं मिल रहा, जिसमें तैराकी प्रतियोगिता कराई जा सकें।
पिछले दिनों माध्यमिक शिक्षा महकमे ने वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम नियत किया जिसमें 22 खेलों को शामिल किया गया। जिला और मंडल स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक यह प्रतियोगिताएं शुरू हो गई हैं। जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ी मंडलीय प्रतियोगिताओं में खेलेंगे और फिर प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। प्रतियोगिताओं का मकसद खेलकूद प्रतिभाओं का बढ़ावा देना है लेकिन यहां महकमे में बजट और संसाधनों का टोटा है। इसकी वजह से जिला स्तर पर कई प्रतियोगिताएं या तो आयोजित ही नहीं हुई या फिर उनके आयोजन पर संकट छाया हुआ है। जिला स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता महज इसलिए नहीं हुई क्योंकि धनुष बाण नहीं थे।
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इस साल ही नहीं बल्कि पिछले तीन साल से यह प्रतियोगिता जिले में नहीं हो रही। उसकी वजह यह है कि तीन साल पहले धनुष टूट गया और नया धनुष तब से अभी तक खरीदा नहीं जा सका है। मंडल के दो अन्य जिलों कासगंज और एटा में भी यह प्रतियोगिता नहीं हुई। वैट लिफ्टिंग में जिला स्टेडियम के संसाधनों का प्रयोग किया गया। तब यह प्रतियोगिता हो सकी। अब तैराकी प्रतियोगिता को लेकर भी असमंजस है। हालांकि इस प्रतियोगिता का स्थल नौरंगीलाल जीआईसी प्रस्तावित है लेकिन वहां स्वीमिंग पूल नहीं है।
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विभाग के मंडलीय क्रीड़ा प्रभारी करुण प्रकाश और जिला क्रीड़ा प्रभारी आईडी वर्मा स्वीमिंग पूल की तलाश में हैं, जहां यह प्रतियोगिता कराई जा सके लेकिन स्वीमिंग पूल नहीं मिल रहा। पिछले साल हरदुआगंज नहर में यह प्रतियोगिता कराई गई थी लेकिन खेल प्रशिक्षक यह मान रहे हैं कि यह प्रतियोगिता नहर में कराना ठीक नहीं है। वहां मानक के हिसाब से प्रतियोगिता नहीं हो सकती और यह भी हो सकता है कि प्रतियोगिता के दिन नहर में पर्याप्त पानी न हो। कुछ अन्य प्रतियोगिताओं की भी यही स्थिति है और कुछ के आयोजन से उन विद्यालयों का प्रबंधन पीछे हट रहा है, जिनके जिम्मे यह प्रतियोगिता दी गई हैं। खुद मंडलीय क्रीड़ा प्रभारी (माध्यमिक विद्यालयी) करुण प्रकाश का कहना है कि बजट की कमी और संसाधनों के अभाव से कुछ क्रीड़ा प्रतियोगिता नहीं हो पाती। वैसे इस बार क्रीड़ा शुल्क बढ़ाया गया है। इसलिए बजट भी बढ़ जाएगा। ऐसे में खेल सामग्री खरीदी जा सकेगी।
प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने गए खिलाड़ी
वैसे मंडल स्तर पर कई प्रतियोगिताएं पूरी हो गई हैं। वैट लिफ्टिंग में मंडल के आठ खिलाड़ी प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने इलाहाबाद गए हैं। इधर, प्रदेश स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता बुलंदशहर में होगी। इसमें मंडल की टीम शुक्रवार को वहां जाएगी। जिला क्रीड़ा प्रभारी आईडी वर्मा ने उम्मीद जताई है कि जिले के कई खिलाड़ी प्रदेश स्तर की प्रतियोगिताओं में अपना परचम लहराएंगे।
यहां होगी प्रदेश स्तरीय रायफल शूटिंग प्रतियोगिता
जिले में प्रदेश स्तरीय रायफल शूटिंग प्रतियोगिता भी होगी। यह प्रतियोगिता नवंबर में होगी। इसके लिए यहां जिला स्टेडियम का चयन किया गया है। इसमें प्रदेश भर के खिलाड़ी आएंगे। तीन वर्गों में छात्र व छात्राओं की यह प्रतियोगिता होगी।