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परिजनों का फूटा खाकी वर्दी पर गुस्सा
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Mon, 31 Jul 2017 01:10 AM IST
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जमालपुर में युवती की मौत के शव घर पर पहुंचने पर रोड पर जाम लगाकर हंगामा करते लोगों को समझाते सीओ।
- फोटो : अमर उजाला
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लव, सेक्स, धोखा की शिकार युवती का शव रविवार दुपहर पोस्टमार्टम के बाद दिल्ली से यहां पहुंचा और पुलिस कार्रवाई से आक्रोशित परिजनों ने जमालपुर में गोल मार्केट के पास शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान परिजनों ने खूब हंगामा काटा जिससे आवागमन ठप हो गया। सूचना पाते ही इंस्पेक्टर सिविल लाइंस, क्वार्सी, जवां, क्षेत्राधिकारी संजीव दीक्षित दल-बल के साथ पहुंच गए। पुलिस ने जाम हटाने को कहा, लेकिन परिजन आरोपी को जेल भेजने, इंस्पेक्टर क्वार्सी को निलंबित करने समेत चार मांगों पर अड़े रहे। बाद में क्षेत्राधिकारी के दो दिन के आश्वासन पर करीब एक घंटे बाद परिजनों ने सड़क से शव हटाया।
शनिवार को युवती ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था। दुपहर युवती का शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। गुस्साए परिजन शव को सड़क पर रखकर इंस्पेक्टर क्वार्सी और विवेचना अधिकारी को निलंबित करने की मांग पर परिजन अड़ गए। परिजनों का गुस्सा और हंगामा बढ़ते देख पुलिस को सूचना दे दी गई। इस पर पुलिस अधिकारी पहुंच गए। बाद में सीओ ने वहां से लोगों में गुस्सा देख इंस्पेक्टर क्वार्सी व विवेचना अधिकारी हटा दिया। जवां क्षेत्राधिकारी संजीव दीक्षित ने भी परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे। परिजनों की चार मांगें थीं। एक निलंबन, दूसरा मुकदमे में धारा 376 की बढ़ोत्तरी, तीसरा वांछित आरोपी मुंतजिम किदवई को जेल भेजा जाए और चौथा तीन अन्य आरोपियों के भी नाम मुकदमे में शामिल किए जाएं। परिजनों से पुलिस अफसरों ने कहा कि उन्हें इंसाफ मिलेगा, लेकिन पहले वह शव का अंतिम संस्कार कर दें।
बता दें कि 20 जुलाई की दोपहर जमालपुर गोल मार्केट के मजदूर बाप की 24 वर्षीय बेटी ने रजा नगर स्थित सिलाई सेंटर पर खुद फांसी लगाकर सुसाइड की कोशिश की और सेंटर में रखे सामान में आग तक लगाई। उसका आरोप था कि सिलाई सेंटर संचालक शान मोहम्मद ने प्रेम संबंध बनाकर शादी का हवाला देकर उसके साथ रिश्ते बनाए और कई बार गर्भपात कराया। मुकदमे के अनुसार शान मोहम्मद के इस कृत्य में सपा छात्र सभा महानगर अध्यक्ष मुंतजिम किदवई ने भी मदद की। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो तत्काल शान मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि युवती को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। मगर वहां हालत न सुधरने पर परिजन बाद में युवती को एक निजी नर्सिंग होम ले गए। जहां से हालत ज्यादा बिगड़ने पर शुक्रवार शाम उसे दिल्ली रेफर किया गया था। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया था। युवती छह भाई-बहनों में सबसे छोटी थी और पिता मजदूरी करता है। पूरा परिवार किराये के मकान में रहता है।
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-इस मामले की जांच दो दिन में करने का आश्वासन परिजनों को दिया गया है। मैं खुद इस मामले को अपने स्तर देखूंगा। इंसाफ की उम्मीद रखें। कानून पर भरोसा करें। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। -संजीव दीक्षित, क्षेत्राधिकारी।
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शनिवार को युवती ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था। दुपहर युवती का शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। गुस्साए परिजन शव को सड़क पर रखकर इंस्पेक्टर क्वार्सी और विवेचना अधिकारी को निलंबित करने की मांग पर परिजन अड़ गए। परिजनों का गुस्सा और हंगामा बढ़ते देख पुलिस को सूचना दे दी गई। इस पर पुलिस अधिकारी पहुंच गए। बाद में सीओ ने वहां से लोगों में गुस्सा देख इंस्पेक्टर क्वार्सी व विवेचना अधिकारी हटा दिया। जवां क्षेत्राधिकारी संजीव दीक्षित ने भी परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे। परिजनों की चार मांगें थीं। एक निलंबन, दूसरा मुकदमे में धारा 376 की बढ़ोत्तरी, तीसरा वांछित आरोपी मुंतजिम किदवई को जेल भेजा जाए और चौथा तीन अन्य आरोपियों के भी नाम मुकदमे में शामिल किए जाएं। परिजनों से पुलिस अफसरों ने कहा कि उन्हें इंसाफ मिलेगा, लेकिन पहले वह शव का अंतिम संस्कार कर दें।
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बता दें कि 20 जुलाई की दोपहर जमालपुर गोल मार्केट के मजदूर बाप की 24 वर्षीय बेटी ने रजा नगर स्थित सिलाई सेंटर पर खुद फांसी लगाकर सुसाइड की कोशिश की और सेंटर में रखे सामान में आग तक लगाई। उसका आरोप था कि सिलाई सेंटर संचालक शान मोहम्मद ने प्रेम संबंध बनाकर शादी का हवाला देकर उसके साथ रिश्ते बनाए और कई बार गर्भपात कराया। मुकदमे के अनुसार शान मोहम्मद के इस कृत्य में सपा छात्र सभा महानगर अध्यक्ष मुंतजिम किदवई ने भी मदद की। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो तत्काल शान मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि युवती को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। मगर वहां हालत न सुधरने पर परिजन बाद में युवती को एक निजी नर्सिंग होम ले गए। जहां से हालत ज्यादा बिगड़ने पर शुक्रवार शाम उसे दिल्ली रेफर किया गया था। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया था। युवती छह भाई-बहनों में सबसे छोटी थी और पिता मजदूरी करता है। पूरा परिवार किराये के मकान में रहता है।
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-इस मामले की जांच दो दिन में करने का आश्वासन परिजनों को दिया गया है। मैं खुद इस मामले को अपने स्तर देखूंगा। इंसाफ की उम्मीद रखें। कानून पर भरोसा करें। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। -संजीव दीक्षित, क्षेत्राधिकारी।