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अलीगढ़: स्टर्लिंग होम्स में फ्लैट देने के नाम पर 20 करोड़ की ठगी, फर्जी दस्तावेज से वसूली, पांच पर एफआईआर
Fri, 16 Oct 2026 05:19 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Fri, 16 Oct 2026 05:19 PM IST
सार
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए परियोजना को एडीए से स्वीकृत और यूपी रेरा में पंजीकृत बताया गया। इसके लिए कथित तौर पर फर्जी ब्रोशर, होर्डिंग और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। नक्शा, रेरा प्रमाणपत्र और अग्निशमन विभाग की एनओसी भी जाली दिखाने का आरोप है।
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ठगी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अलीगढ़ के अनूपशहर रोड स्थित स्टर्लिंग होम्स आवासीय परियोजना में फ्लैट देने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि क्वालिटी डेवलपर्स के संचालकों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे सैकड़ों लोगों से 20 करोड़ रुपये से अधिक की रकम वसूल ली। एंटी फ्रॉड सेल की जांच रिपोर्ट के आधार पर सिविल लाइंस पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
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केला नगर निवासी अमजद अली की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के अनुसार, उन्होंने परियोजना के तीसरे चरण में 407 और 408 नंबर की दो यूनिट बुक कराई थीं। इसके एवज में बैंक के माध्यम से 50 लाख रुपये जमा किए थे। बिल्डर ने दिसंबर 2021 तक फ्लैटों का कब्जा देने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी उन्हें न तो फ्लैट मिले और न ही उनकी रकम लौटाई गई।
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शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए परियोजना को एडीए से स्वीकृत और यूपी रेरा में पंजीकृत बताया गया। इसके लिए कथित तौर पर फर्जी ब्रोशर, होर्डिंग और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। नक्शा, रेरा प्रमाणपत्र और अग्निशमन विभाग की एनओसी भी जाली दिखाने का आरोप है। जांच में परियोजना को अवैध पाए जाने और एडीए द्वारा उसे पहले ही सील किए जाने की बात सामने आई है।
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आरोप है कि वैध अनुमति के बिना अधूरी और सील इमारत के फ्लैटों के आवंटन पत्र व बिक्री संबंधी कागजात भी ग्राहकों को दिए गए। रजिस्ट्री, स्टांप ड्यूटी और जीएसटी के नाम पर भी अतिरिक्त धनराशि वसूले जाने की शिकायत है। पीड़ित के मुताबिक, रकम वापस मांगने पर संचालकों ने कार्यालय बंद कर दिया और फोन भी बंद कर लिए।
सीओ सर्वम सिंह के मुताबिक पुलिस ने मामले में कमर खान, जेबा, अलीना, रफत सुलेमान और फराज जुबेरी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपों, दस्तावेजों और कथित तौर पर ठगी के शिकार अन्य लोगों के संबंध में जांच कर रही है।