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रि. इंस्पेक्टर से हुई थी सात लाख की साइबर ठगी, बरामद हुए 315 रुपये
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थाना साइबर क्राइम पुलिस ने सात लाख 30 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। लेकिन आरोपी से सिर्फ 315 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा, एक एंड्रॉयड फोन और एक लैपटॉप भी आरोपी से बरामद किया है।
थाना गांधी पार्क क्षेत्र के सराय दुबे में तुलसी अपार्टमेंट में रहने वाले रिटायर्ड पुलिस निरीक्षक रणवीर सिंह ने परिक्षेत्रीय थाना साइबर क्राइम में उनके साथ हुई सात लाख 30 हजार रुपये की साइबर ठगी के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस उपमहानिरीक्षक अलीगढ़ परिक्षेत्र दीपक कुमार ने बताया कि इस मुकदमे की विवेचना के दौरान थाना गंगीरी के गांव हसोना जगमोहनपुर के रहने वाले रूप किशोर का नाम प्रकाश में आया। यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि रूप किशोर अपने साथियों की मदद से साइबर ठगी के पैसे को अपने नाम से बने नोवा पे सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के ई वॉलेट में ट्रांसफर करा कर तुरंत अपने अन्य साथियों के बैंक खाते में ट्रांसफर कर देता था। सभी साक्ष्य हासिल करने के बाद रूप किशोर को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि ठगी से पहले वह स्वयं को ट्रेजरी अधिकारी बताकर रिटायर लोगों का पैसा, पेंशन, ग्रेच्युटी आदि देने के बहाने उनका नाम और अन्य सभी विवरण हासिल कर लिया करता था। साथ ही वह आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते की पूरी जानकारी भी हासिल कर लेता था। इस जानकारी के आधार पर वह अपने साथियों की मदद से ओटीपी पूछ कर रिटायर हुए पुलिसकर्मियों के अकाउंट से पैसा निकाल लेता था और उसे ई वॉलेट में ट्रांसफर कर देता था।
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इस मामले का खुलासा करने वाली टीम में साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र कुमार, सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार, महेश कुमार, कुसुम, लता, कांस्टेबिल विवेक कुमार, अमर कुमार, शीलू आदि शामिल हैं।
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थाना गांधी पार्क क्षेत्र के सराय दुबे में तुलसी अपार्टमेंट में रहने वाले रिटायर्ड पुलिस निरीक्षक रणवीर सिंह ने परिक्षेत्रीय थाना साइबर क्राइम में उनके साथ हुई सात लाख 30 हजार रुपये की साइबर ठगी के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस उपमहानिरीक्षक अलीगढ़ परिक्षेत्र दीपक कुमार ने बताया कि इस मुकदमे की विवेचना के दौरान थाना गंगीरी के गांव हसोना जगमोहनपुर के रहने वाले रूप किशोर का नाम प्रकाश में आया। यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि रूप किशोर अपने साथियों की मदद से साइबर ठगी के पैसे को अपने नाम से बने नोवा पे सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के ई वॉलेट में ट्रांसफर करा कर तुरंत अपने अन्य साथियों के बैंक खाते में ट्रांसफर कर देता था। सभी साक्ष्य हासिल करने के बाद रूप किशोर को गिरफ्तार कर लिया गया।
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पूछताछ में आरोपी ने बताया कि ठगी से पहले वह स्वयं को ट्रेजरी अधिकारी बताकर रिटायर लोगों का पैसा, पेंशन, ग्रेच्युटी आदि देने के बहाने उनका नाम और अन्य सभी विवरण हासिल कर लिया करता था। साथ ही वह आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते की पूरी जानकारी भी हासिल कर लेता था। इस जानकारी के आधार पर वह अपने साथियों की मदद से ओटीपी पूछ कर रिटायर हुए पुलिसकर्मियों के अकाउंट से पैसा निकाल लेता था और उसे ई वॉलेट में ट्रांसफर कर देता था।
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इस मामले का खुलासा करने वाली टीम में साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र कुमार, सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार, महेश कुमार, कुसुम, लता, कांस्टेबिल विवेक कुमार, अमर कुमार, शीलू आदि शामिल हैं।