मामू भांजा प्रकरण: सियासी दखलंदाजी जारी, कड़ी सुरक्षा में मामू भांजा-घास की मंडी, दोनों पक्ष इस बात पर अडिग
संकेत हैं कि एक दो दिन में मृतक परिवार लखनऊ जाकर अपनी बात रख सकता है। वहीं, आजाद समाज पार्टी संस्थापक सांसद चंद्रशेखर भी परिवार से मिलने आ सकते हैं।
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अलीगढ़ महानगर के मिश्रित आबादी वाले मामू भांजा इलाके में चोरी के शक में युवक की पिटाई से मौत का मुद्दा लगातार सियासी रंग लिए हुए है। एक तरफ मृतक परिवार के घर सियासी आवाजाही जारी है। वहीं, आरोपियों के पक्ष में खड़ी भाजपा निर्णय लेने की तैयारी में है। इधर, शहर में कड़े सुरक्षा इंतजाम बरकरार हैं। संकेत हैं कि एक दो दिन में मृतक परिवार लखनऊ जाकर अपनी बात रख सकता है। वहीं, आजाद समाज पार्टी संस्थापक सांसद चंद्रशेखर भी परिवार से मिलने आ सकते हैं।
चौक से घर में पहुंचे मृतक के परिजन
घटना के बाद से कल तक घर के बाहर चौक में बैठे मृतक औरंगजेब के परिजन अब घर के अंदर पहुंच गए हैं। बाहर तनी चांदनी भी हट गई है। परिवार अपनी मांग पर अडिग है। कह रहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे इसी तरह प्रयास करते रहेंगे। उनसे मिलने के लिए एक दो दिन में आजाद समाज पार्टी संस्थापक सांसद चंद्रशेखर आजाद के आने की चर्चाएं हैं। हालांकि, इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं है। इधर, सपा, बसपा व कांग्रेस इस मामले में सरकार को लगातार घेरने की रणनीति बना रही है। इसी क्रम में परिवार को लखनऊ लेकर जाने की तैयारियों की चर्चा है। जिस पर अभी किसी स्तर से कोई पुष्टि नहीं है।
इधर, शहर के पूर्व विधायक स्व.अब्दुल खालिक की बेटी सबिहा खालिक ने रविवार को औरंगजेब के परिवार से मुलाकात कर मुआवजे का मुद्दा उठाया। वहीं, इस मामले में बसपा नेता रजिया खान, इरफान रहम अली आदि ने भी परिवार से मुलाकात कर मुआवजे की मांग उठाई। इस मौके पर उनके साथ डॉ.एहतेशाम, शिकोह, इकबाल खान, रफी मोइन, नौशाद अली, चांद भाई आदि थे।
भाजपा में रणनीति का इंतजार, व्यापारी आक्रोशित
मामले में जेल भेजे गए आरोपियों के बचाव में रणनीति बना रही भाजपा अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। रविवार को भी संघ के सहयोग से कोई रणनीति नहीं बन सकी। अब सोमवार को वार्ष्णेय मंदिर में बैठक होगी। मगर व्यापारी पक्ष इसे लेकर नाराज है। इस मामले में व्यापारी पक्ष अंदरखाने इस बात की तैयारी कर रहा है कि वे अपने स्तर से किसी आंदोलन पर निर्णय लें। जेल गए आरोपियों के परिजन पहले दिन से ही धारा में बदलाव व निर्दोषों को रिहा करने की मांग कर रहे हैं। जिसको लेकर शनिवार को संघ, भाजपा जनप्रतिनिधियों व पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। मगर सहमति नहीं बन सकी थी। रविवार को इस मामले में निर्णय आना था। मगर नहीं आ सका। अब सोमवार को बैठक होगी। इसे लेकर व्यापारियों में नाराजगी है। संकेत हैं कि अगर एक दो दिन में व्यापारियों को राहत मिलती नहीं दिखी तो व्यापारी भाजपा को दरकिनार कर खुद आंदोलन घोषित कर देंगे।
पुलिस तैयार कर रही सूची, भेजे जाने लगे नोटिस
मामले में पुराने शहर के दोनों पक्षों के कुछ चिह्नित लोगों की सूची पुलिस ने तैयार कर ली है। जिन्हें पाबंद करने संबंधी नोटिस भेजे जा रहे हैं। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर यह नोटिस प्रशासन की ओर से भेजे जा रहे हैं। अपर नगर मजिस्ट्रेट, सिटी मजिस्ट्रेट व एडीएम सिटी न्यायालय से सभी को यह नोटिस भेजे जाना शुरू हो गए हैं।
औरंगजेब की हत्या की जांच की मांग, सौंपा ज्ञापन
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी की ओर से ज्ञापन अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय को सौंपा। ज्ञापन में 18 जून को घास की मंडी निवासी मोहम्मद फरीद उर्फ औरंगजेब की मामू भांजे में हुई हत्या की जांच की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया है कि करीब 20 लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। घटना में धारा 302 के साथ-साथ निम्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। सत्ता पक्ष व आरएसएस व बजरंग दल के लोग प्रशासन पर दबाव बनाकर धाराओं को बदलवाना चाह रहे हैं। दबाव के कारणवश अभी तक नामजद व 10-12 अज्ञातों में से कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। शहर विधायक मुक्ता राजा का यह बयान कि लोगों ने औरंगजेब को जिंदा पुलिस को सौंपा था, उसकी पुलिस हिरासत में मृत्यु हुई है। पुलिस प्रशासन पर यह आरोप लगाना बहुत ही निंदनीय है। मजलिस की तरफ से ज्ञापन में मांग की गई है कि पंजीकृत मुकदमे की धाराओं में कोई बदलाव न किया जाए। मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये की सहायता राशि व एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। बचे नामजद व वायरल वीडियो में पहचान कर अज्ञातों की गिरफ्तारी तुरंत की जाए।
इधर, 22 अप्रैल 2024 को गौरव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। थाना हरदुआगंज में नामजद मुकदमा पंजीकृत कराया गया था, अभी तक मामले में गिरफ्तारी नहीं हुई। ज्ञापन देने वालों में यामीन खान अब्बासी जिला अध्यक्ष, बुंदु खान नेताजी महानगर अध्यक्ष आदि मौजूद रहे।