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कोच्चि में तैनात जरैलिया निवासी नौ सैनिक तुषार का मिला शव
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कोच्चि (केरल) स्थित नौ सैनिक अड्डे पर तैनात गांव जरैलिया निवासी नौ सैनिक तुषार का शव मिला है। मंगलवार की सुबह साढ़े चार बजे कोच्चि से नौसेना के अधिकारियों ने फोन कर पिता अशोक कुमार को बताया कि तुषार अब इस दुनिया में नहीं रहा।
घर के इकलौते चिराग की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। हालांकि तुषार की मौत कैसे हुई इसको लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हैं। पिता अशोक कुमार के अनुसार उन्हाेंने कई बार फोन लगाकर पूछा कि तुषार की मौत कैसे हुई? लेकिन नौसेना के अधिकारी सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। परिवार की ओर से किए जा रहे फोन भी रिसीव नहीं कर रहे हैं। बुधवार की शाम पांच बजे तक शव गांव भेजने की बात नौसेना के अधिकारी कर रहे हैं।
उधर तुषार की मौत की खबर पाकर आसपास क्षेत्र के लोग भी जरैलिया गांव पहुंचे। जनप्रतिनिधि भी तुषार के घर पहुंचकर परिवार वालों को ढाढ़स बंधा रहे हैं। सीओ खैर, तहसीलदार खैर, थाना प्रभारी टप्पल भी परिवार को ढाढ़स बंधाने पहुंचे।
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पिता अशोक कुमार के अनुसार करीब ढाई साल पहले तुषार नौसेना में भर्ती हुए थे। वह परिवार के इकलौते चिराग थे। चाचा रोहित के अनुसार तुषार का सपना था कि कुछ समय बाद वह गांव में बढ़िया मकान बनवाएगा।
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घर के इकलौते चिराग की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। हालांकि तुषार की मौत कैसे हुई इसको लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हैं। पिता अशोक कुमार के अनुसार उन्हाेंने कई बार फोन लगाकर पूछा कि तुषार की मौत कैसे हुई? लेकिन नौसेना के अधिकारी सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। परिवार की ओर से किए जा रहे फोन भी रिसीव नहीं कर रहे हैं। बुधवार की शाम पांच बजे तक शव गांव भेजने की बात नौसेना के अधिकारी कर रहे हैं।
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उधर तुषार की मौत की खबर पाकर आसपास क्षेत्र के लोग भी जरैलिया गांव पहुंचे। जनप्रतिनिधि भी तुषार के घर पहुंचकर परिवार वालों को ढाढ़स बंधा रहे हैं। सीओ खैर, तहसीलदार खैर, थाना प्रभारी टप्पल भी परिवार को ढाढ़स बंधाने पहुंचे।
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पिता अशोक कुमार के अनुसार करीब ढाई साल पहले तुषार नौसेना में भर्ती हुए थे। वह परिवार के इकलौते चिराग थे। चाचा रोहित के अनुसार तुषार का सपना था कि कुछ समय बाद वह गांव में बढ़िया मकान बनवाएगा।