AMU: पूरे दिन हुआ हंगामा, कक्षाएं कराई बंद, वीमेंस कॉलेज के गेट पर लगाया ताला, विरोध मार्च निकाला
एएमयू में 2 अगस्त से शुरू हुआ धरना-प्रदर्शन अब भूख हड़ताल में बदल गया है। यूनिवर्सिटी के बाब-ए-सैयद पर छात्र सैयद कैफ हसन और मोहम्मद रैय्यान भूख हड़ताल बैठे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में शुल्क वृद्धि व छात्रसंघ चुनाव को लेकर पिछले सत्रह दिनों से चल रहा आंदोलन 18 अगस्त को उग्र हो गया। गुस्साए छात्र-छात्राओं ने एएमयू के वीमेंस कॉलेज के गेट पर ताला लगा दिया। जब काफी देर तक ताला नहीं खुला तो शिक्षिकाएं और छात्राएं अपने घरों को लौट गईं। यहां कक्षाएं नहीं लगीं। वहीं वार्डन के साथ धक्का-मुक्की की गई। वार्डन ने कुछ छात्राओं की पिटाई भी कर दी। एएमयू में भी कक्षाएं बंद करा दी गईं। कुछ विभागों में ताला लगा दिया गया।
18 अगस्त को सुबह सात बजे से ही विद्यार्थी बाब-ए-सैयद पर इकट्ठा हो गए थे। यहां दो अगस्त से छात्र शुल्क वृद्धि और छात्र संघ चुनाव को लेकर धरने पर बैठे हैं। कुछ ही देर में भारी भीड़ जुट गई। गुस्साए छात्र जुलूस की शक्ल में हिंदी, अंग्रेजी, मनोविज्ञान, उर्दू, इतिहास, भौतिक, रसायन और गणित विभाग में पहुंचे और कक्षाओं को बंद करा दिया। कुछ विभागों में ताले भी लगा दिए। इन विभागों को बंद कराने के बाद विद्यार्थियों की भीड़ जेएन मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेज, पैरामेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज पर पहुंच गई।
पैरामेडिकल कालेज में छात्रों के दो गुटों में टकराव भी हो गया। यहां क्लास में बैठे छात्रों का कहना था कि उनकी हाजिरी कम है लिहाजा वह क्लास करेंगे। मगर आंदोलित छात्र उन्हें बाहर आने को कहते रहे। इस पर नोकझोंक हो गई। बाद में कुछ शिक्षकों ने बीच में पकड़कर मामले को शांत कराया। वहीं एएमयू के वीमेंस कॉलेज को छात्रसंघ चुनाव की मांग कर रहीं छात्राओं ने बंद करा दिया। गेट पर ताला डाल दिया गया। किसी को भी भीतर नहीं जाने दिया। हालात देखकर शिक्षिकाएं और छात्राएं अपने घरों को चली गईं। यहां पढ़ाई नहीं हुई। वहीं शाम को मशाल जुलूस निकाला गया।
शुल्क में 20 फीसदी बढ़ोतरी की गई है। छात्र संघ चुनाव लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार कराए जाएंगे। वीमेंस कॉलेज के गेट पर ताला लगाना और पढ़ाई बंद कराना गलत है। छात्रों को ऐसा नहीं करना चाहिए। - प्रो. मोहम्मद वसीम अली, प्रॉक्टर एएमयू