{"_id":"59e65eae4f1c1b68678b6686","slug":"91508269742-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेढ़ साल से नहीं मिली एमडीएम के सैंपल की जांच रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेढ़ साल से नहीं मिली एमडीएम के सैंपल की जांच रिपोर्ट
Updated Wed, 18 Oct 2017 01:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डेढ़ साल से नहीं मिली एमडीएम के सैंपल की जांच रिपोर्ट
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
समय-समय पर एफडीए द्वारा एमडीएम के नमूने तो लिए जाते हैं, लेकिन पिछले डेढ़ साल से एफडीए ने आज तक जांच रिपोर्ट बीएसए को नहीं दी है। बीएसए का कहना है कि उन्हें पता ही नहीं चल पाता कि आखिर खाने की क्वालिटी क्या थी। प्रभावी कार्रवाई भी इसी वजह से नहीं हो पाती। इस मामले से वह डीएम को भी अवगत करा चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि हाल में ही भांकरी के परिषदीय स्कूल में एमडीएम खाने के बाद दर्जनभर बच्चे बीमार हो गए थे। डीएम ने एफडीए टीम को भोजन की जांच का नमूने लेने के निर्देश दिए थे। एफडीए की टीम ने नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए थे।
इसके अलावा समय-समय पर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के अलावा अन्य विद्यालयों से भी एफडीए द्वारा खाने के नमूने लिए जाते हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट बेसिक शिक्षा महकमे को नहीं भेजी जाती। बीएसए धीरेंद्र कुमार का कहना है कि डेढ़ साल से एफडीए ने उन्हें खाने के नमूने की जांच रिपोर्ट नहीं दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
समय-समय पर एफडीए द्वारा एमडीएम के नमूने तो लिए जाते हैं, लेकिन पिछले डेढ़ साल से एफडीए ने आज तक जांच रिपोर्ट बीएसए को नहीं दी है। बीएसए का कहना है कि उन्हें पता ही नहीं चल पाता कि आखिर खाने की क्वालिटी क्या थी। प्रभावी कार्रवाई भी इसी वजह से नहीं हो पाती। इस मामले से वह डीएम को भी अवगत करा चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि हाल में ही भांकरी के परिषदीय स्कूल में एमडीएम खाने के बाद दर्जनभर बच्चे बीमार हो गए थे। डीएम ने एफडीए टीम को भोजन की जांच का नमूने लेने के निर्देश दिए थे। एफडीए की टीम ने नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए थे।
विज्ञापन
इसके अलावा समय-समय पर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के अलावा अन्य विद्यालयों से भी एफडीए द्वारा खाने के नमूने लिए जाते हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट बेसिक शिक्षा महकमे को नहीं भेजी जाती। बीएसए धीरेंद्र कुमार का कहना है कि डेढ़ साल से एफडीए ने उन्हें खाने के नमूने की जांच रिपोर्ट नहीं दी है।
विज्ञापन