{"_id":"5963d59a4f1c1b200d8b4628","slug":"91499714970-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नमूने फेल, ब्रेड पकौड़े नहीं थे खाने लायक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नमूने फेल, ब्रेड पकौड़े नहीं थे खाने लायक
Updated Tue, 11 Jul 2017 12:59 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नमूने फेल, ब्रेड पकौड़े नहीं थे खाने लायक
ब्यूरो, अमर उजाला
अलीगढ़। गुजरी 30 मई को रेलवे स्टेशन के आसपास से भरे गए ब्रेड पकौड़े बनाने वाले खाद्य पदार्थोें के नमूने जांच में फेल हो गए हैं।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र द्विवेदी ने बताया कि उस दिन ब्रेड पकौड़ा बनाने वाले कल्यान सिंह की दुकान से भरा गया चाट मसाला मानव उपयोग के लिए ठीक नहीं था। गणेश के पास से लिया गया चाट मसाला और सोयाबीन रिफाइंड तेल का नमूना भी फेल हो गया है। तेल अधोमानक का मिला है। चाट मसाला भी खाने योग्य नहीं था। राकेश गुप्ता के यहां से भरा गया पिसा लाल मिर्च पाउडर भी अधोमानक और खाने योग्य नहीं था। अजय कुमार के यहां से लिया गया बेसन का पेस्ट इंसानों के खाने लायक नहीं था। मुकुल के यहां से लिया गया काला नमक भी बेकार हो चुका था। अजय कुमार की दुकान से लिए गए खाद्य पदार्थ के पीले रंग का नमूना भी जांच पर है, अभी इसकी रिपोर्ट नहीं आई है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र द्विवेदी ने बताया कि नमूनों की जांच रिपोर्ट बहुत ही खराब आई है। स्टेशन के आसपास जिन व्यापारियों के यहां से ये नमूने भरे गए। उसकी कोई भी चीज खाने लायक नहीं थी। अब इन सबके विरुद्ध पुलिस रिपोर्ट दर्ज होने के बाद एसीजेएम अदालत में मुकदमा चलेगा और प्रावधानों के अनुसार 10 लाख रुपये तक का जुर्माना और छह महीने की कैद हो सकती है। विभाग इस मामले में पैरवी करेगा और आरोपियों को सजा दिलावाएगा। जिससे खानेपीने की वस्तुओं में इस तरह की घटिया सामग्री का इस्तेमाल रोका जा सके।
विज्ञापन
ब्यूरो, अमर उजाला
अलीगढ़। गुजरी 30 मई को रेलवे स्टेशन के आसपास से भरे गए ब्रेड पकौड़े बनाने वाले खाद्य पदार्थोें के नमूने जांच में फेल हो गए हैं।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र द्विवेदी ने बताया कि उस दिन ब्रेड पकौड़ा बनाने वाले कल्यान सिंह की दुकान से भरा गया चाट मसाला मानव उपयोग के लिए ठीक नहीं था। गणेश के पास से लिया गया चाट मसाला और सोयाबीन रिफाइंड तेल का नमूना भी फेल हो गया है। तेल अधोमानक का मिला है। चाट मसाला भी खाने योग्य नहीं था। राकेश गुप्ता के यहां से भरा गया पिसा लाल मिर्च पाउडर भी अधोमानक और खाने योग्य नहीं था। अजय कुमार के यहां से लिया गया बेसन का पेस्ट इंसानों के खाने लायक नहीं था। मुकुल के यहां से लिया गया काला नमक भी बेकार हो चुका था। अजय कुमार की दुकान से लिए गए खाद्य पदार्थ के पीले रंग का नमूना भी जांच पर है, अभी इसकी रिपोर्ट नहीं आई है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र द्विवेदी ने बताया कि नमूनों की जांच रिपोर्ट बहुत ही खराब आई है। स्टेशन के आसपास जिन व्यापारियों के यहां से ये नमूने भरे गए। उसकी कोई भी चीज खाने लायक नहीं थी। अब इन सबके विरुद्ध पुलिस रिपोर्ट दर्ज होने के बाद एसीजेएम अदालत में मुकदमा चलेगा और प्रावधानों के अनुसार 10 लाख रुपये तक का जुर्माना और छह महीने की कैद हो सकती है। विभाग इस मामले में पैरवी करेगा और आरोपियों को सजा दिलावाएगा। जिससे खानेपीने की वस्तुओं में इस तरह की घटिया सामग्री का इस्तेमाल रोका जा सके।
विज्ञापन