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भारत, चीन, अमेरिका में लोगों के जीवन संतुष्टि में आई गिरावट : डॉ. देसाई
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
किसी प्रियजन की मृत्यु, कार्य स्थल या स्कूल में दबाव, गंभीर बीमारी या दुर्घटनाएं, हमले या किसी भी अन्य दर्दनाक घटना की वजह से समाज में तनाव पैदा होता है, तो ऐसी स्थिति से निपटने के लिए अपने भीतर इनका मुकाबला करने की जरूरत है।
ये बातें इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज नई दिल्ली के निदेशक डॉ. निमेष देसाई ने एएमयू के अजमल खां तिब्बिया कॉलेज के इलाज बित तदबीर विभार की ओर से कॉपिंग विद स्ट्रेस विद रिसाइलिएंट एंड क्लासिकल रेजिमेंस विषय पर आयोजित कार्यशाला कम सिम्पोजियम में बतौर मुख्य अतिथि ने कहीं। उन्होंने कहा कि भले ही हाल में दुनिया में विकास की रफ्तार बढ़ी हो या गरीबी में कमी आई हो, लेकिन भारत सहित अमेरिका व चीन आदि देशों में जीवन संतुष्टि में अभूतपूर्व गिरावट आई है।
कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि तनाव सात साल की उम्र में ही शुरू हो जाता है, जब बच्चों पर अपने स्कूल में उत्कृष्ट प्रदर्शन की अपेक्षा पर दबाव डाला जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अलीगढ़ के अतिरिक्त निदेशक डॉ. शंकरलाल सारस्वत, यूनानी मेडिसन संकाय के डीन प्रोफेसर खालिद जमा खान, एके तिब्बिया कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. सऊद अली खान, प्रो. एमएमएच सिद्दीकी ने विचार व्यक्त किए। इलाज बित तदबीर विभार की अध्यक्ष प्रो. आसिया सुलताना ने स्वागत भाषण दिया। आभार प्रोफेसर एम अनवर ने जताया। संचालन डॉ. एम अनस ने किया।
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किसी प्रियजन की मृत्यु, कार्य स्थल या स्कूल में दबाव, गंभीर बीमारी या दुर्घटनाएं, हमले या किसी भी अन्य दर्दनाक घटना की वजह से समाज में तनाव पैदा होता है, तो ऐसी स्थिति से निपटने के लिए अपने भीतर इनका मुकाबला करने की जरूरत है।
ये बातें इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज नई दिल्ली के निदेशक डॉ. निमेष देसाई ने एएमयू के अजमल खां तिब्बिया कॉलेज के इलाज बित तदबीर विभार की ओर से कॉपिंग विद स्ट्रेस विद रिसाइलिएंट एंड क्लासिकल रेजिमेंस विषय पर आयोजित कार्यशाला कम सिम्पोजियम में बतौर मुख्य अतिथि ने कहीं। उन्होंने कहा कि भले ही हाल में दुनिया में विकास की रफ्तार बढ़ी हो या गरीबी में कमी आई हो, लेकिन भारत सहित अमेरिका व चीन आदि देशों में जीवन संतुष्टि में अभूतपूर्व गिरावट आई है।
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कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि तनाव सात साल की उम्र में ही शुरू हो जाता है, जब बच्चों पर अपने स्कूल में उत्कृष्ट प्रदर्शन की अपेक्षा पर दबाव डाला जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अलीगढ़ के अतिरिक्त निदेशक डॉ. शंकरलाल सारस्वत, यूनानी मेडिसन संकाय के डीन प्रोफेसर खालिद जमा खान, एके तिब्बिया कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. सऊद अली खान, प्रो. एमएमएच सिद्दीकी ने विचार व्यक्त किए। इलाज बित तदबीर विभार की अध्यक्ष प्रो. आसिया सुलताना ने स्वागत भाषण दिया। आभार प्रोफेसर एम अनवर ने जताया। संचालन डॉ. एम अनस ने किया।
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