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प्रणव दा का एएमयू से दिल का नाता
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को भारत रत्न सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। इसकी खबर आने के बाद एएमयू में हर्ष का माहौल है। कुलपति प्रो. तारिक मंसूर, सह कुलपति प्रो. एम हनीफ बेग एवं पीआरओ आफिस के मेंबर इंचार्ज प्रो. शाफे किदवई ने प्रणव दा को भारत रत्न देने का निर्णय का स्वागत किया है।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का एएमयू से गहरा नाता है। यह संस्थान हमेशा उनके दिल के करीब रहता है। एएमयू के मुर्शिदाबाद केंद्र खुलवाने में उनका अहम योगदान है। उन्होंने स्वयं उसकी नींव रखी थी। वित्त मंत्री रहते हुए उन्होंने एएमयू के केंद्रों के लिए पहली बार धन आवंटित किया था। पूर्व कुलपति प्रो. पीके अब्दुल अजीज के जमाने में वह विदेश मंत्री रहते हुए एएमयू में आए थे।
राष्ट्रपति के रूप में 27 दिसंबर 2013 को एएमयू में आए थे। उस समय ले. जनरल (सेवानिवृत्त) जमीरउद्दीन शाह कुलपति एवं प्रो. शबाहत हुसैन सोशल साइंस संकाय के डीन थे। उन्होंने यहां इंडियन सोशल साइंस कांग्रेस का उद्घाटन किया था। 17 अक्तूबर 2017 को वह एएमयू में आयोजित सर सैयद डे समारोह में बतौर मुख्यमंत्री शामिल हुए। एएमयू के छात्र, शिक्षक, कर्मचारी एवं अधिकारी भी उन्हें श्रद्धा एवं सम्मान की नजर से देखते हैं।
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पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को भारत रत्न सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। इसकी खबर आने के बाद एएमयू में हर्ष का माहौल है। कुलपति प्रो. तारिक मंसूर, सह कुलपति प्रो. एम हनीफ बेग एवं पीआरओ आफिस के मेंबर इंचार्ज प्रो. शाफे किदवई ने प्रणव दा को भारत रत्न देने का निर्णय का स्वागत किया है।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का एएमयू से गहरा नाता है। यह संस्थान हमेशा उनके दिल के करीब रहता है। एएमयू के मुर्शिदाबाद केंद्र खुलवाने में उनका अहम योगदान है। उन्होंने स्वयं उसकी नींव रखी थी। वित्त मंत्री रहते हुए उन्होंने एएमयू के केंद्रों के लिए पहली बार धन आवंटित किया था। पूर्व कुलपति प्रो. पीके अब्दुल अजीज के जमाने में वह विदेश मंत्री रहते हुए एएमयू में आए थे।
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राष्ट्रपति के रूप में 27 दिसंबर 2013 को एएमयू में आए थे। उस समय ले. जनरल (सेवानिवृत्त) जमीरउद्दीन शाह कुलपति एवं प्रो. शबाहत हुसैन सोशल साइंस संकाय के डीन थे। उन्होंने यहां इंडियन सोशल साइंस कांग्रेस का उद्घाटन किया था। 17 अक्तूबर 2017 को वह एएमयू में आयोजित सर सैयद डे समारोह में बतौर मुख्यमंत्री शामिल हुए। एएमयू के छात्र, शिक्षक, कर्मचारी एवं अधिकारी भी उन्हें श्रद्धा एवं सम्मान की नजर से देखते हैं।
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